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वक्फ एक्ट में सेक्शन 40 क्या था? जिसे हटाते हुए सरकार बोली- यही सबसे कठोर प्रावधान था

वक्फ बोर्ड के नए बिल (Waqf Amendment Bill 2025) में सेक्शन 40 को हटा दिया गया है. किरेन रिजिजू ने इसे सबसे कठोर प्रावधान बताया था. उन्होंने कहा कि कुछ लोग स्वार्थ में इस सेक्शन का गलत उपयोग करते थे. इसी से बोर्ड की संपत्ति में लाखों की वृद्धि हुई है.

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4 अप्रैल 2025 (पब्लिश्ड: 02:34 PM IST)
Kiren Rijiju
किरेन रिजिजू
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वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill 2025) में सबसे बड़ा बदलाव ‘सेक्शन 40’ (Section 40 Of The Waqf Act) को हटाया जाना है. वक्फ बोर्ड बिल को लेकर जब सदन में किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) जवाब दे रहे थे तब उन्होंने इसे ‘सबसे कठोर’ प्रावधान बताया था. रिजिजू ने कहा कि कुछ लोग इस सेक्शन का निजी स्वार्थ में गलत उपयोग कर रहे थे. इससे ही वक्फ की संपत्ति में लाखों की वृद्धि हुई है. रिजिजू ने बताया कि इस सेक्शन को नए बिल में हटा दिया गया है. सवाल है कि सेक्शन 40 में ऐसा क्या था, जिसकी वजह से रिजिजू को यह कानून का सबसे कठोर हिस्सा लगता था. आइए, जानने की कोशिश करते हैंः

सेक्शन 40 में क्या था?

पुराने वक्फ कानून का ‘सेक्शन 40’ कहता है कि अगर बोर्ड को किसी संपत्ति के बारे में शक है कि वह वक्फ की संपत्ति है तो वह इसके बारे में जानकारी जुटा सकती है. इसके बाद विस्तार से जांच करके इस पर फैसला ले सकती है कि वह संपत्ति वक्फ है या नहीं. बोर्ड का फैसला अंतिम होगा. सिर्फ ट्रिब्यूनल इस फैसले में दखल दे सकता है. वही वक्फ के फैसले को बदल सकता है या रद्द कर सकता है. वक्फ को अगर लगता है कि कोई संपत्ति वक्फ की है और उस पर किसी और का कब्जा है तो वह कब्जेदार को आदेश दे सकती है कि वह प्रॉपर्टी को वक्फ बोर्ड में रजिस्टर कराए. इसमें कब्जेदार को अगर लगता है कि वह वक्फ के फैसले से असहमत है तो उसे इसका कारण बताना होगा. कारण पर बोर्ड विचार करेगा और फिर निर्णय देगा. यह निर्णय भी अंतिम होगा, अगर ट्रिब्यूनल इसे बदलने या फिर रद्द करने का आदेश नहीं देता है.

यह भी पढ़ेंः वक्फ संशोधन बिल राज्यसभा में भी पास हुआ, 12 घंटे की चर्चा के बाद सरकार के पक्ष में पड़े 128 वोट

नए बिल से हटा सेक्शन 40

नए बिल में केंद्र सरकार ने इस सेक्शन को ही हटा दिया है. अब प्रावधान है कि कोई संपत्ति वक्फ की है या नहीं, इस पर फैसला कलेक्टर रैंक के ऊपर का कोई अधिकारी करेगा. सरकार का कहना है कि इससे गलत दावों को रोका जा सकेगा.  भारत सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय ने बताया कि देश के 30 में से 25 वक्फ बोर्ड्स के 5 सितंबर 2024 तक दिए आंकड़ों के अनुसार कुल 5 हजार 973 सरकारी संपत्तियों को वक्फ संपत्ति घोषित किया गया है. एएसआई ने 6 सितंबर 2024 को जेपीसी (जॉइंट पार्लियामेंट्री कमिटी) को बताया था कि 132 संरक्षित स्मारकों को वक्फ संपत्ति घोषित किया गया है.

आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने 5 सितंबर 2024 को जेपीसी को बताया था कि भूमि और विकास कार्यालय के कंट्रोल की 108 संपत्तियां, दिल्ली विकास प्राधिकरण की 130 संपत्तियां और सार्वजनिक डोमेन में 123 संपत्तियों को वक्फ की संपत्ति घोषित किया गया है और उन्हें मुकदमेबाजी में लाया गया है.

वीडियो: वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस पार्टी पर बोला हमला, क्या बताया?

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