Submit your post

रोजाना लल्लनटॉप न्यूज चिट्ठी पाने के लिए अपना ईमेल आईडी बताएं !

Follow Us

अब तक के 13 एशिया कप की 13 इंटरेस्टिंग कहानियां

15 से 28 सितंबर के बीच यूएई में एशिया कप खेला जा रहा है.

1.41 K
शेयर्स

इंटरनेशनल क्रिकेट में वनडे क्रिकेट को आए हुए एक दशक से ज्यादा वक्त हो चुका था. तीन वर्ल्ड कप भी गुजर चुके थे. मगर एशिया का अपना कोई क्रिकेट टूर्नामेंट अभी तक शुरू नहीं हुआ था. 1984 में फिर एशियन क्रिकेट काउंसिल बनी, जिसका दफ्तर शाहजाह में था. उस वक्त एशिया में तीन ही क्रिकेट प्लेइंग नेशन्स थे. इंडिया, श्रीलंका और पाकिस्तान. इंडिया ने साल भर पहले ही अपना पहला वर्ल्ड कप जीता था, श्रीलंका अभी दो साल पहले ही अपना पहला टेस्ट खेली थी और पाकिस्तान में तेजी से क्रिकेट उभर रहा था. अब क्रिकेट की इन तीनों उभरती ताकतों को एक मैदान पर आपस में भिड़ना था जिसे एशिया कप का नाम दिया गया. यहां टीमों को एक दूसरे के साथ एक एक मैच खेलना था. तब से अब तक एशिया कप कई मजेदार और यादगार क्रिकेट लम्हों का गवाह बन चुका है. एक नजर एशिया कप के इस सफर पर-  

#1. गावस्कर की टीम इंडिया बनाम पाकिस्तान

इंडिया की तरफ से सुनील गावस्कर ने उस कप में कप्तानी की थी क्योंकि वर्ल्ड कप जीत कर आई टीम से कपिल देव, के श्रीकांत, सैयद किरमानी और मोहिंदर अमरनाथ को रेस्ट दी गई थी. उनकी जगह टीम में मनोज प्रभाकर, चेतन शर्मा और सुरिंद्र खन्ना को जगह मिली थी. इंडिया ने पाकिस्तान को उधर पाकिस्तान की टीम ने भी इमरान खान और जहीर अब्बास सरीखे प्लेयर्स को रेस्ट दिया था. यहां इंडिया के रोजर बिन्नी और रवि शास्त्री ने पाकिस्तान के 3-3 विकेट लिए और पूरी टीम 40वें ओवर में ही 134 के स्कोर पर ऑल आउट हो गई. इंडिया ये मैच 54 रन से जीत गई.

#2. श्रीलंका नहीं गई टीम इंडिया

1986 में एशिया कप का दूसरा सीजन श्रीलंका में होना था. इंडिया के श्रीलंका के साथ रिश्ते गड़बड़ा चुके थे. श्रीलंका में माहौल खराब था इसलिए भारत सरकार ने इंडियन क्रिकेट टीम सुरक्षा के लिहाज से श्रीलंका जाकर खेलने की इजाजत नहीं दी. भारत के बिना टूर्नामेंट में वो रोमांच नहीं रहा. फिर श्रीलंका, पाकिस्तान के अलावा बांग्लादेश को इस टूर्नामेंट में जगह मिली. फाइनल में श्रीलंका ने पाकिस्तान को हराकर ये कप जीता था.

#3. ढाका में सिद्धू बने स्टार

साल 1988. एशिया कप के तीसरे सीजन की मेजबानी बांग्लादेश को मिली. भयंकर बाढ़ और तूफान से परेशान इस देश में हो रहा ये पहला बड़ा क्रिकेट इवेंट था. इंडिया ने यहां श्रीलंका को फाइनल में हरा दिया और दूसरी बार एशिया कप टाइटल जीता. नवजोत सिंह सिद्धू ने फाइनल में 76 रनों की पारी खेलकर मैच के हीरो रहे थे.

