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साक्षी महाराज की ये बातें उन्हें बीजेपी का सबसे चौचक नेता बनाती हैं

साक्षी महाराज जंजीर की एक कड़ी जैसे हो गए हैं. जंजीर की कड़ी का शेप तो देखा ही होगा. दो U को एक में जोड़ दो तो वो एक कड़ी बन जाती है. अमा फोटो देख लो तो क्लियर हो जाएगा.

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हां तो साक्षी महाराज इसलिए कड़ी हैं क्योंकि उनके यू टर्न अब इस शेप में आ चुके हैं. राम रहीम वाले फैसले पर पहले तो कोर्ट को ही कठघरे में खड़ा कर दिया. अब यूटर्न मार के कह रहे हैं कि धर्म और आस्था के नाम पर चल रहे सभी डेरों की जांच होनी चाहिए. दोषियों पर कायदे से एक्शन लेना चाहिए. उम्मीद है कि महाराज का सेंसर तब काम किया जब उनको पता चला कि छीछालेदर हो जाएगी. उनको एहसास हुआ होगा कि उनकी पार्टी के बाकी नेता जैसे फेविकोल पीकर बैठे हैं, उन्हें भी बैठना चाहिए. खैर, उन्हें जो भी समझ में आया हो, हम उनके भी रिकॉर्ड के बारे में बात कर लेते हैं. नहीं तो कल को कुछ होगा तो कहोगे कि अब अचानक कैसे सारे गड़े मुर्दे उखाड़ रहे हो. पहले ही उखाड़ देते हैं.

साक्षी महाराज पर आरापों की लिस्ट

जब बयान नहीं थे सिर्फ जुबान थी
जब बयान नहीं थे सिर्फ जुबान थी

1. 1990 में बीजेपी के साथ पॉलिटिकल करियर की शुरुआत करने वाले साक्षी महाराज रामजन्मभूमि आंदोलन में शामिल थे. बाबरी गिराने में उन पर भी केस चला था.

2. 1997 में महाराज जी फर्रुखाबाद से सांसद थे. उसी दौरान एक मर्डर केस में नाम कमाया. ब्रह्मदत्त द्विवेदी नाम के बीजेपी लीडर थे, उनकी हत्या में महाराज जी के खिलाफ शिकायत हुई थी. बाद में क्लीनचिट मिल गई.

3.1999 में फिर फर्रुखाबाद सीट से चुनाव लड़ने का प्लान था जिस पर बीजेपी ने वाइटनर पोत दिया. टिकटवा ही काट दिया. बीजेपी से कट्टी करके समाजवादी पार्टी से नत्थी हो गए. 2000 में सपा ने इनको राज्यसभा में भेजा. इसी साल इन्होंने एक गैंगरेप केस में नाम कमाया. इनके साथ दो भतीजे भी नामजद थे. इस केस में पूरा महीना महाराज जी को तिहाड़ जेल में मच्छरों के साथ बिताना पड़ा था. इस साल एक मजेदार काम और किया था, सपा में रहते हुए बीजेपी के प्रत्याशी का समर्थन किया था.

4. 2005 में महाराज जी पर किसी ने स्टिंग ऑपरेशन कर डाला था. आरोप था कि इन्होंने सांसद निधि निकालकर घोटाला किया है. पकड़ लिए गए थे. फिर छूट गए.

5.2012 में बीजेपी में घरवापसी हुई और अगले ही साल एक और मर्डर केस में नाम कमाया. यूपी महिला आयोग की मेंबर सुजाता वर्मा को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. साक्षी महाराज अपने भाई के साथ नपे थे. बाद में बरी हो गए. अनिल यादव नाम का आदमी इस मर्डर का चश्मदीद गवाह था. उसने गवाही दी थी कि जिस गेट के पास ये मर्डर हुआ वहां साक्षी महाराज, उनके भाई विजय स्वरूप, साथ में दो और लोग बैठे थे. गोली इन्हीं चारों में से किसी ने चलाई थी. संपत्ति का मामला था. महाराज जी सुजाता को बेटी मानते थे और वो एटा के आश्रम में अपना हिस्सा मांगती थी. हिस्से की बात करने के 2 महीने बाद मर्डर हो गया. और ये मर्डर वहीं एटा आश्रम के गेट पर हुआ था.

साक्षी महाराज के चौचक बयानों की लिस्ट

बयान चालू हुए और जुबान कैंची हो गई
बयान चालू हुए और जुबान कैंची हो गई

1. पिछले साल कहा था कि देशविरोधी नारे लगाने वालों को फांसी दे दो या तो गोली मार दो.
गनीमत ये रही कि उन्होंने अपना पर्सनल कानून पास कराने की कोशिश नहीं की.

2. अबकी साल महाराज जी ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद ही पार्टी 2019 के चुनाव में उतरेगी और ये होकर रहेगा.
मतलब बीजेपी के मेनिफेस्टो से राममंदिर अगले सौ दो सौ साल तक नहीं मिटने वाला है.

3. 2016 अप्रैल में महाराज जी ने कहा था कि मुस्लिम महिलाओं की इज्जत जूती की तरह है. इस मामले में अदालतों को दखल देना चाहिए.
वही महाराज जी हिंदू महिलाओं के बलात्कारी बाबा राम रहीम के बचाव में उतर आए.

4.2015 सितंबर में महाराज जी ने कहा था कि मुसलमान आबादी बढ़ने के लिए जिम्मेदार हैं. इनसे अल्पसंख्यक का दर्जा छीन लेना चाहिए. इस पर तो एफआईआर भी हो गई थी भाईसाब.

5. इसी साल यानी 2015 जून में महाराज जी ने खुद को सच्चा मुसलमान बताया था. मोहम्मद साहब को सबसे बड़ा योगी बताया था. उस वक्त योगी आदित्यनाथ सीएम नहीं थे 😉

6. 2015 अप्रैल में महाराज जी ने केदारनाथ आपदा के पीछे राहुल गांधी को जिम्मेदार बता दिया था. कहा था कि मांस खाने वाले राहुल गांधी मंदिर का दर्शन करने गए इसलिए हादसा हुआ.

7. 2015 जनवरी में महाराज जी ने कहा था कि हिंदू औरतें धर्म की रक्षा के लिए कम से कम चार बच्चे पैदा करें. साथ ही ये भी कहा था कि होमोसेक्शुअलिटी को मान्यता दे दी, पिछली सरकार की बुद्धि भ्रष्ट हो गई थी. पता नहीं कितनी हिंदू औरतों ने इसे सीरियसली लिया.

इन सबके अलावा महाराज जी बराबर बयान देते और यूटर्न लेते रहते हैं. उनसे ज्यादा उम्मीद मत रखो.


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