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ममता दीदी ने बताया, कहां से लड़ेंगी चुनाव

पश्चिम बंगाल के विधानसभा (West Bengal Assembly Elections 2021) चुनाव तारीखों का ऐलान होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है.  चुनाव आयोग के अधिकारी लगातार प्रदेश का दौरा कर रहे हैं. इन सबके बीच प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने नंदीग्राम की एक रैली में बोलते हुए घोषणा कर दी कि वह नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ेंगी. उन्होंने कहा कि मेरा अंतर्मन कह रहा है कि मुझे नंदीग्राम से चुनाव लड़ना चाहिए. नंदीग्राम एक पवित्र जगह है.

ममता बनर्जी मौजूदा वक्त में भवानीपुर सीट से विधायक हैं. रैली में अपने संबोधन में दीदी ने कहा,

नंदीग्राम मेरे लिए बड़ी बहन और भवानीपुर मेरे लिए छोटी बहन जैसे है. मैं भवानीपुर से भी मजबूत उम्मीदवार उतारूंगी. मैं इन दोनों सीटों से भी चुनाव लड़ सकती हूं. मैं पार्टी अध्यक्ष सुब्रत बक्शी से अनुरोध करती हूं कि वे मुझे नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की इज़ाज़त दें.

लेकिन ही नंदीग्राम क्यों?

नंदीग्राम और सिंगूर जैसे भूमि आंदोलनों ने ममता बनर्जी को बंगाल की राजनीति में सबसे बड़ा चेहरा बनाया है. साल 2011 में ममता बनर्जी ने सुवेंदु अधिकारी जैसे नेताओं की मदद से नंदीग्राम में किसानों की ज़मीन के लिए अभियान चलाया था और लेफ्ट सरकार को उखाड़ फेंका था. सुवेंदु अब ममता के साथ नहीं है. वह बीजेपी में शामिल हो गए हैं. बीजेपी में शामिल होने से पहले तक सुवेंदु ममता सरकार में परिवहन मंत्री थे. राजनीति के जानकार ममता के इस कदम को बीजेपी को सीधे चुनौती देने की तरह देख रहे हैं.

पूर्वी और पश्चिमी मिदनापुर में सुवेंदु की मजबूत पकड़ बताई जाती है. दोनों जिलों में विधानसभा की 35 सीटें हैं. ऐसे में ममता बनर्जी के नंदीग्राम से चुनाव लड़ने के फैसले से टीएमसी को ज़मीनी स्तर पर तो मजबूती मिलेगी ही साथ ही यह बीजेपी के लिए भी ये कड़ी चुनौती होगी.

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