Kapil1
कपिल देव.

#4. कोलकाता में कपिल की हैट्रिक

अगला एशिया कप इंडिया में हुआ. साल था 1990. इंडिया और पाकिस्तान के बीच आपसी रिश्ते और खराब हो चुके थे. इस बार पाकिस्तान ने इंडिया आने से मना कर दिया. इंडिया ने फिर श्रीलंका को हरा दिया और तीसरी बार एशिया कप जीत लिया. ये वो दौर था जब सचिन तेंडुलकर ने क्रिकेट में उभरना शुरू किया था. फाइनल मुकाबले में सचिन ने 53 और संजय मांजरेकर ने 75 रनों की नाबाद पारी खेली थी. मगर कपिल देव ने कोलकाता के ईडन गार्डन्स में 75000 दर्शकों से सामने जब वो पहली हैट्रिक ली थी तो मानों पूरा देश क्रिकेट का कायल हो गया था. इंडिया ने फाइनल में श्रीलंका को 7 विकेट से हराया था.

#5. फिर शारजाह पहुंचा क्रिकेट

एशिया के दो बड़े क्रिकेट प्लेइंग नेशन्स यानी इंडिया और पाकिस्तान के बीच खराब राजनैतिक रिश्तों के चलते 1993 में एशिया कप कैंसल ही हो गया. अब था साल 1995. इस कप का पांचवां संस्करण. एक बार फिर शारजाह को वैन्यू बनाया गया क्योंकि इंडिया और पाकिस्तान को यहां खेलने में दिक्कत नहीं थी. ये वो साल था जब सचिन तेंडुलकर इंडियन बैटिंग और जवागल श्रीनाथ इंडियन बॉलिंग के पोस्टर बॉय बने थे. इंडिया पहला मैच पाकिस्तान से हार गई थी, इसके बावजूद अपने बेहतर रन रेट ने इंडिया को फाइनल में जगह दिलवा दी. जहां श्रीलंका से मुकाबला था. पहले श्रीलंका ने 230 बनाए और फिर इंडिया की तरफ से सिद्धू ने 84 रन, अजहरुद्दीन ने 89 गेंदों पर 90 और सचिन ने 41 रनों की पारियां खेलीं और 42वें ओवर में ही मैच जीत लिया. इंडिया ने एशिया कप चौथी बार कब्जा लिया. सिद्धू मैन ऑफ द सीरीज रहे थे.

Jaysuriya
मर्वन अटापट्टू और सनथ जयसूर्या.

#6. श्रीलंका की आंधी में कोई नहीं टिका

अगला सीजन 1997 में हुआ. श्रीलंका इसकी होस्ट थी और 1996 का वर्ल्ड कप जीतकर आई थी. सनथ जयसूर्या और मर्वन अटापट्टू की जोड़ी का जलवा था. हालांकि इंडिया अपना पहला मैच श्रीलंका के खिलाफ हार गई थी फिर भी फाइनल तक पहुंचने में सफल रही थी. थैंक्स टू सौरव गांगुली. बांग्लादेश के खिलाफ 131 रनों के टारगेट को सिर्फ 15 ओवरों में हासिल कर इंडिया पाकिस्तान से रन रेट के मामले में आगे निकल गई थी जिसमें गांगुली ने 52 गेंदों पर 73 रन मारे थे. मगर फाइनल में श्रीलंका बख्शने के मूड में नहीं थी. पहले बैटिंग करते हुए इंडिया ने 239 रन बनाए जिसे श्रीलंका ने 37 ओवरों में ही पार कर लिया. जयसूर्या ने 52 गेंदों पर 63 और अटापट्टू ने 101 गेंदों पर 84 रन कूटे थे. यहां पहली बार फाइनल में श्रीलंका ने इंडिया को पटखनी दे दी.

