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इस धांसू साइंस-फिक्शन फिल्म को देखकर पता चलेगा कि लोग मरने के बाद कहां जाते हैं

एक साइंस-फिक्शन फिल्म आ रही है. फिल्म का नाम ‘कार्गो’. ये इंडिया की पहली फिल्म है, जो पूरी तरह से एक स्पेसशिप के भीतर घटेगी. नहीं ये वो फर्जी वाली नहीं, सही में अपने तरह की पहली फिल्म है. इसे देखते वक्त आपको ‘ग्रैविटी’, ‘इंटरस्टेलर’ और ‘पैसेंजर्स’ जैसी हॉलीवुड फिल्में याद आएंगी. हो सकता है वो इससे बेहतर या कमतर हों लेकिन वो फिल्में कॉन्सेप्ट के मामले में ‘कार्गो’ के आसापास भी नहीं हैं. ‘कार्गो’ शब्द का इस्तेमाल माल ढोने वाले जहाजों या वैसे ही किसी व्हीकल (वाहन) के लिए किया जाता है. ‘कार्गो’ का टीज़र फिल्म के नाम और कॉन्सेप्ट के बीच की खाई को पाटता नज़र आ रहा है. ‘कार्गो’ के टीज़र और फिल्म से जुड़ी पांच इंट्रेस्टिंग बातें हम नीचे जानेंगे.

1) ‘कार्गो’ की कहानी हमारी दुनिया से बाहर शुरू होती है. ये कहानी मनुष्यों की आफ्टरलाइफ के बारे में है. मतलब कोई मरने के बाद कहां जाता है. अगर बड़े-बुजुर्गों की मानें, तो अच्छे कर्म करने वाले स्वर्ग जाते हैं. और बुरे कर्मों का फल हमें नर्क के रूप में मिलता है. यहां ये फिल्म थोड़ी फिक्शनल होती है. फिल्म की डायरेक्टर ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि ये एक ऐसे स्पेसशिप की कहानी है, जो हर सुबह धरती के करीब आती है. मर चुके लोगों को अपने साथ ले जाने. लेकिन कहां ले जाती है? क्यों ले जाती है? इसकी डिटेलिंग फिल्म का टीज़र नहीं करता.

फिल्म के एक सीन में राक्षस प्रहस्थ. रेगुलर राक्षस जैसा दिख रहा है क्या ये शख्स?
फिल्म के एक सीन में राक्षस प्रहस्थ. रेगुलर राक्षस जैसा दिख रहा है क्या ये शख्स?

2) वैसे तो ये एक साइ-फाई फिल्म है लेकिन इसका इंडियन कल्चर से भी इसका तगड़ा कनेक्शन है. इसे इंसानी दुनिया से दूर, इंसानियत और इमोशन में लिपटी हुई फिल्म बताया जा रहा है. ये फिल्म स्वर्ग-नरक जैसे कॉन्सेप्ट को तो तजती है लेकिन टीज़र के आखिर में पता चलता है कि स्पेसशिप को प्रहस्थ नाम का एक राक्षस चला रहा है. वो अपने इस काम को ‘पोस्ट डेथ ट्रांजिशन सर्विसेज़’ बताता है. ये प्रहस्थ भयानक सा दिखने वाला रेगुलर राक्षस नहीं है, एस्ट्रोनॉट टाइप कुछ है. और ये सर्विस अपनी एक सहकर्मी (कलीग) के साथ मिलकर चला रहा है. टीज़र काफी इंट्रेस्टिंग, एक्साइटिंग, कंफ्यूज़िंग और नए टाइप का लग रहा है. और ऐसा लगा रहा कि ये चिल्ला-चिल्लाकर टाइड सर्फ के ऐड वाली लाइन कह रहा है- क्यों चौंक गए?

3) आम तौर पर यूं होता है कि इस तरह की फिल्मों को बनाने में काफी मोटी रकम खर्च करनी पड़ती है. स्थापित कलाकारों को कास्ट किया जाता है. ताकि जो पैसे खर्च किए गए हैं, वो रिलीज़ के बाद वापस आ जाएं. लेकिन ये फिल्म काफी छोटे बजट में बनी है. एक्जैक्ट अमाउंट के बारे में तो कुछ कह पाना मुश्किल है लेकिन फिल्म के मेकर्स का कहना है कि सैंड्रा बुलक की फिल्म ‘ग्रैविटी’ के बजट के सबसे छोटे टुकड़े से भी कम खर्चे में ये फिल्म बनी है. ‘ग्रैविटी’ का बजट 7,15,18,50,000 (100 मिलियन डॉलर) था.

