Submit your post

Follow Us

क्या मृत शरीर से फैल सकता है कोरोना? कोविड से मौत के बाद शव का क्या होता है?

कोविड-19 की दूसरी लहर ने भारत में जबरदस्त तबाही मचाई है. काफी लोगों की मौत इस खतरनाक वायरस के कारण हो चुकी है. इस वायरस के संक्रमण से मरने वालों की लाशों को अस्पताल द्वारा पैक करके दिया जाता है. और ऐसे ही इन लाशों का अंतिम संस्कार किया जाता है. काफी लोग इस बात को जानना चाहते हैं कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत के बाद क्या प्रोटोकॉल्स हैं, कैसे शव को परिवार को दिया जाता है? और क्या कोरोना वायरस मृत शरीर से फैल सकता है? इस खबर में हम इन्हीं सवालों का जवाब तलाश करने का प्रयास करेंगे.

कोरोना संक्रमित शख्स की मौत के बाद क्या गाइडलाइन्स फॉलो की जाती है?

साल 2020 में मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर ने कोविड-19 से होने वाली मौतों के लिए गाइडलाइन्स बनाई थीं. जिस वक्त ये गाइडलाइन्स तैयार की गई थीं उस वक्त तक भारत में केवल 2 लोगों की मौत इस बीमारी के कारण हुई थी. उस दौरान तक जो जानकारियां उपलब्ध थीं उनके आधार पर ये गाइडलाइन्स बनाई गई थीं. इनमें बताया गया है कि-

– साफ सफाई का ध्यान रखें. PPE किट का इस्तेमाल करें जो वाटरप्रूफ हो. मास्क, चश्मे, ग्लव्स आदि का भी इस्तेमाल करें.

– शव को डिस्इन्फेक्ट बैग में रखा जाए. इसके बाद परिवार द्वारा दी गई सफेद चादर में शव को लपेटा जाए.

– जो भी स्टाफ शवों के संपर्क में आ सकता है, उसे इस बात की ट्रेनिंग दी जाए कि कैसे इन्फेक्शन को फैलने से रोका जा सकता है.

– मरीज के शरीर में लगीं ट्यूब्स आदि को सावधानी से हटाना चाहिए और ये सुनिश्चित करना चाहिए कि शव से कोई तरल ना रिसे.

– 1 प्रतिशत हाइपोक्लोराइड की मदद से उस बैग को को डिस्इन्फेक्ट करना चाहिए जिसमें शव को रखा जाना है.

– अगर परिवार के लोग, आईसोलेशन रूम से ले जाते वक्त शव को देखना चाहें तो सावधानी बरतते हुए, उन्हें ऐसा करने की इजाजत दी जा सकती है.

– परिवार के लोगों के अलावा शव किसी और के सुपुर्द नहीं किया जाना चाहिए.

– कोरोना संक्रमित के इलाज के दौरान जिन भी उपकरणों का इस्तेमाल किया गया था उनको भी डिस्इन्फेक्ट किया जाए.

– सभी मेडिकल वेस्ट का सही से निस्तारण किया जाए. बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियमों को ध्यान रखा जाए.

Covid Death
कोरोना मृतक के साथ दो लोगों को भी श्मशान भेजा जाता है. फोटो- PTI

– परिवार के लोगों की काउंसलिंग की जाए और उनकी भावनाओं का पूरा ध्यान रखा जाए.

– आइसोलेशन एरिया को एक प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइड सॉल्यूशन की मदद से साफ किया जाना चाहिए.

– शवों को मोर्चरी में रखने के दौरान कोल्ड चेंबर में तापमान 4 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए.

– मोर्चरी को साफ रखा जाना चाहिए. हर सतह को एक प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइड सॉल्यूशन की मदद से साफ करना चाहिए.

– मोर्चरी से शव को बाहर निकालने के बाद फर्श, दरवाजे के हैंडल आदि को एक प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइड सॉल्यूशन से साफ करें.

– जहां तक संभव हो, शव का पोस्टमार्टम नहीं किया जाए. अगर किसी वजह से ऐसा करना जरूरी हो तो खास सावधानियां बरती जानी चाहिए.

