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क्या है 'मिकी 17', 'पैरासाइट' वाले डायरेक्टर की अगली फिल्म जिसका कॉन्सेप्ट दिमाग घुमा कर रख देगा

Bong Joon Ho की फिल्म Parasite ने चार Oscar Awards जीते थे. उसके बाद उनकी तगड़ी साइंस फिक्शन फिल्म आ रही है जिसे बनाने में 1240 करोड़ रुपये झोंक दिए.

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bong joon ho mickey 17
बॉन्ग जून हो की फिल्म 'मिकी 7' नाम के साइंस फिक्शन नॉवल पर आधारित है.
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22 फ़रवरी 2024 (Updated: 5 मार्च 2024, 16:49 IST)
Updated: 5 मार्च 2024 16:49 IST
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साल 2003 में एक साउथ कोरियन फिल्म आई थी, ‘मेमरीज़ ऑफ मर्डर’. कहानी साउथ कोरिया के एक छोटे से शहर में घटती है. साल 1986 से 1991 के बीच एक सीरियल किलर ने कई सारी महिलाओं की हत्या कर दी थी. कुछ के साथ दुष्कर्म होने की बात भी सामने आई. इस केस ने पूरे साउथ कोरिया को हिलाकर रख दिया था. पुलिस की नींद हवा हो गई. वो हर मुमकिन कोशिश कर के भी किलर तक नहीं पहुंच पा रहे थे. कई लोगों को हिरासत में लिया गया. उन्हें टॉर्चर किया गया. लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा. इस केस पर बॉन्ग जून हो ने अपनी दूसरी फिल्म ‘मेमरीज़ ऑफ मर्डर’ बनाई.

फिल्म के बनने तक हत्यारे का कोई पता नहीं चला था. यही वजह है कि फिल्म के सबसे आखिरी शॉट में डिटेक्टिव कैमरा में देखता है और स्क्रीन ब्लैक आउट कर जाती है. इस शॉट का ये मतलब बताया गया कि डिटेक्टिव सीधा ऑडियंस की आंखों में देख रहा है, और मुमकिन है कि उसी ऑडियंस में वो सीरियल किलर भी हो. कहानी आगे बढ़कर पहुंचती है साल 2020 पर. नवंबर में खबर आती है कि सीरियल किलर की पहचान हो चुकी है. साल 1994 में अपने एक रिश्तेदार की हत्या के आरोप में वो आदमी जेल में था. उसने कोर्ट में कुबूल किया कि उसने 10 और महिलाओं की हत्या की थी. हैरानी जताई कि पुलिस उस तक कभी पहुंच क्यों नहीं पाई. जबकि एक मौके पर पुलिस उससे पूछताछ कर रही थी और उसने अपने हाथ में अपने विक्टिम की घड़ी पहनी हुई थी. 

memories of murder
‘मेमरीज़ ऑफ मर्डर’ का आखिरी शॉट. 

साल 2020 में ‘मेमरीज़ ऑफ मर्डर’ का आर्क पूरा हो गया. वो साल बॉन्ग जून हो के लिए सिर्फ इसी वजह से यादगार नहीं था. कुछ महीने पहले 92वें ऑस्कर अवॉर्ड्स हुए थे. वहां बॉन्ग की फिल्म ‘पैरासाइट’ ने तहलका मचा कर रख दिया. पूरी दुनिया का ध्यान खींचकर बता दिया कि सब्टाइटल वाली बाधा को पार कीजिए, अच्छा सिनेमा आपका इंतज़ार कर रहा है. ‘पैरासाइट’ वाले उस रात रात ऑस्कर ट्रॉफी अपने घर लेकर गए. ये दो साउथ कोरियन परिवारों की कहानी थी लेकिन उसकी अपील यूनिवर्सल साबित हुई. दो परिवारों के उन लोगों से आप अपरिचित हों लेकिन उनके बीच का भेद हम रोज़ाना अपने आसपास देखते हैं. फिल्म में एक सीन है, उसे देखने के बाद आपके लिए मूसलाधार बारिश के मायने हमेशा के लिए बदल जाएंगे. याद आएगा कि जो बारिश आपके लिए मौसम सुहाना कर रही है, वो किसी की आय, उसकी छत को अपने साथ बहा ले जा रही है. इसे कहते हैं प्रिविलेज. 