#7. पहली बार फाइनल तक नहीं पहुंची इंडिया

साल 2000 में अगला सीजन बांग्लादेश में हुआ और पहली बार इंडिया फाइनल में नहीं पहुंच पाई. पाकिस्तान के खिलाफ मैच में इंडिया की पहले बॉलिंग पिटी और युसुफ योहाना जो अब मोहम्मद युसुफ हो गए हैं, ने 100 और कप्तान मोइन खान ने 46 रनों की पारियां खेल स्कोरबोर्ड पर 295 रन टांग दिए थे. जब इंडिया की बैटिंग आई को अजय जडेजा के 93 रनों की पारी के अलावा कोई नहीं चला. इंडिया ये मैच 44 रनों से हारकर बाहर हो गई. यहां फाइनल में पाकिस्तान ने श्रीलंका को हराकर एशिया कप जीत लिया.

#8. श्रीलंका की बादशाहत बरकरार

एशिया कप अब बदले फॉरमेट के साथ साल 2004 में श्रीलंका में हुआ. यूएई और हॉन्गकॉन्ग की टीमें भी इसमें शामिल हो गईं. पहली बार टूर्नामेंट में तीन स्टेज बनाई गईं- ग्रुप स्टेज, सुपर फॉर और फाइनल. इंडिया और श्रीलंका फाइनल में पहुंचे और कोलंबो के मैदान पर इंडिया एक बार फिर फाइनल हारी. 229 के टारगेट का पीछा करते हुए इंडियन टीम 203 पर ही पहुंच पाई. सचिन के 74 रनों के अलावा किसी का बल्ला नहीं चला.

Mendis
अजंथा मेंडिस.

#9. अजंता मेंडिस के फेर में फंसी टीम इंडिया 

अगला मौका 2008 का था और पाकिस्तान की टीम मेजबानी कर रही थी. टीम इंडिया पाकिस्तान गई औऱ फाइनल में पहुंची. मगर यहां फिर सामना श्रीलंका से था और कराची के उस मैदान पर 274 रनों का लक्ष्य टीम इंडिया के सामने था. जयसूर्या ने ताबड़तोड़ 125 रन बनाकर इंडिया के हौंसले थोड़े पस्त जरूर किए थे मगर अंजता मेंडिस ने अपनी फिरकी में इंडियन बैटिंग को कुछ ऐसा फंसाया कि टीम इंडिया टारगेट से 100 रन पहले ही दम तोड़ गई. मेंडिस ने 8 ओवरों में 13 रन देकर 6 विकेट झटके थे. ये एशिया कप में अब तक का सबसे बेहतरीन बॉलिंग फिगर है.

#10. श्रीलंका से हार का बदला, उसी के अंदाज में

2010 में चार ही देश इसमें खेले औऱ 15 साल के गैप के बाद इंडिया ने एशिया कप जीता. फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ इंडिया ने 50 ओवरों में 268 रन बनाए और जवाब में लंका को उसी अंदाज में ऑल आउट किया जैसे पिछले पिछली बार हम लोग हुए थे. आशीष नेहरा ने 4 विकेट और जहीर खान ने 2 विकेट लिए थे. इंडिया ये मैच 81 रनों से जीती थी. वैसे उस सीजन में वीरेंद्र सहवाग ने बांग्लादेश के खिलाफ 2.5 ओवरों में 6 रन देकर 4 विकेट लिए थे जो एशिया कप में अभी तक का बेस्ट बॉलिंग स्ट्राइक रेट है.

