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Mahindra BE 6E तो जमीन पर दौड़ेगी, फिर आसमान में उड़ने वाली इंडिगो ने उस पर केस क्यों किया?

इंडिगो ने BE 6e में '6e' का उपयोग करने को लेकर ये याचिका दायर की है. 25 नवंबर को ट्रेडमार्क रजिस्ट्रार ने महिंद्रा इलेक्ट्रिक की तरफ से आए वर्ड मार्क BE 6e को क्लास 12 के तहत रजिस्टर करने की अनुमति दी थी.

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3 दिसंबर 2024 (पब्लिश्ड: 07:30 PM IST)
IndiGo takes Mahindra Electric to Delhi High Court over use of 6E in new electric car
इंडिगो एयरलाइंस 6E कॉल साइन के बैनर तले ऑपरेट करती है. ये कंपनी की फ्लाइट्स की ब्रांडिंग का एक अहम हिस्सा है. (फोटो- X)
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महिंद्रा BE 6e. हाल में लॉन्च हुई महिंद्रा की चमचमाती इलेक्ट्रिक कार. लॉन्च होते ही लोगों को ये कार कार खूब पसंद आई. लेकिन कार को लेकर अब एक याचिका दिल्ली हाई कोर्ट में दायर की गई है (IndiGo files against Mahindra Electric). भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने महिंद्रा को ट्रेडमार्क के उल्लंघन के लिए कोर्ट में घसीट लिया है. इंडिगो ने BE 6e में '6e' का उपयोग करने को लेकर ये याचिका दायर की है.

इंडिगो बनाम महिंद्रा

बार एंड बेंच में छपी एसएन त्यागराजन की रिपोर्ट के मुताबिक ये याचिका इंटरग्लोब एविएशन ने महिंद्रा इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल लिमिटेड के खिलाफ दायर की है. मामला 3 दिसंबर को जस्टिस अमित बंसल की बेंच के सामने आया. हालांकि, जस्टिस बंसल ने मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया. अब इस मामले की सुनवाई 9 दिसंबर को हो सकती है.

मामले में इंडिगो का पक्ष रखने वाले वकील संदीप सेठी ने कोर्ट को बताया कि महिंद्रा ने कल शाम एयरलाइन से संपर्क किया था, और इस मुद्दे पर चर्चा करने का प्रयास किया जा रहा है.

इंडिगो ने 2015 में रजिस्ट्रेशन कराया था

दरअसल, इंडिगो एयरलाइंस 6e कॉल साइन के बैनर तले ऑपरेट करती है. ये कंपनी की फ्लाइट्स की ब्रांडिंग का एक अहम हिस्सा है. बार एंड बेंच में छपी रिपोर्ट के मुताबिक 6e ब्रांड के तहत इंडिगो पैसेंजर को अपनी सेवाएं उपलब्ध कराती है. इनमें ‘6e प्राइम’ और ‘6e फ्लेक्स’ जैसी सर्विसेज आती हैं. 6e प्राइम में सीट चुनने, प्रायॉरिटी चेक-इन और कॉम्प्लिमेंट्री स्नैक्स जैसे सुविधाएं दी जाती हैं. वहीं 6e फ्लेक्स में अनलिमिटेड रीशेड्यूलिंग और फ्लाइट कैंसिल करने की फ्लेक्सिबिलिटी रहती है.

इन सब के अलावा 6e के तहत एक्स्ट्रा बैगेज, प्री बुक्ड मील्स और लाउंज एक्सेस जैसी सुविधाएं भी रहती हैं. रिपोर्ट के अनुसार इंडिगो ने साल 2015 में क्लास 9, 35, 39 और 16 के तहत वर्ड मार्क '6ई लिंक' के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया था. ट्रेडमार्क क्लास वो श्रेणियां होती हैं जिनका उपयोग ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन के लिए किया जाता है. अलग-अलग क्लास के तहत इन सभी को वर्गों में बांटा जाता है. ये बिजनेस और इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑफिसेज को ट्रेडमार्क के दायरे निर्धारित करने में मदद करता है.

क्लास 9 के तहत इंडिगो के पास इसके इलेक्ट्रॉनिक विज्ञापन और एडवरटाइजिंग की अनुमति है. वहीं क्लास 35 के तहत इंडिगो के पास बैनर विज्ञापन, ऑनलाइन विज्ञापन, टेलीविजन विज्ञापन जैसी अन्य चीजों का उपयोग करने की अनुमति है. क्लास 39 के तहत, इंडिगो 6e का इस्तेमाल पैसेंजर्स और गुड्स के ट्रांसपोर्ट के लिए कर सकती है.

25 नवंबर को महिंद्रा ने रजिस्टर किया

रिपोर्ट के मुताबिक 25 नवंबर को ट्रेडमार्क रजिस्ट्रार ने महिंद्रा इलेक्ट्रिक की तरफ से आए वर्ड मार्क BE 6e को क्लास 12 के तहत रजिस्टर करने की अनुमति दी थी. जिसका मतलब है कि महिंद्रा अब 6e के तहत अपने प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग कर सकती है, और इस नाम का इस्तेमाल भी कर सकता है.

बता दें कि महिंद्रा ने अपनी इलेक्ट्रिक कार BE 6e हाल ही में रिवील की थी. हालांकि इस कार के लिए बुकिंग अभी नहीं खुली हैं. फरवरी 2025 से ये कार रोड पर दिखने की उम्मीद जताई जा रही है.Mahindra BE 6e

वीडियो: फ्लाइट्स को बम से उड़ाने की धमकी, अब तक की जांच में क्या पता चला?

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