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EVM और VVPAT मशीनें एक और जांच में पास, चुनाव आयोग ने कहा- छेड़छाड़ संभव नहीं

ECI ने कहा कि 10 विधानसभा क्षेत्रों में जांच और सत्यापन का अभ्यास किया गया, इसके परिणाम से एक बार फिर साबित हो गया कि EVM में छेड़छाड़ नहीं की जा सकती.

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1 अगस्त 2025 (अपडेटेड: 1 अगस्त 2025, 10:21 AM IST)
EVM and VVPAT
चुनाव आयोग ने कहा है कि EVM में गड़बड़ी नहीं की जा सकती. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे/एजेंसी)
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महाराष्ट्र (Maharashtra) विधानसभा चुनाव 2024 में हार का सामना करने वाले कुछ उम्मीदवारों ने चुनाव आयोग (ECI) में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे. उन्होंने जली हुई मेमोरी या माइक्रो-कंट्रोलर की जांच और सत्यापन की मांग की थी. अब ECI ने दावा किया है कि आयोग को अपनी जांच में किसी गड़बड़ी का पता नहीं चला है. उनका कहना है कि EVM की गिनती और VVPAT पर्चियों के बीच कोई बेमेल नहीं पाया गया है.

31 जुलाई को चुनाव आयोग ने ये जानकारी दी. उन्होंने कहा कि 10 विधानसभा क्षेत्रों में जांच और सत्यापन का अभ्यास किया गया, इसके परिणाम से एक बार फिर साबित हो गया कि EVM में छेड़छाड़ नहीं की जा सकती. ECI ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी को आठ आवेदन प्राप्त हुए थे. इनमें कोपरी-पचपखड़ी, ठाणे, पैनल, अलीबाग, खडकवासला, अरनी, येवला, चांदगढ़, कोल्हापुर उत्तर और माजलगांव विधानसभा क्षेत्रों में EVM/VVPAT की जली हुई मेमोरी या माइक्रोचिप के सत्यापन की मांग की गई थी. 

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग के एक प्रवक्ता ने कहा,

8 आवेदकों और चुनाव लड़ चुके अन्य उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों की उपस्थिति में, 48 EVM बैलेट इकाइयों, 31 EVM नियंत्रण इकाइयों और 31 VVPAT की जांच और उनका सत्यापन किया गया. दो आवेदक उम्मीदवारों ने इसमें भाग नहीं लेने का फैसला किया. आवेदक उम्मीदवारों के अनुरोध पर, कोपरी-पचपाखड़ी, ठाणे, खडकवासला और माजलगांव विधानसभा क्षेत्रों में EVM के तीन सेटों में बर्न मेमोरी की पुष्टि के लिए डायग्नोस्टिक टेस्ट किया गया.

ECI ने आगे कहा कि डायग्नोस्टिक टेस्ट के बाद, EVM बनाने वाली कंपनी ECIL के इंजीनियरों ने प्रमाणित किया कि सभी मशीनें इस टेस्ट में पास हो गईं. उन्होंने आगे कहा,

पैनल, अलीबाग, अरनी, येवला, चांदगढ़, कोल्हापुर उत्तर और माजलगांव विधानसभा क्षेत्र की EVM मशीनों में मॉक पोल के साथ डायग्नोस्टिक टेस्ट किया गया. अधिकृत इंजीनियरों ने ये प्रमाणित किया कि सभी मशीनें इस टेस्ट में पास हो गई हैं. इसके बाद उन पर मॉक पोल किया गया.

चुनाव आयोग ने बताया कि EVM के नतीजों की पुष्टि VVPAT पर्चियों की गिनती से की गई और दोनों में कोई अंतर नहीं पाया गया.

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कांग्रेस ने क्या आरोप लगाए थे?

पिछले वर्ष महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य की मतदाता सूची में मनमाने ढंग से नाम जोड़े और हटाए गए. इसके अलावा उन्होंने ये आरोप भी लगाया कि शाम पांच बजे के बाद मतदान में हुई अप्रत्याशित वृद्धि के कारण ही भाजपा की जीत हुई.

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