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'रामनवमी जुलूस निकाला ही नहीं गया...' बीजेपी के जुलूस पर हमले वाले आरोपों पर कोलकाता पुलिस की सफाई

West Bengal में रामनवमी के मौके पर जुलूस और शोभायात्रा निकाली गई. राज्य पुलिस ने बताया कि इस दौरान किसी भी तरह की हिंसा नहीं हुई. वहीं, BJP ने आरोप लगाया कि पार्क सर्कस इलाके में जुलूस निकालने वालों पर हमले हुए और पुलिस ने हिंसा रोकने के लिए कुछ नहीं किया.

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7 अप्रैल 2025 (पब्लिश्ड: 07:54 AM IST)
Ram Navami
रामनवमी पर जुलूस
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पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में रविवार को रामनवमी (Ram Navami) का जुलूस निकाला गया. भाजपा ने आरोप लगाया कि जुलूस के दौरान राम भक्तों पर 'बर्बर' हमले किए गए. पुलिस वहां मौजूद थी लेकिन मूकदर्शक बनकर तमाशा देखती रही. दावा किया गया कि यह टारगेट करके की गई हिंसा थी. भगवा झंडा ले जाने वाली गाड़ियों पर पत्थर बरसाए गए. विंडशील्ड तोड़ दिए गए. केंद्रीय मंत्री और बंगाल बीजेपी प्रमुख सुकांत मजूमदार ने कहा कि पार्क सर्कस इलाके में रामनवमी का जूलूस वापस लौटने के दौरान ये घटना हुई लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया. हालांकि, कोलकाता पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है.

पश्चिम बंगाल में रविवार का दिन रामनवमी के त्योहार का तो दिन था. लेकिन पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती थी, किसी भी तरह की हिंसा को रोकना. इंडिया टुडे के अनुसार, प्रदेश भर में जय श्रीराम के नारे, भगवा झंडों से सजे जुलूस और भक्ति संगीत की धुनों के बीच रामायण के प्रसंगों को दर्शाती भव्य झांकी निकाली गई. इस दौरान  बर्धमान, काकीनारा और उत्तर 24 परगना जिले में तलवार और गदाओं के साथ भी रैलियां निकाली गईं लेकिन राज्य पुलिस के अनुसार, इन सबके बावजूद प्रदेश के किसी भी हिस्से से हिंसा की एक भी खबर सामने नहीं आई.

भाजपा ने लगाए आरोप

इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुकांत मजूमदार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. एक्स पर पोस्ट करते हुए मजूमदार ने कहा,

जब राम नवमी का जुलूस पार्क सर्कस सेवन पॉइंट इलाके से लौट रहा था, तभी राम भक्तों पर बर्बर हमले किए गए. सिर्फ भगवा झंडा लेकर चलने की वजह से वाहनों पर पत्थर फेंके गए. शीशे तोड़ दिए गए. अराजकता फैलाई गई. यह कोई सामान्य घटना नहीं थी. बल्कि योजनाबद्ध हिंसा थी. और पुलिस? वह वहीं खड़ी थी – खामोश, निष्क्रिय और रीढ़विहीन.

मजूमदार ने कहा कि ‘ममता बनर्जी की पुलिस’ उनकी तुष्टीकरण की राजनीति में पूरी तरह से पंगु हो गई है. निर्दोष हिंदुओं की रक्षा के लिए एक भी कदम नहीं उठाया गया.  ये कायरतापूर्ण निष्क्रियता एक बात साबित करती है कि रामनवमी के दौरान एकजुट बंगाली हिंदुओं की दहाड़ ने व्यवस्था को हिला दिया है. ममता की लाडली शांति वाहिनी शांतिपूर्ण नहीं है. वे घबराए हुए हैं. डरे हुए हैं.

मजूमदार ने चेतावनी देते हुए कहा, 

जान लें, यह तो बस शुरुआत है. हम कोलकाता से वादा करते हैं. अगले साल पार्क सर्कस में और भी बड़ा, जोरदार और शक्तिशाली रामनवमी जुलूस निकाला जाएगा. वही पुलिसवाले जो आज चुप रहे? वे हम पर फूल बरसाएंगे. इन शब्दों को याद रखें. 

बंगाल बीजेपी ने इस घटना का एक कथित वीडियो भी शेयर किया और आरोप लगाया कि भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद हिंसा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. पार्टी ने ट्वीट किया, 

ममता बनर्जी की लंबे समय से चली आ रही इच्छा पूरी होती दिख रही है. कोलकाता के बीचोबीच पार्क सर्कस में धार्मिक जुलूस के दौरान रामनवमी के भक्तों के वाहनों पर हमला किया गया और तोड़फोड़ की गई. भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई.

पुलिस ने खारिज किए आरोप

तोड़फोड़ के इन आरोपों को पुलिस ने खारिज किया है. रियेक्ट करते हुए कोलकाता पुलिस ने कहा कि पार्क सर्कस इलाके में किसी भी रैली के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी और वहां कोई रामनवमी जुलूस नहीं निकला. पुलिस ने लोगों से किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने का आग्रह किया. कोलकाता पुलिस ने ट्वीट किया,

पार्क सर्कस में कथित घटना को लेकर यह साफ किया जाता है कि किसी भी जुलूस के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी और न ही इलाके में ऐसी कोई गतिविधि हुई. वाहन को नुकसान पहुंचने की सूचना मिलने पर पुलिस ने तुरंत दखल दिया और व्यवस्था बहाल की. ​​जांच के लिए केस दर्ज किया गया है. लोगों को किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की सलाह दी जाती है.

भाजपा पर बरसी टीएमसी 

बता दें कि रामनवमी के मौके पर भाजपा की ओर से पूरे पश्चिम बंगाल में समारोह मनाया गया. इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कई स्थानों पर जुलूस को लीड किया. इस बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भाजपा पर रामनवमी समारोह को उग्र प्रदर्शन में बदलने का आरोप लगाया. उन्होंने जुलूस में कथित तौर पर हथियार लहराने पर भी सवाल उठाया. टीएमसी नेता कुणाल घोष ने भाजपा से पूछा कि किस रामायण में हथियारों का प्रदर्शन करके त्योहार मनाने की अनुमति दी गई है. उन्होंने कहा कि बंगाल की संस्कृति और परंपराओं के अनुसार शांतिपूर्वक उत्सव मनाया जाना चाहिए.

वीडियो: Ram Navami पर किन शहरों में निकली Shobha Yatra? यूपी से बंगाल तक का हाल

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