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'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' की मेकिंग की 21 बातें जो कलेजा ठंडा कर देंगी!

1995 में यशराज फिल्म्स की स्थापना के 25वें साल में ये फिल्म रिलीज हुई. यश चोपड़ा के बड़े बेटे आदित्य चोपड़ा की बतौर निर्देशक पहली फिल्म. इतिहास के पन्नों में अमर होने वाली और प्यार करने का कल्चर बदल देने वाली.

#1. ज्यूरिख़ में शराब के नशे में ‘ज़रा सा झूम लूं मैं’ गाना गाने के बाद सुबह जब सिमरन जागती है तो शाहरुख का कैरेक्टर राज कहता है कि रात को उनके बीच सबकुछ हो गया और वे किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहे. इस फेमस सीन में शाहरुख के सीने पर लिपस्टिक वाले होठों के निशान होते हैं. असल में ये निशान ख़ुद काजोल ने बनाए थे.

#2. शाहरुख़ ने फिल्म में लेदर का काला जैकेट पहना था जो युवाओं के बीच फैशन बन गया था. इसे उदय चोपड़ा ने अमेरिका के कैलिफोर्निया में हार्ले-डेविडसन के एक स्टोर से 400 डॉलर में ख़रीदा था. बाद में शाहरुख ने इसे संभालकर रखा.

#3. 1995 के सितंबर में आमिर खान की फिल्म ‘रंगीला’ रिलीज हुई और अक्टूबर में ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’. अगले साल फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में दोनों ही फिल्में प्रमुख श्रेणियों में साथ नामांकित हुईं. खासकर बेस्ट एक्टर की श्रेणी में शाहरुख-आमिर आमने सामने थे. खास बात ये थी कि कभी बॉलीवुड अवॉर्ड्स में न जाने वाले आमिर भी इसमें आए थे. उन्हें पूरा यकीन था कि वे ही जीतेंगे लेकिन शाहरुख को अवॉर्ड मिला. शाहरुख वैसे भी संबंधित मैगजीन के काफी करीबी हैं. बताया जाता है कि इसी दिन के बाद से आमिर ने फिल्म पुरस्कारों में जाना बंद कर दिया.

#4. शाहरुख ख़ान ने राज नाम के किरदार करियर में सबसे ज्यादा किए हैं और एनआरआई दर्शकों के बीच ये नाम ख़ासा लोकप्रिय है. डीडीएलजे से ही शाहरुख इस नाम में लोकप्रिय हुए. ये नाम रणबीर कपूर के दादा और दिग्गज फिल्मकार राज कपूर के नाम पर रखा गया था. इसे रखा था निर्देशक आदि ने जो राज कपूर के बड़े फैन हैं.

#5. इस फिल्म में ‘मेहंदी लगा के रखना’ गाना नहीं होना था. इसे यश चोपड़ा की किसी अन्य फिल्म के लिए बनाया गया था लेकिन बाद में यू़ज़ किया गया. इस गाने में काजोल की कैरेक्टर सिमरन हरे रंग के जोड़े में नजर आती हैं. ये रंग मनीष मल्होत्रा ने चुना था जबकि आदि इसके खिलाफ थे क्योंकि पंजाबी दुल्हनें लाल या पिंक जैसे रंगों के जोड़े पहनती हैं. वैसे अपनी शादी में भी काजोल ने हरे रंग की महाराष्ट्रियन साड़ी पहनी थी.

#6. पहले हीरो का रोल हॉलीवुड एक्टर टॉम क्रूज़ के लिए लिखा गया था. निर्देशक आदि की कहानी में हिंदुस्तानी लड़की को अमेरिकी से प्यार हो जाता है. लेकिन बाद में पापा यश चोपड़ा के कहने पर आदि ने इंडियन हीरो लिखा.

#7. फिल्म का नाम ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ किरण खेर ने सुझाया था. क्रेडिट्स में उन्हें इसका श्रेय भी दिया गया है. 1974 में आई फिल्म ‘चोर मचाए शोर’ में ‘ले जाएंगे ले जाएंगे दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ गाना भी था जिसे डीडीएलजे में एक जगह अंताक्षरी में गाया जाता है. इसके अलावा 1980 में भी इसी नाम वाली एक रोमांटिक फिल्म रिलीज हुई थी.

#8. आदि और यश जी फिल्म में एक्शन दृश्य नहीं रखना चाहते थे. शाहरुख ने उन्हें कहा कि फिल्म में एक्शन रखें. कथित तौर पर शाहरुख कहते थे डीडीएलजे हिट इसलिए हुई क्योंकि क्लाइमैक्स में मार धाड़ के दृश्य डाले गए.

#9. ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ इंडिया की पहली फिल्म थी जिसकी मेकिंग की आधे घंटे की डॉक्यूमेंट्री टीवी पर दिखाई गई थी. इसे दूरदर्शन पर प्रसारित किया गया. इसे करण जौहर और उदय चोपड़ा ने मिलकर एडिट किया था. करण जौहर ने कहा, इसे बनाना ऐसा था जैसे वे अपनी पहली फिल्म बना रहे हैं.

#10. फिल्म के गाने ‘तुझे देखा तो ये जाना सनम’ के एक हिस्से की शूटिंग हरियाणा के एक गांव में की गई. शूटिंग के लिए पंचायत से मंजूरी ले ली गई थी लेकिन ऐन वक्त पर वहां के लोग बिगड़ गए. वे शूटिंग रुकवा रहे थे कि शाहरुख बीच में आए और उन्होंने दिल्ली वाली हरियाणवी बोलकर मामला शांत करवाया.