फिल्म के एक सीन में प्रहस्थ की कलीग (जिसका नाम अब तक पता नहीं चला है) के रोल में श्वेता त्रिपाठी.
फिल्म के एक सीन में प्रहस्थ की कलीग (जिसका नाम अब तक पता नहीं चला है) के रोल में श्वेता त्रिपाठी.

4) फिल्म ‘कार्गो’ में विक्रांत मेस्सी और श्वेता त्रिपाठी लीड रोल्स कर रहे हैं. विक्रांत को हमने ‘लूटेरा’, ‘लिपस्टिक अंडर माय बुर्का’ और ‘अ डेथ इन द गंज’ जैसी क्रिटिकली अक्लेम्ड फिल्मों में देखा है. वहीं ‘मसान’ जैसी सराही गई फिल्म से पब्लिक के बीच जगह बनाने वाली श्वेता आगे ‘हरामखोर’ और ‘गोनकेश’ जैसी फिल्मों में नज़र आईं. विक्रांत और श्वेता एमेजॉन प्राइम की चर्चित सीरीज़ ‘मिर्ज़ापुर’ में एक-दूसरे के साथ (अपोज़िट) काम कर चुके हैं. इन दोनों के अलावा फिल्म में नंदु माधव भी नज़र आ रहे हैं. नंदु मराठी फिल्म एक्टर हैं. ‘हरिशचंद्राची फैक्ट्री’ और ‘सरकारनाम’ जैसी चर्चित मराठी फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं निभा चुके हैं. इसके अलावा वो ‘दायरा’ और ‘जिस देश में गंगा रहता’ जैसी हिंदी फिल्मों में भी नज़र आए हैं.

फिल्म के एक सीन में स्पेसशिप के भीतर बैठे विक्रांत मेस्सी और श्वेता त्रिपाठी.
फिल्म के एक सीन में स्पेसशिप के भीतर बैठे विक्रांत मेस्सी और श्वेता त्रिपाठी. इस फोटो को पहली नज़र में देखकर क्रिस प्रैट और जेनिफर लॉरेंस की फिल्म ‘पैसेंजर्स’ की याद आती है.

5) इस फिल्म को डायरेक्ट किया है आरती कदव ने. आरती इससे पहले कई शॉर्ट फिल्में बना चुकी हैं. उनके खाते में ‘गुलमोहर’, ‘उस पार’, ‘रावण’ और ‘टाइम मशीन’ जैसी शॉर्ट फिल्में हैं. ‘कार्गो’ बतौर डायरेक्टर उनकी पहली फुल लेंग्थ फीचर फिल्म है. इस फिल्म को अनुराग कश्यप और ‘हरामखोर’ के डायरेक्टर श्लोक शर्मा कुछ और लोगों के साथ मिलकर प्रोड्यूस कर रहे हैं. इस लाइन अप को देखते हुए इस फिक्शनल कहानी के भी काफी रियलिस्टिक और ऑथेंटिक होने की उम्मीद की जा सकती है. अक्टूबर 2019 में आए फिल्म के टीज़र में इसकी रिलीज़ डेट का कोई ज़िक्र नहीं था. हालांकि तब ‘कार्गो’ को मामी (मुंबई अकैडमी ऑफ मूविंग इमेज) फिल्म फेस्टिवल में 18 और 19 अक्टूबर को प्रीमियर किया गया था. अब फिल्म की रिलीज़ डेट आ गई है. ‘कार्गो’ 9 सितंबर को स्ट्रीमिंग प्लैटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ होगी.

फिल्म 'कार्गो' की डायरेक्टर आरती कादव.
फिल्म ‘कार्गो’ की डायरेक्टर आरती कदव.

‘कार्गो’ का टीज़र आप यहां देख सकते हैं:


वीडियो देखें: अनुराग कश्यप के डायलॉग्स वाली एक्शन थ्रिलर क्यों बनी मामी 2019 की ओपनिंग फिल्म?

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