Submit your post

Follow Us

'जन गण मन' न हो तो कुश्ती के लिए मूड नहीं बनता था इस पहलवान का

साक्षी मलिक ने ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता. बड़ी खुशी हुई. सुल्तान फिल्म आई तो उसे देखकर बोल उठे, ‘ओ सुल्तान कर दे चढ़ाई.’ आज एक ऐसे प्रोफेशनल रेसलर को भी जान लो, जिसने दुनिया में अपना नाम रोशन कर दिया. और खुद बन गया टाइगर. सच्ची-मुच्ची की रेसलिंग का टाइगर. नाम है जगजीत सिंह हंस. लुधियाना में जन्म लिया था 3 अप्रैल 1948 को. गांव का नाम था सूजापुर, जो जगरांव के पास है. वेटलिफ्टर बनने की चाहत थी. कैरियर बनाने के लिए कनाडा गए और बन गए रेसलर. अब वो सेमी रिटायर्ड प्रोफेशनल रेसलर हैं. मतलब प्रोफ़ेशनली तो वो रिटायर हो चुके हैं, लेकिन चैरिटी के लिए कुश्ती करते हैं. और हां, सबसे जरूरी बात ये है कि वो कनाडा और जापान में बड्डे ही फेमस हैं.

बात 1960 की है. जब जगजीत सिंह हंस लुधियाना छोड़ गए. जब वो इंडिया से कनाडा पहुंचे. तब महज उनकी जेब में 6 डॉलर थे. उन्हें फ्रेड एटकिंस ने ट्रेंड किया. और 1965 में कुश्ती का मौका दिया फ्रेंक टनी ने. फ्रेंक टनी रेसलिंग प्रमोटर थे. 1970 तक जगजीत सिंह प्रो रेसलिंग के स्टार बन गए. मतलब अपने नाम के मुताबिक ही अपनी शख्सियत बना ली. जग+जीत+सिंह.

भले ही टाइगर कनाडा में जाकर बसे हों, लेकिन उन्होंने अपनी पंजाबी रंगत को ओढ़े रखा. वह रिंग में पंजाबी पगड़ी पहनकर आते हैं. पंजाबी पजामा उनका पसंदीदा पहनावा है. जब वो रिंग में उतरते थे तो उनकी ख्वाहिश होती थी सभी दर्शक भारत के राष्ट्रगान के सम्मान में खड़े हो जाएं. टाइगर कहते हैं, ‘मेरा सीधा सा सिद्धांत है, जन गण मन नहीं तो कुश्ती नहीं. क्योंकि उससे मूड बनता है.’ साल के तीन महीने ही कुश्ती करते थे. वो भी तब जब ख़िताब मिले या फिर जबरदस्त दाम.

जीत सिंह ने कई इंटरनेशनल खिताब जीते. इनमें एनडब्ल्यूएफ व‌र्ल्ड चैंपियन, नॉर्थ अमेरिका खिताब, नॉर्थ अमेरिका चैंपियनशिप जापान और 1992 की व‌र्ल्ड मांटरियल चैंपियनशिप शामिल हैं. वह प्रो-रेसलिंग के रिंग में स्वीट डैडी सिक्की, आंद्रे दी जायंट, जॉनी वेलेंटाइन को धूल चटा चुके हैं. उनकी खिताबी कुश्तियों से उनका नाम टाइगर पड़ गया. ये नाम उनके कोच फ्रेड एटकिंसने दिया.

जगजीत सिंह ऐसे प्रो रेसलर बने, जिन्होंने सबसे पहले सूमो रेसलर वजीमा हिरोशी को हराया. 22 साल तक जापान में कुश्ती की. 1991 में जापान में एक कुश्ती हुई. ये कोई खिताबी कुश्ती नहीं थी, लेकिन इस कुश्ती में दो करोड़ डॉलर की आमदनी हुई. तब टाइगर ने कहा था, ‘जापानी अच्छी कुश्ती पसंद करते हैं, और जब कभी मेरा मुकाबला होता है. लोग मुझसे मक्खियों की तरह चिपक जाते हैं.’

टाइगर जीत सिंह
टाइगर जीत सिंह

1977 में उनकी फ्रीस्टाइल कुश्ती हुई ये वर्ल्ड चैंपियनशिप थी. तब उनका मुकाबला हुआ अंतोनी इनोकी से. मुकाबला हो रहा था. अंतोनी ने टाइगर की एक बांह तोड़ दी. मगर टाइगर तो टाइगर ही थे. हार नहीं मानी और दे दी पटखनी अंतोनी को. इस कुश्ती के बाद टाइगर ने कहा, ‘ये जीत कोई धुप्पल में नहीं मिली. मैंने उसे 25 जख्म दिए.’ उनकी इस बात में दम था, क्योंकि ये साबित करने के लिए उन्होंने 1981 में फिर से ये खिताब जीता. और हां, 1983 में नॉर्थ अमेरिकन नेशनल रेसलिंग एलायंस में अंतोनी को एक बार फिर धूल चटा दी.