#11. अनुपम खेर ने राज के कूल डैड का रोल किया किया था लेकिन असल में वे अमरीश पुरी वाला रोल करना चाहते थे. उन्होंने आदि से कहा था कि सिमरन के पिता का बड़ा रोल उन्होंने पुरी को क्यों दिया? लेकिन आदि ने उन्हें वो रोल नहीं दिया और खेर को धरमवीर मल्होत्रा ही बनना पड़ा.

#12. पहले राज का रोल सैफ अली ख़ान को ऑफर किया गया था. लेकिन उन्होंने मना कर दिया. सलमान ख़ान और आमिर ख़ान को भी ये रोल पेश किया गया था.

#13. अंत में शाहरुख को इसकी स्क्रिप्ट सुनाई गई लेकिन उन्होंने भी मना कर दिया. वे रोमांटिक रोल नहीं करना चाहते थे. वे तब नेगेटिव रोल्स में ही चल रहे थे. बाद में उन्हें यश चोपड़ा ने कहा कि अगर वे रोमांटिक फिल्म नहीं करेंगे तो कभी भी बड़े स्टार नहीं बनेंगे. इसके बाद शाहरुख ने ये फिल्म साइन की.

#14. रेलवे स्टेशन वाले आखिरी सीन में घर के प्रमुख लोग मौजूद होते हैं लेकिन हिमानी शिवपुरी का कम्मो का कैरेक्टर नहीं. स्क्रिप्ट के मुताबिक उन्हें भी वहां होना था लेकिन उनके पति की मृत्यु हो गई थी.

#15. ‘मेरे ख़्वाबों में जो आए’ फिल्म में काजोल की एंट्री वाला गाना होता है. इसमें वे तौलिये में नाचती नजर आती हैं. पहले वे सख़्त ख़िलाफ थीं. उन्होंने आदि से बहस की कि इतने वक्त तक कोई लड़की तौलिये में क्यों नाचेगी और वे कम कपड़ों में नाचने वाली हीरोइन नहीं हैं. बाद में आदि ने कहा कि गाना दिखने में सुंदर और अच्छा लगेगा तब वे मान गईं.

#16. इसी गाने के आखिरी हिस्से में काजोल सफेद शॉर्ट टॉप और शॉर्ट स्कर्ट पहन बरसात में नाचती हैं. पहले ये स्कर्ट बहुत लंबी थी लेकिन आदि के कहने पर कॉस्ट्यूम डिजाइनर मनीष मल्होत्रा ने उसे काटा. आखिर में वो बहुत छोटी हो गई और उसी के साथ गाना शूट हुआ.

#17. परमीत सेठी ने कहानी में सिमरन के होने वाले पति कुलजीत का रोल किया था. इसका स्क्रीन टेस्ट अरमान कोहली ने भी दिया था लेकिन परमीत को मिला क्योंकि वे टेस्ट में बूट, जींस और वेस्टकोट पहनकर आए थे.

#18. राज के कूल डैड का रोल असल में यश चोपड़ा के व्यक्तित्व पर आधारित था. आदि ने अपने पिता के व्यवहार और व्यक्तित्व को देखते हुए धर्मवीर मल्होत्रा का रोल लिखा. यश चोपड़ा की पत्नी पामेला के मुताबिक वे अपने बच्चों के पिता नहीं बल्कि दोस्त बनने में यकीन रखते थे और यही फिल्म में दर्शकों ने बहुत पसंद किया.

#19. आदित्य चोपड़ा और करण जौहर को अनुपम ख़ेर ने जुलाई 1994 में ‘हम आपके हैं कौन’ के ट्रायल शो में बुलाया था. दोनों गए. दोनों को फिल्म बहुत पसंद आई. करण जौहर की ये फेवरेट फिल्म बन गई और आदित्य चोपड़ा भी बहुत प्रभावित हुए. वहीं इस फिल्म के निर्देशक सूरज बड़जात्या अगले साल रिलीज हुई आदि की ‘डीडीएलजे’ से बहुत अधिक प्रभावित हुए. एक समय ऐसा था जब वे हर हफ्ते इस फिल्म को देखते थे. ये भी कहा जाता है कि वे अपनी हर नई फिल्म शुरू करने से पहले ‘डीडीएलजे’ जरूर देखते हैं.

#20. जब राज फेल हो जाता है तो उसके डैड (अनुपम खेर) नाराज नहीं होते, बल्कि खुश होते हैं. वे दीवार पर टंगी अपने पुरखों की तस्वीरों की ओर इशारा कर-करके बताते हैं कि वो उन्हीं के नक्शेकदम पर चल रहा है. इस सीन में अनुपम खेर ने अपने असली चाचा लोगों के नाम लिए थे जो पढ़ाई में अच्छे नहीं थे.

#21. फराह ख़ान ने ‘रुक जा ओ दिल दीवाने’ गाने को कोरियोग्राफ किया था. वे अन्य गानों को भी डायरेक्ट करने के लिए यूरोप जाने वाली थीं लेकिन जा नहीं सकीं क्योंकि उनकी डेट्स नाना पाटेकर ने बुक कर रखी थीं.

 

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