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10 गाने जो पहले कहीं और बजे, फिर आ गिरे बॉलीवुड में

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कई गानें जिन्हें आप फिल्मी समझते हैं, उनका ओरिजिनल वर्जन दरअसल एलबम से लिया गया था. जैसे अभी ‘एयरलिफ्ट’ का गाना आया ‘सोच’ सुनते ही पता लग गया हार्डी संधू इसे दो साल पहले ही गा चुके हैं.

‘एयरलिफ्ट’ का गाना

अब हार्डी संधू वाला देख लीजिए

तो सवाल ये कि गाने बॉलीवुड तक पहुंचे कैसे? अरे हमको क्या पता. गाने लिखने वाले अलसिया गए होंगे तो अड़ोस-पड़ोस से उठा लिया भाईचारे में.

ये हैं वे गाने जो पहले एलबम में आए, फिर फिल्मों में यूज हुए.

1. अंजन की सीटी में म्हारो मन डोले

तब: सांसों का इफेक्ट देना पड़ा बेचारे गीतकार को
ये गाना लिखा था रेडियो से रिटायर हुए इकराम राजस्थानी ने. दिल्ली के दरियागंज में था HMV का स्टूडियो. 70 के दशक की शुरुआत में  यहां ‘अंजन की सीटी’ का ओरिजिनल वर्जन रिकॉर्ड किया गया. संगीतकार थे चरणजीत. इस गाने के साथ दो मजे की बाते हैं. पहला तो ये कि जब गाना ख़त्म होता है तो लगता है कुछ अधूरा रह गया. दूसरा ये कि गाने के बीच में कई जगह सांसों का इफेक्ट है. गायिका थीं रेहाना मिर्ज़ा. वो सांसों का इफेक्ट नहीं ला पा रही थीं तो बेचारे गीतकार और संगीतकार को खुद गहरी-गहरी सांसें भरनी पड़ीं.

अब: मन नहीं अब Bum डोलता है

2014 में अनिल कपूर की बिटिया की फिल्म आई ‘खूबसूरत’. साथ में पाकिस्तान का एक लड़का था. फवाद खान नाम था. झूठ क्या कहें वो भी खूबसूरत है. सलीके से मांग काढ़ ले तो और हैंडसम लगता है. उनकी फिल्म में इस गाने को फिर लिया गया. डोलने वाला मन, अब ‘बम’ बन चुका है. सुनिधि चौहान और रेशमी सतीश ने मस्ती में गाया है. देखा-सुना होगा ही, फिर देखिए.


2. अब तो आदत सी है मुझको

तब: पाकिस्तानी बैंड ने लगाई आदत
‘आदत’ जब रिलीज हुआ तब ये पाकिस्तान का सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जाने वाला गाना साबित हुआ. ‘जल बैंड’ के एलबम ‘आदत’ के लिए इसे लिखा और गाया था आतिफ असलम ने. साथ में थे गौहर मुमताज़.

फिर: कलयुग की आदत देखिए
बाद में आतिफ असलम ने इसी गाने का डीप ब्लू वर्जन गाया. एलबम कहलाया ‘जलपरी’. बाजार में गाना आया नहीं कि हंगामा खड़ा हो गया. कॉपीराइट का टंटा हो गया. वो सुलझा तो आतिफ असलम ने फिर से ये गाना गाया. ‘कलयुग’ फिल्म में.

अब: जहरीली रातें में इस्तेमाल
इसी गाने का एक और वर्जन बना ‘जहरीली रातें.’ जिसे गाया था केके ने. तर्ज वही. कुछ बोल भी वैसे ही. फिल्म थी ‘चॉकलेट.’ फिर टंटा खड़ा हो गया. कुछ ने कहा ‘जल’ के ‘आदत’ को कॉपी किया है. कुछ कहते हैं ‘आदत’ का ही Choried वर्जन है.


3. कंगना तेरा नी सानूं करे इशारे

तब: ज्यूस का कंगना
एक हुए थे बलजीत सिंह पदम. जानने वाले उन्हें अब डॉ. ज्यूस कहते हैं. ज्यूस वही ‘मैं कमली हो गई यार’ और ‘देसी लुक’ वाले. तो ज्यूस ने 2003 में एक गाना गाया था ‘कंगना तेरा नी’. गाना हिट हुआ और इसे बीबीसी एशियन नेटवर्क पर उस साल का बेस्ट गाना चुना गया.

