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रणवीर इलाहाबादिया केस से सबक! अश्लील कॉन्टेंट पर सख्त कानून लाने की तैयारी शुरू

Samay Raina के शो India's Got Latent में Ranveer Allahbadia के विवादित कॉमेंट से बड़ा बवाल खड़ा हो गया था. अब सरकार अश्लील और हिंसक कॉन्टेंट पर शिकंजा कसने के लिए नया और सख्त कानून लाने की तैयारी में है.

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22 फ़रवरी 2025 (पब्लिश्ड: 09:05 PM IST)
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ऑनलाइन कॉन्टेंट के लिए सरकार सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है. (India Today)
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यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया के 'विवादित कॉमेंट' पर बवाल मचने के बाद अब सरकार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को लेकर नए नियम लाने की तैयारी कर रही है. सूचना एवं प्रसारण (I&B) मंत्रालय ने इस बाबत पार्लियामेंट्री पैनल को जवाब दिया है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर 'अश्लीलता और हिंसा' दिखाने वाले कॉन्टेंट की काफी शिकायत हो रही है. आपत्तिजनक कॉन्टेंट पर शिकंजा कसने के लिए मंत्रालय नए कानून की जरूरत पर ध्यान दे रहा है.

संसदीय कमेटी को दिए अपने जवाब में मंत्रालय ने अभिव्यक्ति की आज़ादी के अधिकार के बेजा इस्तेमाल पर चिंता जताई है. मंत्रालय ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अश्लील और हिंसक कॉन्टेंट दिखाने के लिए अभिव्यक्ति की आज़ादी का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है. इस बात को लेकर समाज में चिंता बढ़ रही है.

I&B मंत्रालय ने कम्युनिकेशन और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की स्टैंडिंग कमेटी को बताया कि मौजूदा कानून में कुछ प्रावधान हैं. लेकिन इस तरह के आपत्तिजनक कॉन्टेंट को रेगुलेट करने के लिए एक सख्त और प्रभावी फ्रेमवर्क की मांग बढ़ रही है. मंत्रालय ने कमेटी को ये भी बताया है कि वो उचित विचार-विमर्श के बाद इस मामले पर एक डिटेल्ट नोट सबमिट करेगा.

कमेटी ने 13 फरवरी को मंत्रालय से विवादास्पद कॉन्टेंट पर लगाम लगाने के बारे में पूछा था. नई टेक्नोलॉजी और मीडिया प्लेटफॉर्म के उभार के चलते ऐसे कॉन्टेंट का चलन बढ़ा है. इसलिए मंत्रालय से इस पर शिकंजा कसने के लिए मौजूदा कानूनों में जरूरी संशोधन के बारे में पूछा गया. इस कमेटी की अध्यक्षता भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सासंद निशिकांत दुबे कर रहे हैं. 

पारंपरिक प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक कॉन्टेंट तय कानून के तहत आते हैं. लेकिन इंटरनेट मीडिया जैसे कि ओटीटी प्लेटफॉर्म या यूट्यूब के लिए कोई खास कानूनी फ्रेमवर्क नहीं है. इसलिए कानून में सुधार की मांग बढ़ रही है. हालांकि कुछ चिंताएं भी जताई जा रही हैं, जैसे सरकार कॉन्टेंट को सेंसर करने के लिए नए कानून का इस्तेमाल कर सकती है.

यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया के 'विवादित कॉमेंट' को लेकर उनके खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं. उनकी माफी से भी उन्हें कोई मदद नहीं मिली है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उनके 'वल्गर कॉमेंट' पर तल्ख टिप्पणी करने के बाद गिरफ्तारी से राहत जरूर दी है. कोर्ट ने कहा था कि ऐसे बयान अश्लीलता नहीं तो और क्या हैं. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अश्लील कॉन्टेंट की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार को नोटिस भी जारी किया था.

वीडियो: रेल मंत्रालय ने X को भेजा नोटिस, ट्रेनों के संचालन में दिक्कत होने की कही बात

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