उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की सबसे हाई प्रोफाइल सीट है कुंडा.यहां से बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया (Raja Bhaiya) ने एक बारफिर जीत हासिल की है. इस सीट पर उनकी यह लगातार सातवीं जीत है. राजा भैया नेसमाजवादी पार्टी के उम्मीदवार गुलशन यादव को 30,315 वोटों के अंतर से हराया है.पहली बार उन्होंने अपनी पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के टिकट पर चुनाव लड़ा. इसबार उनकी जीत का अंतर पिछले चुनावों के मुकाबले थोड़ा कम जरूर रहा, लेकिन वे इसेबचाने में कामयाब रहे. पहले इस सीट से वे निर्दलीय जीतते आए थे. चुनाव आयोग केमुताबिक, रघुराज प्रताप सिंह को कुल 50.58 फीसदी वोट मिले. वहीं सपा के गुलशन यादव35.19 फीसदी वोट हासिल करने में कामयाब रहे. 2017 में एक लाख से भी ज्यादा वोटों सेजीत रघुराज प्रताप सिंह साल 1993 से ही कुंडा सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर परजीतते आ रहे हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में 'मोदी लहर' के बावजूद उन्होंने बीजेपीकी जानकी शरण को एक लाख से भी ज्यादा वोटों से हराया था. वहीं बीएसपी उम्मीदवारपरवेज अख्तर तीसरे नंबर पर रहे थे. समाजवादी पार्टी ने इस सीट पर अपना उम्मीदवारनहीं उतारा था. सपा पिछले कई चुनावों से राजा भैया के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उताररही थी. इस सीट पर रघुराज प्रताप सिंह का दबदबा इस बात से पता चलता है कि पिछले दोचुनावों में उन्हें करीब 68 फीसदी वोट हासिल हुए. बहुजन समाज पार्टी की सरकार केदौरान रघुराज प्रताप सिंह के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हुए थे. कुछ मामलों मेंउन्हें जेल भी जाना पड़ा था. हालांकि मौजूदा हलफनामे के मुताबिक, उन्होंने अपनेखिलाफ एक आपराधिक मामला घोषित किया है. राजा भैया यूपी में बीजेपी के कल्याण सिंहऔर राजनाथ सिंह सरकार से लेकर समाजवादी पार्टी की सरकार में भी मंत्री रहे हैं.हालांकि अखिलेश यादव से रिश्ते बिगड़ने के बाद साल 2018 में उन्होंने अपनी पार्टीजनसत्ता दल लोकतांत्रिक बना ली. 2019 लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने कौशांबी औरप्रतापगढ़ सीट पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन दोनों जगह पार्टी को हार मिली थी. इसबार सपा ने कुंडा से भी अपना उम्मीदवार उतारा था. लेकिन राजा भैया अपनी जीत को लेकरपूरी तरह आश्वस्त थे. उनकी पार्टी ने भी यूपी की 19 सीटों पर चुनाव लड़ा. चुनावआयोग के पास दाखिल हलफनामे के मुताबिक, रघुराज प्रताप सिंह की कुल संपत्ति 23.69करोड़ रुपए है. 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान ये 14 करोड़ रुपए थी. राजा भैया अपनीआय का स्रोत खेती बताते हैं. कभी राजा भैया के करीबी रहे गुलशन सपा के गुलशन यादव,रघुराज प्रताप सिंह के करीबी रह चुके हैं. हालांकि अब वो एक-दूसरे के धुर-विरोधीहैं. चुनाव के दौरान उन्होंने लल्लनटॉप को बताया था कि रघुराज प्रताप सिंह से अबउनकी बातचीत नहीं होती है. गुलशन यादव का कहना है कि राजा भैया खुद उनसे अलग हो गए.हालांकि उन्होंने अलग होने कारणों का जिक्र नहीं किया. गुलशन यादव के हलफनामे केमुताबिक, उनके खिलाफ 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या और अपहरण जैसे गंभीरअपराध भी शामिल हैं. उनके भाई छविनाथ यादव सपा के जिलाध्यक्ष हैं. कुंडा विधानसभाक्षेत्र में करीब 90 हजार दलित मतदाता हैं, जिनमें सबसे ज्यादा संख्या पासी समुदायकी है. वहीं यादव मतदाताओं की संख्या 75,000 है. इस क्षेत्र में ब्राह्मणों कोछोड़कर रघुराज प्रताप सिंह को सभी समुदायों का साथ मिलता रहा है. इस बार सपा केउम्मीदवार उतारने और बीजेपी की तरफ से ब्राह्मण व बसपा की ओर से मुस्लिम उम्मीदवारउतारे जाने से मुकाबला कड़ा नजर आ रहा था.