अब: और फिर तुषार नाचे इस फ्लॉप फिल्म में
2012 में तुषार कपूर और कुलराज रंधावा की एक फिल्म आई थी, ‘चार दिन की चांदनी’. फिल्म का हाल जो हुआ होगा वो आप तुषार कपूर के नाम से समझ ही गए होंगे. पर यहां जिक्र इसलिए क्योंकि फिल्म में डॉ. ज्यूस का ‘कंगना तेरा नी’ फिर इस्तेमाल किया गया. तुषार कपूर सरदार बने नाच रहे थे और सच कहता हूं अच्छे लग रहे थे.


4. आ जा माही, आ जा माही आ सोणियां

तब: RDB ब्रदर्स का गाना
तीन सिख भाई सुरजीत, कुलदीप और मनजीत गुरूद्वारे में अपने पापा के साथ तबला-हारमोनियम बजाते थे. बड़े हुए तो म्यूजिक बैंड बना लिया. नाम रखा RDB मतलब Rhythm, Dhol और Bass. 2005 में तीनों ने ‘सिम्पली आरडीबी’ नाम से एलबम लॉन्च किया. उसी में पहली बार बजा था ‘आ जा माही, आ जा माही आ सोणियां.’ गाना खूब चला. 2012 में कुलजीत की ब्रेन ट्यूमर से मौत हो गई. बाद में मनजीत भी अलग पहचान बनाने बैंड छोड़कर चले गए. अब आरडीबी को सिर्फ सुरजीत संभाल रहे हैं.

अब: अक्षय नाचे ‘सिंह इज ब्लिंग’  में
सालों पहले अक्षय कुमार ने आरडीबी के साथ ‘आ जा माही’ गाने पर आइफा अवॉर्ड्स के मंच से परफॉर्म किया. 2015 आते-आते आरडीबी, माही और अक्षय फिर साथ थे. फिल्म ‘सिंह इज ब्लिंग’ में. गाना फिर चल निकला.


5.चूड़ी जो खनकी हाथों में

तब: पाठक जी का गाना था
फाल्गुनी पाठक डांडिया क्वीन कही जाती हैं. आज कल वो कम दिखती हैं. तीन-चार साल पहले उन्होंने एक एलबम निकाला था ‘रुत ने जो बंसी बजाई’. उसके फ्लॉप रहने के बाद उन्होंने ठाना कि अब वो लव एलबम न बनाएंगी. बाकी उनका म्यूजिक बैंड चलता है ‘ता थैय्या’ नाम से. नवरातों में उन्हें दम साधने की फुर्सत नहीं रहती. धार्मिक एलबम अब भी कर रही हैं. उन्हीं का गाना था ‘चूड़ी जो खनकी हाथों में’. गाने में जो क्यूट कन्या ठुमकती नजर आ रही है,उसका नाम है, रिया सेन.

अब: सनी देओल की पिक्चर में महिमा का डांस
साल 1999 में सनी देओल, महिमा चौधरी की फिल्म आई ‘प्यार कोई खेल नहीं’. उसमें महिमा चौधरी इसी गाने पर नाचती नजर आईं. अपूर्व अग्निहोत्री भी थे इस फिल्म में. वही ‘परदेस’ वाले. बन्दे की किस्मत देखिए न ‘परदेस’ में महिमा मिली, न ‘प्यार कोई खेल में’. पर यहां बात न महिमा की, न अपूर्व की. बात चूड़ी की. इस गाने की.


6. कुड़ी सैटरडे-सैटरडे कर दी

तब: बादशाह की खुंदक
सैटरडे-सैटरडे के पीछे की कहानी बड़ी मजेदार है. 2011 में हनी सिंह और बादशाह अलग हो चुके थे. वही बादशाह  2012 में बादशाह ने इन्दीप बक्शी के साथ सैटरडे-सैटरडे गाना बनाया. गाना फ्लॉप हो गया. बाद में इन्दीप ने भी माना कि गाने के उच्चारण में खोट था. वक़्त बीता और लोगों को गाना पसंद आने लगा. धीरे-धीरे बुखार चढ़ा और गाना हिट हो गया.

अब: आलिया के ठुमके
सैटरडे-सैटरडे को फिल्म में लाए करण जौहर. फिल्म थी ‘हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया’. इन्दीप और बादशाह थे ही, आकृति कक्कड़ ने भी आवाज दी. अहमद खान की देख-रेख में डांस फ्लोर तोड़ने का पुनीत कार्य किया था आलिया और वरुण धवन ने. और आलिया किसी गाने पर ठुमक दें तो गाना हिट तो होगा ही.


