पीरियड्स, प्रेग्नेंसी, मेनोपॉज और हॉर्मोन की उथल-पुथल के बीच महिलाओं को लेने चाहिए ये सप्लीमेंट
महिलाओं के लिए सबसे ज़रूरी सप्लीमेंट्स कौन-से हैं, ये जानेंगे आज. डॉक्टर से ये भी समझेंगे कि इन्हें कब लेना है. कितनी मात्रा में लेना है. और सप्लीमेंट्स शुरू करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है.

महिलाओं की ज़िंदगी फेज़ेस में बंटी हुई है. शुरुआत होती है पीरियड्स से. जो आमतौर पर 8-10 साल की उम्र से शुरू हो जाते हैं. फिर थोड़ा उम्र बढ़ने पर होती है प्रेग्नेंसी. 45 साल के बाद मेनोपॉज़ आ जाता है. इन तीनों चरणों के दौरान महिलाओं के शरीर में तमाम बदलाव होते हैं. हॉर्मोन्स की उथल-पुथल होती है. वक्त-वक्त पर पोषण की ज़रूरतें भी बदलती हैं.
अब ज्यादातर महिलाएं अपना कितना ख़्याल रखती हैं, ये आपको पता ही है. ऐसे में क्या होता है? कभी खून की कमी तो कभी हड्डियां कमज़ोर. कुल मिलाकर, शरीर में ज़रूरी पोषक तत्वों की कमी हो जाती है. और यहां ज़रूरत पड़ती है सप्लीमेंट्स की.
महिलाओं के लिए सबसे ज़रूरी सप्लीमेंट्स कौन-से हैं, ये जानेंगे आज. डॉक्टर से ये भी समझेंगे कि इन्हें कब लेना है. कितनी मात्रा में लेना है. और सप्लीमेंट्स शुरू करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है.
महिलाओं के लिए पहला सबसे ज़रूरी सप्लीमेंटहमें बताया डॉक्टर नेहा जैन ने.

महिलाओं के लिए पहले सबसे ज़रूरी सप्लीमेंट आयरन और फोलिक एसिड हैं. ये सप्लीमेंट महिलाओं में खून की कमी (एनीमिया) दूर करने में मदद करते हैं. पीरियड्स के दौरान होने वाली थकान और कमज़ोरी दूर करने में भी काम आते हैं. प्रेग्नेंसी में बच्चे के विकास और मां की पोषण संबंधी ज़रूरतें पूरी तरने के लिए ये ज़रूरी हैं. महिलाओं को रोज़ करीब 60 मिलीग्राम आयरन और 500 माइक्रोग्राम फोलिक एसिड लेना चाहिए. इन्हें खाने के बाद लेना बेहतर माना जाता है. खाली पेट लेने पर कुछ महिलाओं को उल्टी हो सकती है.
महिलाओं के लिए दूसरा सबसे ज़रूरी सप्लीमेंटमहिलाओं के लिए दूसरे सबसे ज़रूरी सप्लीमेंट कैल्शियम और विटामिन D हैं. कैल्शियम हड्डियों को मज़बूत करता है और विटामिन D उसके एब्ज़ॉर्प्शन में मदद करता है. आमतौर पर 500 मिलीग्राम कैल्शियम की एक-एक डोज़ दिन में दो बार ली जा सकती है. विटामिन D हफ्ते में एक बार 60,000 IU लेने की सलाह दी जा सकती है. इन सप्लीमेंट्स को खाने के बाद लेना बेहतर माना जाता है. अगर इन्हें ज़्यादा फैट वाली चीज़ों के साथ लिया जाए, तो इनका एब्ज़ॉर्प्शन बेहतर रहता है.

महिलाओं के लिए तीसरा सबसे ज़रूरी सप्लीमेंट ओमेगा-3 फैटी एसिड है. ये पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द को कम करता है. स्किन को बेहतर बनाने के भी काम आता है. ओमेगा-3 दिल की बीमारियों का रिस्क भी घटाता है. आप खाने के बाद 1000 मिलीग्राम ओमेगा-3 सप्लीमेंट ले सकते हैं.
सप्लीमेंट्स लेने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?डॉक्टर से पूछने के बाद ही सप्लीमेंट लेना शुरू करें. आपको कितनी डोज़ की ज़रूरत है, ये डॉक्टर ही बता पाएंगे. वो आपको कुछ टेस्ट कराने के लिए भी कह सकते हैं. जैसे CBC, विटामिन D का टेस्ट, विटामिन B12 का टेस्ट. आमतौर पर सप्लीमेंट्स खाने के बाद लेना बेहतर रहता है. वरना कई बार कुछ लोगों में उबकाई, उल्टी हो सकती है. अगर आप आयरन और कैल्शियम दोनों सप्लीमेंट ले रहे हैं, तो उनके बीच कम से कम 2 घंटे का गैप रखें. दरअसल आयरन, कैल्शियम के एब्ज़ॉर्प्शन को कम करता है, जिससे शरीर को पूरा फायदा नहीं मिल पाता.
अगर आपको अक्सर कमज़ोरी, थकान रहती है. शरीर में दर्द होता है. तो एक बार ज़रा टेस्ट करके पता कर लें कि कहीं आपके शरीर में किसी खास पोषक तत्व की कमी तो नहीं है.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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