ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 15 Mig-29 विमानों के साथ तैयार था INS Vikrant, नेवी के वाइस चीफ ने सब बता दिया
Indian Navy ने अरब महासागर में पाकिस्तान को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया था. INS Vikrant पर मौजूद Mig-29k की मदद से नेवी ने ये सुनिश्चित किया कि किसी भी सूरत में पाकिस्तान नेवल वॉर का फ्रंट न खोल पाए.

ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान भारत की तीनों सेनाओं ने पाकिस्तान पर जबरदस्त दबाव बना कर रखा था. एयरफोर्स (Indian Air Force) और आर्मी (Indian Army) ने जहां हवाई हमले और शेलिंग (Artillery Shelling) के द्वारा पाकिस्तान का जवाब दिया, वहीं इंडियन नेवी (Indian Navy) ने अरब महासागर में पाकिस्तान को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया था. नेवी ने ये सुनिश्चित किया कि किसी भी सूरत में पाकिस्तान नेवल वॉर का फ्रंट न खोल पाए. अब मध्य प्रदेश के महू (Mhow) में आयोजित ‘रण संवाद’ (Ran Samvad) में वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ, वाइस एडमिरल तरुण सोबती ने इस पर और जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि कैसे नेवी ने पाकिस्तानी नेवी (Pakistani Navy) को दहशत में डाल दिया था. और कैसे एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) पर तैनात मिग-29k (Mig-29k) विमान पाकिस्तान पर हमले के लिए पूरी तरह तैयार थे.
तैयार था INS विक्रांत, मुस्तैद थे Mig-29kऑपरेशन सिंदूर के दौरान तीनों सेनाओं की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में डायरेक्टर जनरल ऑफ नेवल ऑपरेशंस (Director General of Naval Operations) वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा था
अगर पाकिस्तान ने किसी भी तरह का एक्शन लेने की जुर्रत की, तो वो जानता है कि हम क्या कर सकते हैं. पूरे संघर्ष के दौरान हमने पाकिस्तान को डिफेंसिव पोजीशन बनाए रखने पर मजबूर कर दिया. हमने इस दौरान पूरे क्षेत्र (अरब महासागर) पर दबदबा बनाए रखा.

वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने प्रेस कांफ्रेंस में ये तो बताया था कि इंडियन नेवी पूरे क्षेत्र में तैनात थी. कुछ तस्वीरें भी साझा की थीं. लेकिन तब ऑपरेशन जारी था इसलिए नेवी ने अपने हथियारों और वॉरशिप्स की तैनाती, या मिलिट्री की भाषा में कहें तो डिप्लॉयमेंट की जानकारी नहीं दी थी. अब ‘रण संवाद’ (Ran Samvad) में वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ, वाइस एडमिरल तरुण सोबती ने इस पर से पर्दा उठा दिया है. टाइम्स नाऊ के पत्रकार ऋषभ माधवेंद्र प्रताप के साथ बातचीत में उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दौरान क्या-क्या हुआ था?वाइस एडमिरल सोबती बताते हैं कि
96 घंटों के भीतर इंडियन नेवी के सारे जहाज बंदरगाह पर आए और सारे जहाजों पर हथियारों को फुली लोड किया. उस समय सारे जंगी जहाज ऑपरेशनल हो गए थे.
वाइस एडमिरल आगे बताते हैं
हमने अपनी सभी सबमरीन्स को लोड किया. साथ ही हमारे नए एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत पर 15 मिग-29 पूरी तरह तैयार थे. लक्ष्य था कि हर स्थिति में एक डॉमिनेंट पोजीशन बनाए रखना जिससे पाकिस्तान हमारे व्यापार वाले रूट्स, हमारी अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन्स और हमारे तट को नुकसान न पहुंचा सके.
वाइस एडमिरल के मुताबिक इसका नतीजा ये हुआ कि पाकिस्तानी नेवी के जहाज बंदरगाहों में ही खड़े रहे. वाइस एडमिरल की बात को ही कुछ दिन पहले Maxar से आई सैटेलाइट तस्वीरों ने भी कन्फर्म किया था. इसमें तस्वीरों में दिखा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी नेवी के जहाज बंदरगाहों में ही खड़े थे. वहीं कुछ जहाज हमले से बचने के लिए ईरान के तट की तरफ मौजूद ग्वादर पोर्ट पर चले गए थे.
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