7. छल्ला

तब: ऑस्ट्रेलियाई छल्ला
छल्ला बेसिकली पंजाबी लोकगीत है. जिसमें जा चुके किसी छल्ले को याद किया जाता है. इसके  कई वर्जन बने. हिंदुस्तान-पाकिस्तान के कई गायकों ने गाया. पर हम जिस छल्ले की बात कर रहे हैं. उसे गाया था बब्बल राय ने. बब्बल राय पंजाबी नायक-गायक और गीतकार हैं. उन्होंने तफरी में एक रोज ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले पंजाबियों की कहानी कहता गाना यू-ट्यूब पर अपलोड कर दिया. गाना चल निकला तो बाद में कायदे से गा-बजाकर रिलीज किया.

अब: इमरान हाशमी का ‘क्रुक्ड’ छल्ला
बब्बल राय का गाना चल चुका था. बब्बल से बब्बू मान तक पहुंचा. उनने इमरान हाशमी की फिल्म ‘क्रुक’ के लिए इस गाने को थोड़ा काट-छांट-निखारकर इस्तेमाल किया. गाना पहले ही हिट था, अब और हिट हो गया.


8. टुंग-टुंग बजे

तब: MTV के शो के लि स्नेहा ने बनाया
लड़की का नाम है स्नेहा खनवलकर. ‘ओए लकी लकी ओए’ और ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ जैसी फिल्मों का म्यूजिक बना चुकी है. MTV के लिए एक शो किया Sound Trippin नाम से. जगह-जगह घूमकर इधर-उधर की आवाजें रिकॉर्ड कीं और लोकल सिंगर्स से गवाकर गाने रिलीज किए. पहला एपिसोड शूट हुआ था पंजाब में ग्रामीण ओलंपिक खेलों के समय. गाया था नूरा सिस्टर्स ने.

अब: लाठी पकड़कर नाचे अक्षय कुमार
टुंग-टुंग इतना सफल हुआ कि हाल ही में जब अक्षय कुमार और एमी जैक्सन की ‘सिंह इज ब्लिंग’ आई तो उसमें भी ये गाना इस्तेमाल किया गया. गाना गाया मशहूर पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ, ज्योती नूरा और सुल्ताना नूरा ने. ये बहनें हैं, जिन्होंने ओरिजिनल वर्जन गाया था. ‘हाइवे’ वाला ‘पटाखा गुड्डी’ भी इन्होंने ही गाया. ‘टुंग-टुंग’ गाने के आखिर में ‘छल्ला’ लोकगीत की शुरुआती लाइनें भी हैं.


9. जरूरी था

तब: राहत की एलबम में गौहर-कुशाल
2014 में राहत फतेह अली खान का एलबम आया. बैक टू लव. एक गाने में गौहर और कुशाल नजर आ रहे थे. गीत के बोल थे ‘ज़रूरी था’.  राहत ने भांति भांति के मुंह बनाकर गाया था.

अब: मोहित सूरी की फिल्म में
राहत का गाना डायरेक्टर मोहित सूरी ने सुना. मोहित फिल्म बना रहे थे ‘हमारी अधूरी कहानी’. उन्हें लगा कि इस गाने के बिना उनकी फिल्म अधूरी रहेगी. राहत का गाना फिल्म में आया और कहानी पूरी हुई.


10. अंगरेजी बीट ते

तब: हनी सिंह बने ‘अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण ‘
हनी सिंह ने जब नाम कमाना शुरू किया ही था तभी उनका एलबम आया था. ‘इन्टरनेशनल विलेजर’.साथ में थे गिप्पी ग्रेवाल और गाना चला ‘अंगरेजी बीट ते’. गाने की शुरुआत मजेदार थी. दोनों गाने की बुकिंग के लिए ग्राहक फंसा रहे थे. 2200 में सौदा तय हुआ. फिर दोनों लगे गाने.

अब: ‘कॉकटेल’ में दिप्पू के ठुमके
एक साल बाद सैफ-दीपिका और डायना पेंटी की ‘कॉकटेल’ आई. हनी सिंह बॉलीवुड में पैर जमा चुके थे . ‘अंगरेजी बीट ते’ इंटरनेशनल विलेजर से कॉकटेल तक आ पहुंचा. दीपिका पादुकोण थिरक रही थीं. आप भी देखिए-सुनिए थिरकिए.


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