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मुस्लिम परिवारों ने लगाए 'पलायन' और 'मकान बिकाऊ होने'के पोस्टर, अलीगढ़ में ऐसा क्यों हुआ?

Aligarh Land Dispute : अलीगढ़ में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने अपने मकान पर पलायन और बिकाऊ होने का पोस्टर लगा दिया. पोस्टर लगाने की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. और लोगों से बात की. यह मामला जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है.

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19 फ़रवरी 2025 (पब्लिश्ड: 01:45 PM IST)
Aligarh Land Dispute muslim families yogi adityanath
मुस्लिम परिवारों ने लगाए पलायन के पोस्टर. (ग्रैब)
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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अलीगढ़ (Aligarh) में कुछ मुस्लिम परिवारों का अपने घर पर पलायन के पोस्टर लगाने का मामला सामने आया है. इनका दावा है कि मुस्लिम समुदाय के एक व्यक्ति की घर की जमीन का स्थानीय दबंगों ने कथित तौर पर फर्जी बैनामा (Deed) करा लिया है. जबकि जमीन का मामला कोर्ट में चल रहा है.

इसकी वजह से मुस्लिम समुदाय के लोगों में नाराजगी है. और इसका विरोध जताने के लिए उन्होंने अपने घरों की दीवारों पर 'यह मकान बिकाऊ है, गुंडों के डर से' और 'गुंडों के डर से पलायन पलायन' जैसे पोस्टर लगा दिए. इस मामले की जानकारी मिलते ही थाना अधिकारी योगेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे. और करीब चार घंटे तक समझा-बुझाकर पलायन के पोस्टर हटवाए. पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. मकान के मालिकाना हक को लेकर अतरौली के सिविल कोर्ट में मामला विचाराधीन है.

60 परिवारों ने लगाए पोस्टर

यह मामला अलीगढ़ के दादो थाना क्षेत्र के छर्रा साकरा रोड का है. यहां के स्थानीय निवासी जमील ने बताया कि करीब 36 साल पहले उन्होंने कस्बा निवासी इंद्रजीत से ये प्लॉट खरीदा था. और जमीन के आगे के हिस्से में दुकान और पीछे के हिस्से में पशुओं के रहने के लिए टिनशेड बनवाया.  एक साल पहले जमील को पता चला कि पड़ोस के गांव नगला परसी के रहने वाले उमेश यादव ने मकान का बैनामा करा लिया. इसके बाद उन्होंने अतरौली कोर्ट में इसके खिलाफ वाद (Suit) दायर किया. जमील का दावा है कि कोर्ट ने 19 जनवरी को इस मामले में शांति व्यवस्था बनाए रखने का आदेश जारी किया था. इसके बावजूद भी उनके मकान को घेरने का प्रयास किया जा रहा है.

दूसरे पक्ष का क्या दावा है?

इस मामले में दूसरे पक्ष के उमेश यादव ने बताया कि 14 मार्च 2023 को उन्होंने कस्बा के रहने वाले इंद्रजीत के एक मकान का बैनामा कराया था.  उमेश ने दावा किया कि जमील ने अवैध रूप से उस पर कब्जा कर लिया. इसके बाद उन्होंने अतरौली कोर्ट में मुकदमा किया. और कोर्ट ने 29 जनवरी को उनके पक्ष में आदेश दिया. 

उमेश ने आगे बताया, 

 डीएम के आदेश पर तीन दिन पहले अतरौली के तहसीलदार रामगोपाल, नायब तहसीलदार मयंक गोयल और दादों पुलिस थाना ने दोनों पक्षों को थाने में बुलाया. वहां जमील से तीन दिन में कागज दिखाने की बात कही गई. और बताया गया कि अगर कागज नहीं मिला तो उन्हें कब्जा छोड़ना पड़ेगा. इसी के चलते ये लोग पोस्टर लगाकर दबाव बना रहे हैं.

सर्किल ऑफिसर छर्रा महेश कुमार ने बताया कि दो पक्षों के बीच अतरौली कोर्ट में जमीन का विवाद चल रहा था. इस मामले में कोर्ट का फैसला आने के बाद एक पक्ष ने नाराज होकर पलायन करने के पोस्टर लगाए थे. उन्होंने आगे बताया कि इस मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है. 

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