आधी रात को नहीं खेल सकेंगे रियल मनी गेम, हाईकोर्ट से गेमिंग कंपनियों को नहीं मिली राहत
कोर्ट ने ऐसे खेल खेलने की अनुमति देने से पहले उम्र वेरीफाई करने के लिए आधार कार्ड पेश करने पर भी सहमति जताई. अदालत ने कहा, दूसरे पहचान पत्रों की तुलना में आधार वेरिफिकेशन में हेरफेर की गुंजाइश कम है.

तमिलनाडु सरकार ने ऑनलाइन रियल मनी गेम्स (RMG) को लेकर रेगुलेशन बनाए थे. नियमों के तहत रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक रियल मनी गेम्स खेलने पर बैन लगाया गया था. अब मद्रास हाईकोर्ट ने इस फैसले को सही ठहराया है (Madras High Court On RMG). कोर्ट ने RMG खेलने के लिए आधार वेरिफिकेशन जैसे नियमों को भी बरकरार रखा है. और इस तरह कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों की याचिका खारिज कर दी.
बार ऐंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों ने TNOGA रेगुलेशन के दो प्रावधानों को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था. उन्होंने कोर्ट से इन प्रावधानों को अमान्य घोषित करने की अपील की थी. लेकिन जस्टिस एस.एम. सुब्रमण्यम और के. राजशेखर की बेंच ने किसी भी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया.
कोर्ट में तर्क दिया गया था कि ये नियम कैंडी क्रश और नेटफ्लिक्स जैसी चीज़ों पर लागू नहीं होते हैं. इसमें भी लत का खतरा होता है. लेकिन कोर्ट ने इस तर्क को नहीं माना. अदालत ने कहा,
कोर्ट ने आगे कहा,
कोर्ट को कुछ खास घंटों के दौरान खेल को बैन करने पर भी कुछ गलत नहीं लगा. साथ ही ऐसे खेल खेलने की अनुमति देने से पहले उम्र वेरीफाई करने के लिए आधार कार्ड पेश करने पर भी सहमति जताई. अदालत ने कहा,
इसके अलावा, कोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि राज्य सरकार के पास इस तरह के रेगुलेशन लाने की पावर नहीं है. सिर्फ केंद्र ही इस पर रेगुलेशन बना सकता है. लेकिन कोर्ट ने इन तर्कों को भी खारिज कर दिया.
कोर्ट ने कहा कि रेगुलेशन नागरिकों की हेल्थ को ध्यान में रखते हुए लाए गए हैं. संविधान के तहत स्वास्थ्य राज्य के अधिकार क्षेत्र में आता है. राज्य को संविधान के तहत बिज़नेस और कॉमर्स को रेगुलेट करने का अधिकार है. इसमें ऑनलाइन रियल मनी गेम भी शामिल होंगे.
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