#11. विराट कोहली के 183 

2012 में इसकी मेजबानी बांग्लादेश ने की. ये टूर्नामेंट भले ही पाकिस्तान ने जीता हो मगर असरी हीरो बांग्लादेश की टीम रही थी. पहले इंडिया को हराया फिर श्रीलंका को पटक दिया. विराट कोहली ने पाकिस्तान के खिलाफ 148 गेंदों पर 183 रनों की पारी खेली मगर टीम फाइनल तक नहीं पहुंच पाई. कोहली का ये स्कोर आज भी एशिया कप में बना सबसे बड़ा वनडे स्कोर है. फाइनल में भी बांग्लादेश पाकिस्तान को हराने वाला था मगर आखिरी मौके पर पाकिस्तान ने मैच 2 रन से जीत बचा लिया.

Kolhi1
विराट कोहली ने रिकॉर्ड पारी खेली थी.

# 12. फिर हारी टीम इंडिया

2014 में अफगानिस्तान को पहली बार इसमें एंट्री मिली. ढाका मे हुए उस कप में इंडिया ने बांग्लादेश और अफगानिस्तान से मैच जीते मगर श्रीलंका और पाकिस्तान से हार गई और कप से बाहर हो गई. फाइनल में श्रीलंका ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हरा दिया.

#13. T-20 में अजय रही इंडिया

2016 का एशिया कप एक बार फिर ढाका में हुआ. इस बार इसका फॉरमेट बदलकर टी20 हो गया और आईसीसी ने ये तय किया कि एशिया कप रोटेशन बेसिस पर होगा.यानी एक सीजन टी20 और दूसरा वनडे. कप्तान धोनी की कप्तानी में टीम एक भी मैच नहीं हारी. फाइनल में बांग्लादेश को 8 विकेट से हराकर टीम ये टाइटल जीती.


क्रिकेट पर लल्लनटॉप वीडियो भी देखें:

लल्लनटॉप न्यूज चिट्ठी पाने के लिए अपना ईमेल आईडी बताएं !

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें
Exciting history of Asia Cup : From 1984 to 2018

पोस्टमॉर्टम हाउस

फिल्म रिव्यू: बत्ती गुल मीटर चालू

हमारी सोच के ठीक विपरीत कहानी कहती है ये फिल्म. हम जो नहीं करना चाहते, ये फिल्म करती है.

फिल्म रिव्यू: मंटो

नवाजुद्दीन फिर से अपनी एक्टिंग का जादू चलाने आ गए हैं.

ये फिल्म बताती है कि आत्महत्या के बारे में सोच रहे किसान के दिमाग में क्या चलता है?

जिस बारिश को रोमांटिक मानने का चलन है, वो कई किसानों को फांसी लेने पर मजबूर कर देती है.

कोक स्टूडियो के दीवानों के लिए मंटों का म्यूज़िक एल्बम एक ट्रीट है

एल्बम काले रंग से बनी उम्मीद की खूबसूरत तस्वीर है.

पटाखा' के म्यूज़िक से गुलज़ार और विशाल भारद्वाज की जोड़ी 2018 में फिर टॉप पर पहुंच जाएगी!

'आजा नेटवर्क के भीतर, मेरे व्हाट्सएप के तीतर'

फिल्म रिव्यू: मनमर्ज़ियां

तापसी पन्नू और विकी कौशल ने कहर ढा दिया है मितरों...

फिल्म रिव्यू: लव सोनिया

ये फिल्म एक सोशल ड्रामा है, जिसमें मुद्दे से भटके बिना अपनी बात कही गई है.

एलिजाबेथ एकादशी: एक सायकल बचाने के लिए दो बच्चों का तगड़ा संघर्ष

ये स्वीट फिल्म मिस नहीं करनी चाहिए.

अक्षय कुमार के साथ रजनीकांत की फिल्म '2.0' में क्या अन्याय किया गया है?

डायरेक्टर शंकर की इस बड़ी फिल्म के टीज़र की वो बातें जो निगाह से छूट गई होंगी.

फ़िल्म रिव्यू: पलटन

मूवी चीख-चीख के कहती है कि मुझे 5 या 10 में से नहीं 'बॉर्डर' में से मार्क्स दो!