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'कॉकपिट के नाम पर ताबूत', सिद्धार्थ यादव की मौत पर फूटा उस मां का गुस्सा, जिनकी कहानी पर बनी थी फिल्म 'रंग दे बसंती'

Gujarat Crash Siddharth Yadav: कविता गाडगिल ने सलाह दी है कि ऐसी दुर्घटनाओं को याद रखें. ग़ुस्सा करें. बेहतर की मांग करें. परवाह करने के लिए अगली दुर्घटना का इंतज़ार न करें. उन्होंने अपने भावुक पोस्ट में और क्या लिखा?

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Abhijit Gadgil Kavita Gadgil Siddharth Yadav
कविता गाडगिल, दिवंगत फ़्लाइट लेफ्टिनेंट अभिजीत गाडगिल की मां हैं. (फ़ोटो - Facebook/Kavita Gadgil)
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हरीश
8 अप्रैल 2025 (पब्लिश्ड: 09:11 AM IST)
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गुजरात के जामनगर के पास 2 अप्रैल को भारतीय वायुसेना (IAF) का 'जगुआर लड़ाकू विमान' दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस दुर्घटना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव (Siddharth Yadav) की मौत हो गई. अब इस घटना को याद करते हुए कविता गाडगिल (Kavita Gadgil) ने एक भावुक नोट लिखा है और भारतीय एयरफोर्स में मौजूद 'खामियों' की ओर ध्यान दिलाया है. कविता, अभिजीत गाडगिल (Abhijit Gadgil) की मां हैं, जिनकी 2001 में हुए मिग-21 दुर्घटना (MiG-21 crash in 2001) में मौत हो गई थी.

कविता गाडगिल ने सलाह दी है कि इन लड़कों (जैसे सिद्धार्थ यादव) को केवल फ़ोटो खिंचवाने और देशभक्ति वाले हैशटैग तक सीमित न रखें, बल्कि ऐसी दुर्घटनाओं को याद रखें. ग़ुस्सा करें. बेहतर की मांग करें. परवाह करने के लिए अगली दुर्घटना का इंतज़ार न करें.

75 वर्षीय गाडगिल ने फ़ेसबुक पर लिखा:

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फ्लाइट लेफ्टिनेंट अभिजीत गाडगिल की मौत 17 सितंबर 2001 को, राजस्थान के सूरतगढ़ में मिग-21 से जुड़ी एक हवाई दुर्घटना में हुई थी. इसे याद करते हुए 75 वर्षीय कविता गाडगिल लिखती हैं,

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ये भी पढ़ें- गुजरात के जामनगर में जगुआर फाइटर प्लेन क्रैश

पुणे में रहने वाली कविता गाडगिल लिखती हैं,

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अपने पोस्ट के अंत में कविता गाडगिल ने लिखा,

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बताते चलें, अपने बेटे अभिजीत गाडगिल की मौत के बाद, कविता अपने बड़े बेटे केदार गाडगिल के साथ रहती हैं. उनके पति विंग कमांडर अनिल गाडगिल (रिटायर्ड) की अगस्त 2019 में मौत हो गई थी. कविता गाडगिल ने अनिल और केदार के साथ मिलकर, भारतीय वायुसेना के पुराने हो रहे लड़ाकू विमानों से जुड़ी चिंताओं को उजागर करते हुए लंबी लड़ाई लड़ी. साल 2006 में बनी फ़िल्म ‘रंग दे बसंती’ उनकी ही कहानी से प्रेरित थी.

ये भी पढ़ें - जब प्रणव मुखर्जी को 'रंग दे बसंती' दिखाई गई

भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों की सुरक्षा के लिए गाडगिल परिवार की लड़ाई दिलचस्प है. इस परिवार ने ‘अभिजीत एयर सेफ्टी फाउंडेशन’ और उसके स्कूल ‘जीत एयरोस्पेस इंस्टीट्यूट’ नाम के दो संस्थान स्थापित किये हैं. इन संस्थानों में एयरफ़ोर्स के लिए ट्रेनिंग दी जाती है.

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