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वो 5 वेब सीरीज़ जो फ़ैमिली के साथ बिना नर्वस हुए देख सकते हैं

‘वेब सीरीज़’ कहते ही आपको क्या याद आता है? ‘सेक्रेड गेम्स’. ‘मिर्ज़ापुर’. ‘बार्ड ऑफ़ ब्लड’. ‘फ़ोर मोर शॉट्स प्लीज़’.

देखा आपने? सेक्स और वायलेंस इंडियन वेब सीरीज़ में कॉमन है. एंटरटेनमेंट के लिहाज़ से ये सब भी बुरा नहीं है. लेकिन कई बार मुझसे कुलिग और दोस्त सवाल पूछते हैं-

भई! लॉकडाउन के वक्त हम ज़्यादातर समय फ़ैमिली के साथ बिता रहे हैं. रामायण, महाभारत देख रहे हैं. अच्छा है. लेकिन कुछ नई वेब सीरीज़ भी रेकमंड कर दो तो मज़ा आ जाए. मगर हिंदी में. अब सारे तो घर में अंग्रेज़ी नहीं जानते न. और साथ ही ऐसा कंटेंट बताना कि कोई देखते हुए असहज न हो.

तो यूं रेकमंडेशन का स्पेक्ट्रम घट गया. लेकिन ये और भी घट जाता है, क्यूंकि सीरीज़ बढ़िया और एंटरटेनिंग भी तो होनी चाहिए. नहीं? और मेरी देखी हुई भी. तो इन सब कंडिशंस को संतुष्ट करती हैं ये 5 वेब सीरीज़-

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यहां क्लिक करें और बाकी रेकमेंडेशन लिस्ट का भी आनंद उठाएं.

# 1. गुल्लक  (2019)

कहानी – उत्तर प्रदेश के किसी छोटे से शहर का आम सा परिवार. मां-बाप और दो बेटे. बेटे हमारे-आपके जैसे. जो साथ जी नहीं पाते और अलग रह नहीं पाते. मां-बाप हमारे ही मम्मी-पापा हों गोया. वो ही पापा और वो ही उनकी खटारा स्कूटर. वो ही मां और वो ही मां की रसोई और उसका तीन लीटर वाला छोटा कूकर. जलकुकड़ी पड़ोसन. और हर एपिसोड में एक नई परेशानी, एक नया कॉनफ़्लिक्ट. कॉनफ़्लिक्ट, जो अपने आप में इस परिवार की तरह ही खूबसूरत है.

डायरेक्टर – अमृत राज गुप्ता. उनकी ये सीरीज़ देखते हुए, इसके चुटीले डायलॉग्स सुनते हुए, आप पूरे टाइम मुस्कुरा रहे होते हैं. कहानी ऐसी कि लगे हमारी ही तो. फिर भी ताज़े हरे धनिये की तरह एकदम फ्रेश, गमकती हुई.

कहां देखें- सोनी लिव पर.

# 2. ये मेरी फ़ैमिली (2018)

कहानी – अप्रैल-जून 1998 के वक्त में पांच लोगों के परिवार की कहानी. जिसमें मेन लीड है हर्षु. एक तेरह साल का ‘टीनएजर’. उसकी गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं. उसका एक बड़ा भाई है जो कोटा में आईआईटी के एंट्रेंस की तैयारी करवाने वाले इंस्टिट्यूट के एंट्रेंस की तैयारी में लगा रहता है. नाम है डब्बू. हर्षु की एक छोटी बहन भी है. वो बहुत क्यूट है. चिट्ठी (ध्वनी). बाक़ी, उसके मम्मी-पापा स्वादानुसार, परिस्थिति अनुसार, ‘कूल’ और ‘हॉट’. इनके अलावा है हर्षु का एक इंटेलेक्चुअल दोस्त. शैन्की. हर्षु की एक क्रश. साउथ इंडियन. विद्या. अब इन कैरेक्टर्स को लेकर, गुल्लक की तरह ही, इसके हर एपिसोड की एक अलग कहानी चलती है. हर एपिसोड इन किरदारों में से किसी एक किरदार को सेंट्रल में रखकर लिखा गया है.

