नैशनल अवॉर्ड में गंदगी होती है, खेल खेला जाता है - परेश रावल
Paresh Rawal ने बताया कि एक बार उन्हें दो फिल्मों के लिए National Award मिलने वाले थे. लेकिन फिर कुछ ऐसा खेल हुआ कि एक अवॉर्ड गायब हो गया.

Paresh Rawal को Mahesh Bhatt की फिल्म Sir के लिए National Award से सम्मानित किया गया था. लेकिन उन्होंने बताया कि उस साल उन्हें Sardaar के लिए भी नैशनल अवॉर्ड मिलने वाला था. लेकिन लॉबी की वजह से उन्हें अवॉर्ड नहीं दिया गया. दी लल्लनटॉप के शो ‘गेस्ट इन द न्यूज़रूम’ में परेश ने ये किस्सा साझा किया. परेश ने बताया,
परेश ने आगे कहा कि उनके दिल में सिर्फ दो अवॉर्ड की इज़्ज़त है. पहला था दीनानाथ मंगेशकर अवॉर्ड जो उन्होंने लता मंगेशकर के हाथों लिया. परेश बताते हैं कि इस अवॉर्ड के लिए वो सिंगापुर से फ्लाइट पकड़कर आए थे. दूसरा अवॉर्ड था P.L. देशपांडे अवॉर्ड. वो कहते हैं कि इन दोनों अवॉर्ड के अलावा कोई तीसरा अवॉर्ड उनके लिए मायने नहीं रखता. परेश आगे कहते हैं कि वो नैशनल अवॉर्ड की भी कद्र करते हैं. आगे कहा,
परेश अपनी बात को पूरा करते हुए अवॉर्ड की परिभाषा बताते हैं. वो कहते हैं कि जब नसीरुद्दीन शाह ने 'मुंबई मेरी जान' देखने के बाद उन्हें रात के 11 बजे फोन किया, और कहा कि परेश तुमने क्या उम्दा काम किया है. वही उनके लिए सबसे बड़ा अवॉर्ड है.
वीडियो: गेस्ट इन द न्यूजरूम: कॉमेडी, उरी में सीरियस रोल और बॉलीवुड अवॉर्ड्स पर परेश रावल क्या बता गए?

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