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NEET कराने वाले NTA के बारे में ये सब जान लिया तो बहुत कुछ समझ आ जाएगा!

NTA नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (NET), कॉमन मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट (CMAT) के अलावा भी कई एग्जाम आयोजित कराती है. NEET का स्कोर NTA किसे भेजती है?

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परीक्षा कराने के बाद NTA Health Ministry के साथ छात्रों के स्कोर साझा करती है. (फोटो- AI)
17 जून 2024
Updated: 17 जून 2024 18:29 IST
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4 जून को NEET एग्जाम का रिजल्ट जारी किया गया था. रिजल्ट में गड़बड़ी की बात सामने आई. मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. तब से अब तक NEET को लेकर विवाद जारी है. NEET मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान भी आया. पहले उन्होंने NTA का पक्ष लेते हुए पेपर लीक की बात को नकार दिया था. लेकिन बाद में प्रधान ने सख्ती दिखाते हुए दोषियों को न बख्शने की बात कही है. साथ ही उन्होंने माना कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में सुधार की जरूरत है. NEET एग्जाम को लेकर तो काफी बातें हो ही रही हैं, लेकिन एग्जाम कराने वाली एजेंसी NTA की भी खूब चर्चा है.

NEET एग्जाम की बात बिना NTA के नहीं की जा सकती. तो ये NTA क्या है? और एजेंसी कौन-कौन से एग्जाम आयोजित कराती है, ये भी समझ लेते हैं.

NTA क्या है?

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी(NTA) इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट और फार्मेसी की पढ़ाई कराने वाले इंस्टीट्यूट्स में एडमिशन और फेलोशिप के लिए नेशनल लेवल पर कई एंट्रेंस टेस्ट आयोजित कराती है. ये शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के तहत आने वाली एक स्वायत्त (Independent) एजेंसी है.

NTA की स्थापना नवंबर 2017 में की गई थी. वित्त मंत्री द्वारा 2017 के बजट भाषण में NTA को स्थापित करने के बारे में घोषणा की गई थी. जिसके बाद कैबिनेट से इसे मंजूरी मिल गई थी. सरकार ने विनीत जोशी को एजेंसी का पहला DG नियुक्त किया था.

ये तो बात हुई NTA के बनने की, पर NTA का मुख्य काम अलग-अलग एग्जाम कराना है. तो ये भी जान लेते हैं कि NTA कौन-कौन से एग्जाम कराता है?    

7 जुलाई 2018 को तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि NTA JEE Main और NEET UG परीक्षा साल में दो बार आयोजित करेगा. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि NTA नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (NET), कॉमन मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट (CMAT) और ग्रेजुएट फार्मेसी एप्टीट्यूड टेस्ट (GPAT) भी आयोजित करेगा. हालांकि, NEET की परीक्षा साल में एक बार ही आयोजित कराई जाती है.

इसके अलावा NTA कई और एग्जाम आयोजित करता है, जैसे-

- JNU एंट्रेंस टेस्ट.
- इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (ICAR) एंट्रेंस टेस्ट.
- नेशनल काउंसिल ऑफ होटल मैनेजमेंट जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (NCHMJEE)
- दिल्ली यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (DUET)
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) एंट्रेंस एग्जामिनेशन  
- UGC NET
- CSIR-NET
- All India Sainik Schools Entrance Exam (AISSEE), व अन्य…..

NTA NEET स्कोर मंत्रालय से साझा करती है

NEET परीक्षा NTA यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित कराई जाती है. परीक्षा कराने के बाद NTA Health Ministry के साथ छात्रों के स्कोर साझा करती है. जिसके बाद मंत्रालय ये डिसाइड करता है कि किस स्टूडेंट को कौन सा कॉलेज मिलेगा.

2019 के बाद NTA को NEET का जिम्मा मिला

5 मई 2013 को पहली बार NEET एग्जाम आयोजित कराया गया था. इससे पहले इसे AIPMT (All India Pre Medical Test) के नाम से जाना जाता था. 2013 में 10 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने एग्जाम के लिए रजिस्टर किया था. 2013 में शुरू होने के बाद परीक्षा पर रोक गई. 2016 तक परीक्षा दोबारा शुरू नहीं हुई. 2013 में परीक्षा आयोजित होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा के खिलाफ प्राप्त याचिकाओं के जवाब में परीक्षा पर रोक लगा दी. कोर्ट का कहना था कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) मेडिकल एडमिशन की प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं कर सकता.

24 दिसंबर 2019 की NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 में इस परीक्षा की वापसी हुई. उस साल इसे दो बार आयोजित किया गया- पहली बार मई में जिसे AIPMT का पहला चरण माना गया. और दूसरी बार जुलाई में, जिसे AIPMT का दूसरा चरण माना गया.

2017 में NEET ने पूरी तरह से AIPMT की जगह ले ली. इसके साथ ही राज्य स्तर पर आयोजित की जाने वाली मेडिकल प्रवेश परीक्षाएं भी बंद कर दी गईं. 2013 से 2018 तक ये एग्जाम कराने की जिम्मेदारी CBSE यानी Central Board of Secondary Education के पास थी. 2019 के बाद से NTA को NEET परीक्षा कराने का जिम्मा दिया गया.

NEET में गड़बड़ी हुई!

NEET परीक्षा लगातार सवालों के घेरे में बनी हुई है. हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मामले की सुनवाई चल रही है. NEET विवाद पर देशभर में छात्र और अभिभावक NTA के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. अब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी NEET में गड़बड़ियों की बात मानी है. उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया है कि जो भी इस अपराध में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा,

“NEET के संबंध में 2 प्रकार की अव्यवस्था का विषय सामने आया है. शुरुआती जानकारी थी कि कुछ छात्रों को कम समय मिलने के कारण उन्हें ग्रेस नंबर दिए गए. इसे केंद्र सरकार ने नामंजूर कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 1,563 अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा का आदेश दिया गया है. दूसरा 2 जगहों पर कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं. मैं छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त करता हूं कि इसे भी सरकार ने गंभीरता के साथ लिया है.”

उन्होंने आगे कहा,

“हम सारे विषयों को एक निर्णायक स्थिति तक ले जाएंगे. उसमें जो भी बड़े अधिकारी होंगे उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा. NTA में बहुत सुधार की आवश्यकता है. सरकार इस पर चिंता कर रही है, किसी गुनहगार को छोड़ा नहीं जाएगा उन्हें कठोर से कठोर दंड मिलेगा.”

एग्जाम को लेकर क्या आरोप हैं?

अंडर ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए होने वाली NEET परीक्षा सवालों के घेरे में है. इस बार 5 मई को हुए एग्जाम में लगभग 24 लाख छात्र/छात्राएं बैठे थे. 4 जून को NTA ने परीक्षा का रिजल्ट जारी किया. जिसमें पता चला कि कुल 67 कैंडिडेट्स को 720 में से 720 नंबर मिल गए हैं. इतने कैंडिडेट्स के 100 फीसदी नंबर देखने के बाद रिजल्ट को लेकर सवाल खड़े किए जाने लगे. NTA द्वारा स्टूडेंट्स को दिए गए ग्रेस मार्क्स पर भी सवाल खड़े किए गए. परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट समेत सात हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर हुई हैं, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट एक साथ जोड़कर 8 जुलाई को सुनवाई करेगा.

वीडियो: पेपर लीक नहीं हुआ, इस निष्कर्ष पर कैसे पहुंचे? शिक्षा मंत्री ने ये जवाब दिया

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