समलैंगिक जोड़े शादी नहीं कर सकते पर परिवार तो बना सकते हैं, हाई कोर्ट का अहम फैसला
यह फैसला एक समलैंगिक जोड़े के मामले में आया, जिन्हें जबरन अलग कर दिया गया था. कोर्ट ने कहा कि सेक्सुअल ओरिएंटेशन गरिमा और स्वतंत्रता का महत्वपूर्ण हिस्सा है, और यह संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निजी स्वतंत्रता का हिस्सा है.
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भारत में समलैंगिक शादी को कानूनी मान्यता नहीं मिली है. (सांकेतिक तस्वीर- इंडिया टुडे)
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वीडियो: तारीख़: धारा 377 को सुप्रीम कोर्ट ने किन मौलिक अधिकार के खिलाफ कहा था?

