The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Fact Check
  • Fact Check: Hindustan Unilever Limited' (HUL) who makes Surf Excel does not own by a muslim named Atikullah Malik

पड़ताल: क्या सर्फ एक्सल का मालिक मुसलमान है!

जानिए हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड की पूरी कहानी, जो सर्फ़ एक्सल बनाती है.

Advertisement
pic
12 मार्च 2019 (अपडेटेड: 12 मार्च 2019, 12:09 PM IST)
Img The Lallantop
सर्फ एक्सल का नया ऐड ''रंग लाए संग''
Quick AI Highlights
Click here to view more
रंग भले धुल जाएं, दाग कहां धुल पाएंगे... मैं मिट जाऊं, पर ये चिह्न नहीं मिट पाएंगे..!
ये चंद शब्द हैं, प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कवयित्री कमला चौधरी की कविता 'कलाकार से' के. अब आप सोचेंगे हम अचानक ऐसी कविता क्यों सुनाने लगे, जिसमें रंग और दाग का ज़िक्र है. तो कुछ लोग समझ गए होंगे और जो नहीं समझे हैं, उनको मैं बता देता हूं. बीते कुछ दिनों से ये दो शब्द समाज में नफरत फैलाने का ज़रिया बन गए हैं. शुरुआत हुई 'सर्फ एक्सल' के एक विज्ञापन से. कपड़े धोने के पाउडर ने अपने विज्ञापन के जरिए समाज में एकता पर ज़ोर दिया. मगर ये बात कुछ लोगों को हज़म नहीं हुई. और उन्होंने सर्फ एक्सल के बहिष्कार का ऐलान कर दिया. उसके विज्ञापन को 'लव जिहाद' बढ़ाने वाला करार दिया जाने लगा. सोशल मीडिया पर सर्फ एक्सल के खिलाफ बाकायदा फरमान जारी हो रहे हैं. और अब तो कंपनी का मालिक भी खोज निकाला गया है. बल्कि ये खोज निकाला गया है कि मालिक मुसलमान है. नाम है अतिकउल्लाह मलिक.
मतलब समझ रहे हैं न? खैर, हमने तो सोचा भी थोड़ा जांच लें कि क्या है सच्चाई? आइए जानते हैं.
ये सर्फ एक्सल के होली वाले ऐड के स्क्रीनशॉट हैं,
ये सर्फ एक्सल के होली वाले ऐड के स्क्रीनशॉट हैं.

ये कौन सी कंपनी है जो सर्फ एक्सल बनाती है?
सर्फ एक्सल को हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड नाम की कंपनी बनाती है. ये कंपनी यूनिलीवर की भारतीय इकाई है. यूनिलीवर ब्रिटेन की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी है. यूनिलीवर अपने प्रोडक्ट 190 देशों को बेचती है. इस कंपनी की ब्रिटेन में शुरुआत विलियम हेस्के लीवर ने की थी. इसके बाद से ये दुनिया भर में अपना विस्तार करती रही. हिंदुस्तान यूनिलीवर में यूनिलीवर की हिस्सेदारी 67 फीसदी है. इसके चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव मेहता हैं. संजीव मेहता कंपनी के दक्षिण एशिया के कार्यकारी उपाध्यक्ष भी हैं.  कंपनी में इस वक्त करीब 18,000 कर्मचारी हैं. साल 2017-18 के दौरान हिंदुस्तान यूनिलीवर ने 34,619 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिक्री की.
सर्फ़ एक्सल को कंपनी ने 1959 में लॉन्च किया था. आज ये फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स यानी एफएमसीजी का बड़ा ब्रैंड है. सर्फ एक्सेल को कई बार कसौटियों से गुजरना पड़ा. कंपनी ने इसे हमेशा एक प्रीमियम प्रोडक्ट के तौर पर पेश किया. इसने निरमा और घड़ी जैसे उत्पादों के साथ कीमत के मोर्चे पर मुकाबला किया. नब्बे के दशक की शुरुआत में इसका मुकाबला एरियल से भी हुआ. इसे यूनलीवर की कंपटीटर प्रॉक्टर एंड गैंबल नाम की कंपनी ने लॉन्च किया था. पर सर्फ एक्सल ने बाजार पर अपनी पकड़ बनाए रखी. सर्फ एक्सल के अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर 20 अलग-अलग कैटेगरी में 35 से ज्यादा प्रोडक्ट बनाती है. लक्स, लाइफबॉय, रिन, व्हील, फेयर एंड लवली, पॉन्ड्स, वैसलीन, लैक्मे, डव, क्लीनिक प्लस, सनसिल्क, पेप्सो़डेंट, क्लोजअप, एक्स, ब्रुक बॉन्ड, ब्रू, नॉर, किसान, क्वॉलिटी वाल्स और प्योर इट जैसे ब्रैंड इसी कंपनी के हैं.
कंपनी की ब्रिटेन में शुरुआत विलियम हेस्के लीवर ने की थी. स्क्रीनशॉट.
कंपनी की ब्रिटेन में शुरुआत विलियम हेस्के लीवर ने की थी. स्क्रीनशॉट.

भारत में कंपनी का विस्तार कैसे-कैसे हुआ?
साल 1888 भारत में सनलाइट नाम से पहला सोप लॉन्च किया. फिर 1895 लाइफबॉय भारत में पेश किया. इसी साल कंपनी लीवर ब्रदर्स ने मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और कराची में एजेंट नियुक्त किए. कंपनी ने1902 पीयर्स साबुन लॉन्च किया. 1903 में ब्रुक बॉन्ड रेड लेबल चाय पेश की. 1905 में लक्स साबुन भारत आया. इसके दो साल बाद 1905 में विम पाउडर कंपनी ने यहां उतारा. 1926 में इसी कंपनी ने डालडा को भारत में पेश किया. साल 1930 में लीवर ब्रदर्स और मारग्रीन यूनी नाम की दो कंपनियों के विलय के बाद यूनीलीवर का गठन किया गया. जिस साल देश आजाद हुआ यानी 1947 में, इसी कंपनी ने पॉन्ड्स कोल्ड क्रीम भारत में उतारी. कंपनी ने 1961 में प्रकाश टंडन नाम के पहले भारतीय शख्स को कंपनी का चेयरमैन बनाया.  पहले यूनिलीवर की इंडियन इकाई का नाम हिंदुस्तान लीवर था जिसे साल 2007 में नाम बदलकर हिंदुस्तान यूनिलीवर कर दिया गया. अब ये ब्रिटेन की यूनिलीवर की सब्सिडियरी कंपनी के तौर पर काम कर रही है.
ये अतिकउल्लाह मलिक कौन हैं?
अब बात अतिकउल्लाह मलिक की. अतिकउल्लाह मलिक का हिंदुस्तान यूनिलीवर से कोई लेना-देना नहीं है. ये नाम पूरी तरह काल्पनिक है. सोशल मीडिया पर इसे कौवा कान ले गया की तर्ज पर शेयर किया जा रहा है. सच्चाई ये है कि हिंदुस्तान यूनिलीवर के भारत में चेयरमैन संजीव मेहता हैं. और उनका अतिकउल्लाह नाम से दूर-दूर तक कोई रिश्ता भी नहीं है. इंडियंस एक अताउल्लाह को तो जानते हैं लेकिन वो गाने गाते हैं. का समझे?


वीडियोः होली पर ही नहीं, सर्फ एक्सेल ने रमज़ान पर भी बनाए हैं ऐड

Advertisement

Advertisement

()