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पीएम मोदी-RSS पर कार्टून बनाया था, अब सार्वजनिक माफी मांगेंगे कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय

हेमंत मालवीय पीएम नरेंद्र मोदी और आरएसएस पर बनाए अपने विवादित कार्टून पर माफी मांगेंगे. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सामने ये बात कही है. कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है.

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19 अगस्त 2025 (पब्लिश्ड: 12:08 AM IST)
Hemanta Malviya
हेमंत मालवीय विवादित कार्टून पर माफी मांगेंगे (India Today)
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर विवादित कार्टून बनाने वाले हेमंत मालवीय सोशल मीडिया पर इसके लिए माफी मांगेंगे. उनकी वकील वृंदा ग्रोवर ने सुप्रीम कोर्ट को ये जानकारी दी है. ग्रोवर ने जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजरिया की पीठ के सामने कहा कि हेमंत मालवीय फेसबुक, इंस्टाग्राम और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपना माफीनामा अपलोड करेंगे. बता दें कि विवादित कार्टून को लेकर मालवीय के खिलाफ मध्य प्रदेश में एफआईआर दर्ज है.

इंडिया टुडे से जुड़े संजय शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए हेमंत मालवीय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली है.

कार्टून में क्या था?

हेमंत मालवीय के खिलाफ जो FIR दर्ज है, उसके मुताबिक उनके कार्टून में RSS की वर्दी पहने एक आदमी को दिखाया गया था. उसकी पैंट नीचे खिंची हुई थी और प्रधानमंत्री मोदी उसे इंजेक्शन लगा रहे थे. इस पोस्ट में भगवान शिव से जुड़े कुछ विवादित वाक्य भी थे. मई 2024 में विनय जोशी नाम के व्यक्ति ने उनके खिलाफ केस दर्ज कराया था. 

हाई कोर्ट का जमानत से इनकार

बीती 3 जुलाई को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई में मालवीय को अग्रिम जमानत से इंकार कर दिया था. हाई कोर्ट ने माना था कि उन्होंने अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत मिले अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का दुरुपयोग किया और जानबूझकर धार्मिक भावनाएं भड़काने वाला पोस्ट किया था. इसके बाद मालवीय ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की थी. 

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में मालवीय ने कहा कि कार्टून कोविड-19 महामारी के दौरान वैक्सीन के असर को लेकर चल रही चर्चाओं पर व्यंग्य था. उन्होंने दावा किया कि बाद में किसी और सोशल मीडिया यूजर ने उसी कार्टून को जातिगत जनगणना पर अपनी टिप्पणी के साथ जोड़कर दोबारा शेयर किया था. इस पोस्ट को उन्होंने सिर्फ शेयर किया था. उसका समर्थन नहीं किया था.

‘बार एंड बेंच’ के मुताबिक, वरिष्ठ वकील वृंदा ग्रोवर ने मालवीय की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह (मालवीय) पहले ही माफीनामा पेश कर चुके हैं और यह कहना चाहते हैं कि सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से वह विवादित कार्टून को हटा लेंगे. भले ही मामला फेसबुक पोस्ट से संबंधित है लेकिन वह अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स पर माफीनामा पब्लिश करेंगे. 

इस पर मध्य प्रदेश सरकार की पैरवी कर रहे एडिशनल सॉलिसीटर जनरल केएम नटराज ने दलील दी कि मामले में विवादित पोस्ट को डिलीट नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि जांच जारी है. उन्होंने आगे कहा, 

इस दरम्यान हेमंत मालवीय को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर माफी मांगने दीजिए. उनसे अंडरटेकिंग ली जानी चाहिए कि वो जांच में सहयोग करेंगे और दूसरी कोई हरकत नहीं करेंगे.

कोर्ट ने इस दलील से सहमति जताते हुए मालवीय को 10 दिनों में माफी मांगने को कहा है. इस अंडरटेकिंग के बाद कोर्ट ने इस बीच मालवीय की गिरफ्तारी पर लगी रोक को भी अगले आदेश तक बढ़ा दिया है.

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