अपनी कुश्ती से टाइगर ने जापानियों का दिल जीत लिया, तभी तो जापानियों ने उन्हें एक आइलैंड देना चाहा था. लेकिन टाइगर ने लेने से इनकार कर दिया. 1992 में ही उनके पास इतनी दौलत हो गई थी कि टोरंटो से 60 किलोमीटर दूर 100 एकड़ जमीन पर उनका बंगला बना था. जिसे उनके फ्रेंड ‘मिनी प्रेसिडेंट हाउस’ कहते थे. वो अब एक बिजनेसमैन हैं.

टाइगर जीत सिंह अपने बेटे टाइगर अली के साथ एक हॉस्पिटल में चैरिटी करने के दौरान.
टाइगर जीत सिंह अपने बेटे टाइगर अली के साथ एक हॉस्पिटल में चैरिटी करने के दौरान.

टाइगर चैरिटी करते हैं. उनके नाम पर टोरंटो में स्कूल खुला है. जहां वो बच्चों के लिए डोनेट करते हैं. इसके अलावा वो बीमार बच्चों के लिए भी दान करते हैं. जगजीत सिंह के फादर इंडियन आर्मी में मेजर थे. उनका बेटा टाइगर अली भी प्रो-रेसलिंग में खास पहचान रखता है.

टाइगर को कुश्ती करते भी देख लो


 

ये भी पढ़ें

भाई के लिए राखी नहीं ली थी साक्षी ने, कहा था, ‘मेडल लाऊंगी, बांध लियो’

हरियाणा की लड़कियां, कुश्ती नहीं लड़ेंगी तो जियेंगी कैसे?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

IPL का कित्ता ज्ञान है, ये क़्विज़ खेलकर चेक कल्लो!

IPL का कित्ता ज्ञान है, ये क़्विज़ खेलकर चेक कल्लो!

ईमानदारी से स्कोर भी बताते जाना. हम इंतज़ार करेंगे.

'मनी हाइस्ट' वाले प्रोफेसर की पूरी कहानी, जिनकी पत्नी ने कहा था, 'कभी फेमस नहीं हो पाओगे'

'मनी हाइस्ट' वाले प्रोफेसर की पूरी कहानी, जिनकी पत्नी ने कहा था, 'कभी फेमस नहीं हो पाओगे'

अलवारो मोर्टे ने वेटर तक का काम किया हुआ है. और एक वक्त तो ऐसा था कि बकौल उनके कैंसर से जान जाने वाली थी.

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

हीरो बनने आए शरत सक्सेना कैसे गुंडे का चमचा बनने पर मजबूर हुए?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

एक वक़्त इंडस्ट्री में टॉप पर थे कुणाल और उनके गाने पार्टियों की जान हुआ करते थे.

राज कुंद्रा की पूरी कहानी, 18 की उम्र में शॉल बेचने से शुरुआत करने वाले राज यहां तक कैसे पहुंचे?

राज कुंद्रा की पूरी कहानी, 18 की उम्र में शॉल बेचने से शुरुआत करने वाले राज यहां तक कैसे पहुंचे?

IPL स्कैंडल, मॉडल्स के आरोप, अंडरवर्ल्ड कनेक्शंस के आरोप, एक्स वाइफ के इल्ज़ाम सब हैं इस कहानी में.

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रेन्सन की कहानी, जहां भी गए तहलका मचा दिया.

'सिंघम' IPS से तमिलनाडु BJP के सबसे युवा अध्यक्ष बने अन्नामलाई की कहानी

'सिंघम' IPS से तमिलनाडु BJP के सबसे युवा अध्यक्ष बने अन्नामलाई की कहानी

पहला चुनाव हार गए थे, बीजेपी ने राज्य की जिम्मेदारी सौंपी है.

'तड़प-तड़प के' जैसा प्रेमियों का ब्रेकअप एंथम देने वाले सिंगर के के आजकल कहां हैं?

'तड़प-तड़प के' जैसा प्रेमियों का ब्रेकअप एंथम देने वाले सिंगर के के आजकल कहां हैं?

उनके गाए 'पल' गाने के बगैर आज भी किसी कॉलेज का फेयरवेल पूरा नहीं होता.

कर लिया योगा? अब क्विज खेलने से होगा

कर लिया योगा? अब क्विज खेलने से होगा

आन्हां, ऐसे नहीं कि योग बस किए, दिखाना पड़ेगा कि बुद्धिबल कित्ता बढ़ा.

तमिल जनता आखिर क्यों कर रही है 'फैमिली मैन-2' का विरोध, क्या है LTTE की पूरी कहानी?

तमिल जनता आखिर क्यों कर रही है 'फैमिली मैन-2' का विरोध, क्या है LTTE की पूरी कहानी?

जब ट्रेलर आया था, तबसे लगातार विरोध जारी है.