– शव को जिस वाहन में ले जाया जाए उसे भी ठीक से साफ किया जाना जरूरी है. जो लोग शव के साथ हों वह भी सर्जिकल मास्क और ग्लव्स का इस्तेमाल करें.

– श्मशान घाट को भी सैनेटाइज किया जाना चाहिए ताकि रिस्क ना हो. अंतिम संस्कार की जगह पर काम करने वालों को भी मास्क और ग्लव्स का इस्तेमाल करना चाहिए.

– बैग खोल कर शव को देखा जा सकता है. लेकिन ऐसा करने के दौरान सावधानी रखी जानी चाहिए.

– शव को नहलाना, गले लगाना और चूमना वर्जित है. ऐसा करने से लोगों को रोका जाना चाहिए.

– अंतिम संस्कार के बाद, इसमें शामिल लोगों को हाथ सही से धोने चाहिए और साफ सफाई रखनी चाहिए.

– अंतिम संस्कार की जगह पर किसी भी तरह की भीड़ जमा नहीं होनी चाहिए और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जाना चाहिए.

– शव की राख से किसी तरह का कोई खतरा नहीं है और राख एकत्र की जा सकती है.

Corona Death
मुखाग्नि देने वाले को भी पहनने के लिए पीपीई किट दी जाती है. फोटो- PTI

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

दिल्ली के पंडित मदन मोहन मालवीय अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर, डॉक्टर मणि शंकर प्रियदर्शी बताते हैं कि हम लोग कोविड पेशेंट के शव को इन्फेक्टेड मानते हैं. परिजनों को शव पैक करने के बाद सौंपते हैं. बेहद सावधानी के साथ शव को पैक किया जाता है और साथ में दो अटेंडेंट भेजे जाते हैं जो शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाते हैं. इन दोनों लोगों को पीपीई दी जाती है और 2 पीपीई किट परिजनों के लिए भी भेजी जाती हैं ताकि परिजन अंतिम संस्कार के वक्त उन्हें पहन सकें. वे कहते हैं,

“निश्चित तौर पर शवों से कोरोना फैलने के चांस हैं. अगर ऐसा ना होता तो दुनिया में शवों को इतनी सावधानी के साथ पैक नहीं किया जाता. लोग दुखी होते हैं और वो अपने परिजन को छूना और उनसे लिपटकर रोना चाहते हैं, लेकिन ऐसा करने से संक्रमण फैल सकता है. शव जिस बैग में रखे जाते हैं उनको हाइपोक्लोराइड सॉल्यूशन से साफ किया जाता है. शव को एक शीट में लपेट कर इस बैग में रखा जाता है. साफ सफाई का पूरा ध्यान दिया जाता है. जो दो अटेंडेंट उपलब्ध कराए जाते हैं उन्हें मोर्क अटेंडेंट कहा जाता है. शव को अंतिम संस्कार वाली जगह पर ले जाने वाली गाड़ी उपलब्ध कराई जाती है. ये तमाम कवायद इसीलिए क्योंकि शव से संक्रमण के चांस होते हैं.”

दिल्ली के ही एक बड़े अस्पताल के कोविड वार्ड में ड्यूटी कर रहे डॉक्टर ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा,

“सरकार ने कोविड पेशेंट की मौत के बाद की गाइडलाइन्स जारी की हैं. दरअसल खतरा शव से नहीं, बल्कि शव से निकलने वाले फ्लूइड से होता है. शव अगर चंद दिनों तक रखा रहता है तो फ्लूइड के चांस बढ़ जाते हैं. शव पर वायरस ना हो इसके लिए उसे डिस्इन्फेक्ट किया जाता है. उसके बाद दो लेयर में पैक किया जाता है और फिर बैग में रखा जाता है, ताकि कोई भी फ्लूइड, बॉडी से पास ना हो. देखिए, शव से वायरस फैल सकता है. इसीलिए हम लोग इतनी सावधानी रखते हैं, गाइडलाइन्स का पालन करते हैं. शव को परिजनों को नहीं दिया जाता, घर नहीं भेजा जाता बल्कि हमारे लोग गाड़ी से सीधे अंतिम संस्कार वाली जगह पर ले जाते हैं. इसके लिए लोगों को ट्रेनिंग दी गई है कि कैसे शवों को हैंडल किया जाना है.”

