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जब सैम मानेकशॉ के कोर्ट मार्शल की तैयारी हुई, बेटी ने बताया क्या बीती थी

इंटरव्यू के दौरान जब माया दारूवाला से पूछा गया कि सैम मानेकशॉ के खिलाफ कोर्ट मार्शल की तैयारियां चल रही थीं. इन सब के बारे में परिवार को क्या नहीं पता था? इस पर माया ने बताया...

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8 जुलाई 2025 (अपडेटेड: 9 जुलाई 2025, 08:21 AM IST)
Maja Daruwala shares Sam Manekshaw court martial story lallantop baithki
माया ने बातचीत में कई किस्से साझा किए. सैम बहादुर फिल्म की सच्चाई के बारे में भी बात की. (फोटो- X/Lallantop)
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दी लल्लनटॉप के शो ‘बैठकी’ में इस बार फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ (Sam Manekshaw) की बेटी माया दारूवाला (Maja Daruwala) ने शिरकत की. माया ने बातचीत में कई किस्से साझा किए. ‘सैम बहादुर’ फिल्म की सच्चाई के बारे में भी बात की. साथ ही ये भी बताया कि बंटवारे के बाद सैम के पास पाकिस्तान जाने का ऑफर था, तो उन्होंने क्या किया? माया ने सैम मानेकशॉ के कोर्ट मार्शल की कहानी पर भी तफ्सील से बात की.

इंटरव्यू के दौरान जब माया दारूवाला से पूछा गया कि सैम मानेकशॉ के खिलाफ कोर्ट मार्शल की तैयारियां चल रही थीं. इन सब के बारे में परिवार को क्या नहीं पता था? इस पर माया ने बताया,

“हमें ये दिसंबर महीने में पता चला था. सैम इससे पहले तेजपुर चले गए थे. उस बीच हम लोग थोड़े दिन के लिए मिले थे. मुझे अभी भी याद है कि हम लोग साथ बैठे हुए थे, और मैं उनकी बाहों में थी. वो मुझे बता रहे थे कि उनके ऊपर क्या बीती थी. कैसे उनको महीनों बिठाया गया, बिना कुछ बोले... उन्हें नहीं बताया गया कि क्या हो रहा है. फिर अचानक उन्हें दिल्ली बुलाया गया.”

मानेकशॉ के दिल्ली आने के बाद की कहानी बताते हुए माया ने कहा,

“वो दिल्ली आकर मेस में रहे. उस वक्त उनको चार्जशीट दिखाई गई. और बहुत लोग उनसे मिलने भी आए. उन्होंने उनसे पूछा कि सैम ये क्या हो रहा है? लेकिन उन्होंने किसी को भी कुछ नहीं बताया... वो दिल्ली कैंट की मेस में अकेले रहे. वो किसी से भी नहीं मिले.”

माया आगे कहती हैं कि सैम की बहुत तरफदारी थी. लेकिन उन्होंने अपने आप को सबसे अलग कर लिया था. वो सुबह उठकर इंक्वायरी के लिए जाते थे, और शाम को आकर बैठ जाते थे. उन्होंने आगे बताया,

“ये सब सैम ने मुझे फर्स्ट हैंड बताया था. उनसे क्या सवाल पूछे गए? उन्होंने क्या जवाब दिए?”

इंक्वायरी खत्म होने के बाद सैम वापस घर आ गए थे. माया ने आगे बताया कि भारत-चीन 1962 युद्ध में सैम को भेजा गया था. वहां उन्होंने सभी का कॉन्फिडेंस बढ़ाया. युद्ध में सभी सैनिकों से कहा कि जो भी ऑर्डर मिलेगा उससे कोई भी पीछे नहीं हटेगा.

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