‘पैरासाइट’ एक ब्लैक कॉमेडी थी. यानी ऐसी कहानी जो किसी त्रासदी या दुख भरे विषय को हल्के मज़ाक के साथ लपेटकर पेश की गई हो. आप किसी पॉइंट पर हंसेंगे, फिर अगले क्षण लगेगा कि क्या इस पर हंसना सही था. ‘पैरासाइट’ ने ऑस्कर के अलावा दुनियाभर का हर बड़ा नामी फिल्म अवॉर्ड अपने नाम किया. अब पूरी दुनिया जानना चाहती थी कि बॉन्ग जून हो आगे क्या करिश्मा करने वाले हैं. ऐसे में उनकी एक नई फिल्म अनाउंस हुई. नाम था Mickey 17. कास्ट से कुछ एक्टर्स के नाम बाहर आए. एक छोटा-सा टीज़र रिलीज़ हुआ, जहां रॉबर्ट पैटिंसन किसी मशीन में लेटे हुए दिखते हैं. मेकर्स ने कहानी, फिल्म से एक्टर्स के लुक, ऐसी तमाम चीज़ों को गुप्त रखने की कोशिश की. अब ताज़ा रिपोर्ट आई है कि ‘मिकी 17’ जनवरी 2025 में रिलीज़ होने वाली है. ये फिल्म क्या है, किस बारे में है, और इसे लेकर हाइप का बनना क्यों सही है, अब ऐसे पॉइंट्स पर बात करेंगे. 

# कहानी ऐसी जो सोचने पर मजबूर कर दे       

‘मिकी 17’ की कहानी को लेकर इंटरनेट पर अनेकों थ्योरीज़ चली. किसी ने लिखा कि रॉबर्ट पैटिंसन के किरदार को सज़ा देने के लिए उसे ब्लैक होल में भेज दिया जाएगा. वो एक अपराधी है. इन थ्योरीज़ में से कुछ बातें सही निकल सकती हैं और कुछ पूरी तरह गलत. एडवर्ड एशटन ने ‘मिकी 7’ नाम से एक साइंस-फिक्शन नॉवल रचा था. बताया जा रहा है कि ‘मिकी 17’ की कहानी उसी किताब पर आधारित है. ये एक आदमी के आंतरिक असमंजस की कहानी है जो भविष्य से कई साल आगे घटती है. उस सवाल या असमंजस के बारे में एडवर्ड ने एक इंटरव्यू में बताया था:     

ये सवाल पहली बार साल 1755 में उठा था. अगर आप अपना दिमाग, अपनी शख्सियत, अपने बारे में हर एक चीज़ कॉपी कर पाते, चाहे वो आपका स्ट्रॉबेरी आइस-क्रीम को लेकर प्रेम हो, या इलेक्ट्रॉनिक डांस म्यूज़िक से आपकी नफरत, ये सभी चीज़ें किसी दूसरे शरीर में कॉपी कर सकें, तो वो नया इंसान क्या कहलाएगा. क्या वो आप ही हैं? या फिर वो कोई दूसरा इंसान है जो बस आपकी चीज़ों को अपना मान रहा है. ये सवाल मेरे नायक की ज़िंदगी का केंद्र है.     

एडवर्ड बताते हैं कि ‘मिकी 7’ की घटनाएं आज से कुछ हज़ार साल आगे की कहानी दर्शाती हैं. निल्फहाइम नाम की एक जगह है. बर्फ से बनी दुनिया. वहां एक इंसान को मिशन पर भेजा जाता है. इंसान चाहते हैं कि वहां अपनी कॉलोनी बनाई जाए. यानी वहां मानव सभ्यता की शुरुआत की जा सके. मिकी नाम के शख्स को उस मिशन पर भेजा जाता है. वो एक Expendable है. उसे हर मुमकिन खतरनाक काम करना है, फिर चाहे वो खुद के शरीर की धज्जियां उड़वाना ही क्यों न हो. हर केस में उसका एक ही अंत है, कि उसे मरना ही होगा. वो ज़िंदा नहीं रह सकता. जैसे ही वो मरेगा, उसका क्लोन बनाया जाएगा जो पूरी तरह से उसके जैसा ही होगा. इसी क्रम में वो छह बार मर चुका है. इसलिए नॉवल का टाइटल ‘मिकी 7’ है. 