तो निष्कर्ष यही है कि शवों का जल्द से जल्द अंतिम संस्कार कराया जाता है ताकि शरीर से कोई फ्लूइड ना निकले. साथ ही उसे पैक भी इसीलिए किया जाता है कि कोई फ्लूइड बाहर निकल कर किसी सरफेस को ना छू पाए. विशेषज्ञ मानते हैं कि शव के सलाइवा और बलगम जैसे फ्लूइड से कोरोना फैल सकता है. इसीलिए सावधानी के साथ शवों का अंतिम संस्कार वक्त से ही किया जाना चाहिए.


वीडियो- कोरोना बुलेटिन: UP और बिहार के गांवों में अगर ये हाल रहा, तो कोरोना संभलने वाला नहीं!

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

जिन मीम्स को सोशल मीडिया पर शेयर कर चौड़े होते हैं, उनका इतिहास तो जान लीजिए

जिन मीम्स को सोशल मीडिया पर शेयर कर चौड़े होते हैं, उनका इतिहास तो जान लीजिए

कौन सा था वो पहला मीम जो इत्तेफाक से दुनिया में आया?

पार्टियों को चुनाव निशान के आधार पर पहचानते हैं आप?

पार्टियों को चुनाव निशान के आधार पर पहचानते हैं आप?

चुनावी माहौल में क्विज़ खेलिए और बताइए कितना स्कोर हुआ.

लगातार दो फिफ्टी मारने वाले कोहली ने अब कहां झंडे गाड़ दिए?

लगातार दो फिफ्टी मारने वाले कोहली ने अब कहां झंडे गाड़ दिए?

राहुल के साथ यहां भी गड़बड़ हो गई.

रोहित शेट्टी के ऊपर ऐसी कड़क Quiz और कहां पाओगे?

रोहित शेट्टी के ऊपर ऐसी कड़क Quiz और कहां पाओगे?

14 मार्च को बड्डे होता है. ये तो सब जानते हैं, और क्या जानते हो आके बताओ. अरे आओ तो.

आमिर पर अगर ये क्विज़ नहीं खेला तो दोगुना लगान देना पड़ेगा

आमिर पर अगर ये क्विज़ नहीं खेला तो दोगुना लगान देना पड़ेगा

म्हारा आमिर, सारुक-सलमान से कम है के?

परफेक्शनिस्ट आमिर पर क्विज़ खेलो और साबित करो कितने जाबड़ फैन हो

परफेक्शनिस्ट आमिर पर क्विज़ खेलो और साबित करो कितने जाबड़ फैन हो

आज आमिर खान का हैप्पी बड्डे है. कित्ता मालूम है उनके बारे में?

अनुपम खेर को ट्विटर और वॉट्सऐप वीडियो के अलावा भी ध्यान से देखा है तो ये क्विज खेलो

अनुपम खेर को ट्विटर और वॉट्सऐप वीडियो के अलावा भी ध्यान से देखा है तो ये क्विज खेलो

चेक करो अनुपम खेर पर अपना ज्ञान.

कहानी राहुल वैद्य की, जो हमेशा जीत से एक बिलांग पीछे रह जाते हैं

कहानी राहुल वैद्य की, जो हमेशा जीत से एक बिलांग पीछे रह जाते हैं

'इंडियन आइडल' से लेकर 'बिग बॉस' तक सोलह साल हो गए लेकिन किस्मत नहीं बदली.

गायों के बारे में कितना जानते हैं आप? ज़रा देखें तो...

गायों के बारे में कितना जानते हैं आप? ज़रा देखें तो...

कितने नंबर आए बताते जाइएगा.

संविधान के कितने बड़े जानकार हैं आप?

संविधान के कितने बड़े जानकार हैं आप?

ये क्विज़ जीत लिया तो आप जीनियस हुए.