डायरेक्टर – समीर सक्सेना. ‘ये मेरी फैमिली’ में उन्होंने मारियो, दूरदर्शन, शक्तिमान, स्लैम बुक, मोनोपोली, उदित नारायण, मिले सुर मेरा तुम्हारा, लखानी की चप्पलें जैसे 90s के नॉस्टेलज़िया को सीरीज़ में लाकर पेश किया है. उस वक़्त का आर्ट डायरेक्शन, प्रॉप्स, प्यारा सा टाइटल सॉन्ग देखने लायक हैं.

कहां देखें- नेटफ़्लिक्स पर या टीवीएफ़ प्ले पर.

# 3. कोटा फ़ैक्ट्री (2019)

कहानी – कोटा और वहां की कोचिंग सेंटर्स में पढ़ने वालों की कहानी है. इसमें अख़बारों में आत्महत्याओं की खबरों के लिए बदनाम कोटा का एक दूसरा पहलू दिखाया गया है. सीरीज़ वैभव की कोटा में बिताए गए दिनों की दास्तां है. वैभव केकोटा सरवाइवलके अलावा इसमें मीना, उदय और वैभव की दोस्ती, वर्तिका का प्रेम और टीचर जीतू भैया का पढ़ाने का अजब और ग़ैरपारंपरिक तरीक़ा भी खूबसूरत तरीके से दिखता है.

डायरेक्टर – राघव सुब्बू. जो कोटा में ट्रेनिंग के लिए गए थे ये सीरीज़ उनकी यादों को जिंदा करेगी, जो कभी जाएंगे उनके लिएकर्टेन रेज़र. दिल को मोम कर देने वाले कई मोमेंट्स इसमें हैं. टीनएज़ दोस्ती, लव, वग़ैरह.

कहां देखें- यू ट्यूब पर या टीवीएफ़ प्ले पर.

# 4. लिटिल थिंग़्स (2016)

कहानी काव्या (मिथाली पालकर) और ध्रुव वत्स (ध्रुव सहगल) लिवइन में रहते हैं. लेकिन इस लिवइन का सीरीज़ इतना बड़ा हौव्वा नहीं बनाती कि दर्शकों को असहज लगे. इन दोनों की लाइफ़ की दिक्कतों और मोमेंट्स को, ‘वन एट टाइम (एक बार में एक)’ फ़ॉर्मेट में दिखाती है ये वेब सीरीज़. यानी हर एपिसोड में एक अलहदा दिक्कत. ‘लिटिल थिंग़्स’, अपने नाम के अनुरूप ही ऐसे कई छोटे और प्यारे पलों से मिलकर बनी है कि आपको बिनाहाईकिए रोमांचित रखती हैं. ‘मॉडर्न रोमांसथीम पर बेस्ड इस सीरीज़ के तीन सीज़न और 21 एपिसोड देख चुकने के बाद आपको दोनों लीड कैरेक्टर्स और उनके रिश्ते से प्यार हो चुकता है.

डायरेक्टर लीड रोल में दिखने वाले ध्रुव सहगल का ही कॉन्सेप्ट है लिटिल थिंग़्स.

अजय भुयान, सुमित अरोड़ा और रुचिर अरुणइसके अलगअलग एपिसोड अलगअलग डायरेक्टर्स ने डायरेक्ट किए हैं. यू ट्यूब पर आया लिटिल थिंग़्स का पहल सीज़न इस कदर सफल रहा कि बाकी के दो सीज़न फिर नेटफ़्लिक्स ने रिलीज़ किए. एक बात और, इसमें आधे से ज़्यादा डायलॉग्स अंग्रेज़ी में हैं.

कहां देखें- नेटफ़्लिक्स पर.

# 5. पंचायत (2020)

कहानी – अभिषेक (जीतू), सरपंच (नीना गुप्ता) और पंच-पति (रघुवीर यादव) के आस पास ये कहानी घूमती है. अभिषेक, सरपंच के सचिव के रूप में फुलेरा गांव शिफ्ट होता है. अभिषेक को ये नौकरी पसंद नहीं. यूं अपनी इच्छाओं और मजबूरी के बीच ताल-मेल बनाते हुए वो कैट की तैयारी भी करने लगता है. इस दौरान एक आधुनिक गांव में जो भी पुरातन बचा रह गया है, ‘पंचायत’ में वो मासूमियत और खिलखिलाहटों से भरपूर है.

डायरेक्टर – दीपक कुमार मिश्रा

कहां देखें- अमेज़ॉन प्राइम पर.


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