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सोमालिया की वो बातें, जो न मोदी जानते हैं, न गूगल

केरल से सोमालिया की तुलना हो गई तो सबको पता होना चाहिए सोमालिया का कच्चा चिट्ठा.

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13 मई 2016 (अपडेटेड: 13 मई 2016, 12:59 PM IST)
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Source: Reuters
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केरल में 16 मई से शुरू हो रहे हैं चुनाव. और फैजाबाद के कवि मरहूम रफीक सादानी फरमा गए हैं
"जब नगीचे चुनाव आवत है, भात मांगौ पुलाव आवत है"
और आते हैं बयान. वोटर का करेजा कुरेदने वाले बयान. हर नेता ऐसे लच्छेदार बयान देता है कि उसी जलेबी में वोटर अपना वोट ले गिरे. इस बार का मारक बयान था पीएम मोदी का. कि केरल के जो ST हैं, माने शेड्यूल्ड ट्राइब लोग. उनकी हालत सोमालिया से ज्यादा बुरी है.
फिर लग गई लंका. ट्विटर पर हैशटैग चला #PoMoneModi.तब से मामला ठंडा नहीं पड़ा है. खैर वहां बात केरल की है. साथ में चिपक गया है सोमालिया. और सोमालिया के बारे में सब सुनते आए हैं. लेकिन फुल प्रूफ जानकारी किसी को नहीं. हम काहे बइठे हैं यहां? वही ज्ञान उड़ेलने के लिए न. तो जानो सोमालिया के बारे में वो बातें, जो हमारा देशभक्त मीडिया आपको कभी नहीं बताएगा.

1: पहले सोमालिया में होती थी अमृत वर्षा

पहली बात तो ये कन्फर्म कर लो कि सोमालिया उसका असली नाम नहीं है. इथोपिया का पड़ोसी एक अफ्रीकी देश है. इसका नाम पहले हुआ करता था सोमालय. सोमालय यानी सोमरस का घर. सोमरस माने देवताओं का अमृत. देवता बसते थे उस धरती पर. क्योंकि वह भी जंबूद्वीप का एक हिस्सा था. कालांतर में अफ्रीकियों ने उस पर कब्जा कर लिया. सोमरस की फैक्ट्रियों में आग लगा दी. और वहां के निवासी सड़क पर आ गए. वहां की भुखमरी वाली इमेज वहीं से डेवलप हुई. वो भारत का हिस्सा है. इसका सुबूत है वहां मौजूद वारगाड़े दीवार. इसका मराठी नाम देखो भाई.

2: आज की डेट में वहां कोई बेरोजगार नहीं

हां हां अगर अब भी कोई कहे कि वहां भुखमरी है तो उसकी बुद्धि पर तरस खाओ. मंद मंद सीरियल वाले भगवान कृष्ण की तरह मुस्किया दो. वहां छोटे छोटे बच्चों के हाथ में AK47 है. देसी कट्टे और हैंड ग्रेनेड हैं. हमने हॉलीवुड की एक फिल्म में भी ऐसा देखा है. हमारे यहां जिसके पास बाबा आदम के जमाने की बंदूक होती है उनको भी ATM में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी मिल जाती है. फिर इन हाईटेक लोगों को कैसे न मिलेगी.
Source: Reuters
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3: फेसबुक पर शेयर होने के बाद इन कमजोर बच्चों की बदली जिंदगी

फेसबुक पर गरीबी और भुखमरी वाले वो फोटो खूब शेयर होते देखे होगे. जिनमें एक बच्चा इलेक्ट्रिक तराजू पर बैठा होता है. रोता हुआ, हड्डियों का ढांचा. या फिर खाने के लिए कटोरा लिए लाइन में लगे बच्चे. और उनके साथ लिखा हुआ वेदवाक्य "करीना कैटरीना की फोटो तो खूब शेयर की होगी, इस भूखेबच्चे के कितने शेयर." फिर वहां से शेयर होने के बाद इन बच्चों की लाइफ बदल गई. कोई मल्टीनेशनल कंपनियों में जॉब कर रहा है. कोई फिल्मों में एक्टिंग कर रहा है. ये देखो.
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4: दुनिया के हेल्थ ऑर्गनाइजेशंस के लिए ऑक्सीजन है सोमालिया

आपको पता है दुनिया में सबसे ज्यादा सर्वे कहां होते हैं? गज्जब क्या दिमाग पाया है. हां तो जनाब सोमालिया में सबसे ज्यादा सर्वे होते हैं. WHO से लेकर इंसानी सेहत, इकॉनमी, आतंक, हथियार माने हर फील्ड का सर्वे करने वाली कंपनियां और NGO दौड़ कर सोमालिया पहुंचते हैं. मुहावरा भी बन गया है "सर्वे की दौड़ सोमालिया तक." अगर सोमालिया न हो तो ये सब ऑर्गनाइजेशंस सूखा नमक चाट कर मर जाएं.

5: सभी पड़ोसी देशों से सगे भाई बहन वाले रिश्ते हैं

हों भी क्यों न. सबका इतना खयाल रखता है. ये मान के चलो कि जित्ते पड़ोसी देश हैं. डीजीबूती, इथोपिया, इजिप्ट, यमन, टर्की, इटली से लेकर अरब अमीरात तक. जित्ता भी स्मगलिंग का माल पहुंचता है. वो सब यहीं से होकर जाता है. इन देशों में अगर चोर बदमाश जिंदा हैं तो सोमालिया के दम पर.

6: दुनिया का अकेला मिलिट्री फ्री कंट्री है

इस देश में फौज नहीं है. क्योंकि उसकी जरूरत नहीं है. देश का हर जिंदा चलता हुआ आदमी फौजी है. हथियारों से लैस. और जिसके पास हथियार नहीं है वो ज्यादा दिन जिंदा नहीं रहता. हथियार वाले उसको निगल जाते हैं. टोटल बैलेंस बराबर है.

7: तेजी से बढ़ती इकॉनमी है

उसका सीधा सुबूत हमारे पीएम का बयान है. वो मानते हैं कि केरल का हाल सोमालिया से बुरा है. मतलब सोमालिया का बेहतर है न. वहां एक जगह है उज्बेकिस्तान. ये इतना रिच है कि नाम लेने भर से ज़ुबां ट्विस्टिया जाती है. इसकी इकॉनमी का हिसाब दो ऑर्गनाइजेशंस रखते हैं. CIA और सेंट्रल बैंक ऑफ सोमालिया.

8: ट्रांसपोर्ट स्ट्रक्चर वर्ल्ड क्लास है

इसमें तो ज्यादा सोचने की जरूरत ही नहीं है. ये तो पता ही है कि भूखे प्यासे, बम बंदूकों से लैस आदमी कहां जाते हैं. सिविल वॉर ने सोमालिया का वो हाल कर दिया है कि वहां से आदमी चल कर एक ही जगह पहुंचता है. समझ तो गए ही होगे.
(एक और बात है गुरू. ये व्यंग्य था. आगे और मिलेंगे, तैयार रहिना)

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