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अजमेर दरगाह प्रमुख के उत्तराधिकारी ने बताए वक्फ बिल के फायदे, ओवैसी बोले- 'वो सरकारी कर्मचारी है'

सैयद नसरुद्दीन चिश्ती का बयान शेयर किया है. वो कह रहे हैं, “संशोधन का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मस्जिदें या संपत्तियां छिन जाएंगी. यह कहना गलत होगा. बिल चर्चा के बाद ही लाया गया है. इस पर जेपीसी में भी चर्चा की गई. सरकार ने सबको सुना. इसके बाद ही बिल लाया गया."

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Discussion on Waqf Bill likely this week, Ajmer Dargah Chief Supports The Bill
2 अप्रैल को पेश हो सकता है वक्फ बिल. (फोटो- इंडिया टुडे)
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हिमांशु मिश्रा
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1 अप्रैल 2025 (पब्लिश्ड: 04:10 PM IST)
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अजमेर दरगाह के आध्यात्मिक प्रमुख के उत्तराधिकारी सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने वक्फ बिल (Waqf Bill) के संशोधन पर समर्थन जताया है. उन्होंने कहा कि बिल में संशोधन की ज़रूरत है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मस्जिदें या संपत्तियां छिन जाएंगी. दूसरी तरफ, इसे लेकर सियासत और तेज़ हो गई है. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने चिश्ती के इस बयान पर कटाक्ष किया है.

न्यूज एजेंसी ANI ने ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन सैयद नसरुद्दीन चिश्ती का बयान शेयर किया है. वो कह रहे हैं,

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यह भी पढ़ेंः पटना में वक्फ बोर्ड बिल के विरोध में उतरे लालू-तेजस्वी, बोले- सत्ता रहे या जाए…

चिश्ती ने कहा कि सहमति और असहमति लोकतंत्र का हिस्सा हैं और बिल का विरोध करने वाले ‘गुमराह करने कि कोशिश’ कर रहे हैं.

वक्फ पर विपक्ष बिफरा

उधर बिल को लेकर विपक्ष का बीजेपी पर हमला करना जारी है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, 

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वहीं AIMIM पार्टी प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 

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इसके अलावा कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि अगर अल्पसंख्यकों को और ज्यादा पीछे की ओर धकेला जाएगा तो उनमें अकेलेपन की भावना आएगी. इससे कट्टरता और दूसरे सवाल बढ़ेंगे. रावत ने आरोप लगाया कि यह केंद्र सरकार की हठधर्मिता है जिसका नतीजा देश के सौहार्द को भुगतना पड़ेगा.

यह भी पढ़ेंः वक्फ संशोधन बिल को लेकर सरकार पर लगे आरोप, JPC रिपोर्ट के कौन से हिस्से गायब?

वक्फ पर सरकार का पक्ष 

वहीं बिल पर बनी जेपीसी के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने इस मुद्दे पर कहा, 

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मोदी सरकार में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस मुद्दे पर कहा, “कुछ दल और संगठन लोगों को गुमराह कर रहे हैं. कुछ भी बोलने से पहले बिल को पढ़ें और फिर तर्क दें. झूठ बोलकर समाज को गुमराह ना करें. बिल को लाने की तैयारी पूरी कर ली गई है.”

वक्फ संशोधन बिल अगस्त 2024 में जॉइंट पार्लियामेंट कमेटी (JPC) को भेजा गया था. तब भी इस बिल को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था. इंडिया टुडे से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अब यह बिल 2 अप्रैल को लोकसभा के पटल पर रखा जा सकता है. इससे पहले सीनियर बीजेपी मंत्री I.N.D.I.A. ब्लॉक के नेताओं के साथ इस पर चर्चा कर सकते हैं.

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