मिकी से वादा किया गया था कि इस तरह से तुम अमर हो जाओगे. उसने बात मान भी ली. उसे बार-बार मरने के बाद एहसास होता है कि उसने बहुत बड़ी गलती कर दी. किसी भी तरह इस मिशन से बाहर भी नहीं निकल सकता. वो आंतरिक मतभेद से जूझ रहा है. अपनी वास्तविक पहचान तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है. ये नॉवल एक ब्लैक कॉमेडी है, वो जॉनर जिसमें बॉन्ग जून हो ने महारत हासिल कर रखी है. वो इस मटेरियल के साथ क्या कर रहे हैं, इसका जवाब साल 2025 में मिलेगा. 

# रॉबर्ट पैटिंसन का रिडेम्शन

साल 2005 में आई ‘हैरी पॉटर एंड द गॉब्लेट ऑफ फायर’ रॉबर्ट पैटिंसन की पहली मेजर फिल्म थी. फिल्म में उन्होंने सेडरिक डिग्री का रोल किया जिसे अंत में Voldemort मार डालता है. हालांकि लंबे समय तक लोगों ने उन्हें ‘हैरी पॉटर’ के लिए याद नहीं रखा. उनकी पहचान Twilight वाले लड़के के रूप में बनी. ये वो फिल्म सीरीज़ थी जिसे बहुत सारे लोगों ने बिना देखे क्रिंज घोषित कर दिया. फिल्म को बैश करना कूल हो गया. ठीक वैसे ही जैसे बिना टेलर स्विफ्ट के गाने सुने, उन्हें ट्रोल करना हो गया है.      

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‘द लाइटहाउस’ के एक सीन में रॉबर्ट पैटिंसन.

खैर, रॉबर्ट का पुनर्जन्म हुआ. वो वही लड़के बनकर नहीं रहे जिसकी पहचान की शुरुआत और समापन सिर्फ उसके लुक्स तक सीमित रह जाए. बड़ी फिल्मों से इतर उन्होंने इंडिपेंडेंट सिनेमा पर ध्यान दिया. ‘गुड टाइम’, ‘हाई लाइफ’ और ‘द लाइटहाउस’ जैसी फिल्मों में कमाल काम किया. उन फिल्मों के रिव्यूज़ में रॉबर्ट के काम को स्पेशल मेंशन मिला. उसके बाद उन्होंने क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ‘टेनेट’ की. यहां से क्लियर हो गया कि रॉबर्ट भरोसेमंद एक्टर होने के साथ-साथ बैंकेबल स्टार भी हैं. उनके काम के लिए उनकी फिल्में देखी जा सकती हैं. साथ ही उनके नाम से वो बिकेंगी भी. 

‘टेनेट’ पर काम करने के दौरान उन्होंने ‘द बैटमैन’ के लिए भी ऑडिशन दिया. उनका बैटमैन अडेप्टेशन बीते कुछ समय में सबसे बेहतरीन ऑन-स्क्रीन बैटमैन में से एक है. अब वो ‘मिकी 17’ को लीड करने जा रहे हैं. उनके अलावा फिल्म से ‘हल्क’ बने मार्क रफेलो, टोनी कोलेटऔर स्टीवन यिउन जैसे एक्टर्स के नाम भी जुड़े हैं. इस फिल्म को 150 मिलियन डॉलर के भारी-भरकम बजट पर बनाया जा रहा है. यानी भारतीय रुपये में ये करीब 1243 करोड़ हुआ. पहले ‘मिकी 17’ को 29 मार्च 2024 को रिलीज़ किए जाने का प्लान था. लेकिन हॉलीवुड में राइटर्स और एक्टर्स की स्ट्राइक के चलते फिल्म का काम अटक गया था. अब मेकर्स फिल्म पूरी कर के 31 जनवरी 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ करने जा रहे हैं.                                       
 

वीडियो: जब पैरासाइट इतनी फेमस भी नहीं हुई थी, तभी शाहरुख खान ने इसका रिव्यू कर दिया था

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