Submit your post

रोजाना लल्लनटॉप न्यूज चिट्ठी पाने के लिए अपना ईमेल आईडी बताएं !

Follow Us

इस लड़के ने जो किया वो देख लें तो 'कितनी दिक्कत है लाइफ में' कहना भूल जाएंगे

गुजरात चुनाव के लिए लल्लनटॉप की टीमें फील्ड पर हैं. उस समाज को जानने की कोशिश कर रही हैं जिसके सहारे यहां की सियासत चलती है. राजकोट के एक स्कूल पहुंची हमारी टीम. नाम है सिनहार स्कूल. ये कोई सरकारी स्कूल नहीं बल्कि इसे एक दंपत्ति चलाते हैं. दिलीप भाई और सुनीता बेन दोनों 1990 से एजुकेशन सेक्टर में काम कर रहे हैं और इस तरह के 6 स्कूल चलाते हैं, सातवां खुलने वाला है.

यहां एक लड़का मिला. नाम है उत्तम. जैसा नाम है, वैसा ही इंसान भी है. खुद उत्तम ने अपनी कहानी बताई कि जब वो पैदा हुआ था तो शरीर के कई अंग नहीं थे. होंठ, नाक, आंख और तालू सामान्य नहीं थे. दिमाग भी काम नहीं करता था. वो बताता है, “डॉक्टर ने मेरे घर वालों को कह दिया था कि ये बच्चा तो किसी काम का नहीं है. इसे इंजेक्शन लगाकर शांत कर देते हैं. मगर मेरे दादा ने कहा कि आप ऐसी बात मत कीजिए. जिस ईश्वर ने इसे हमें दिया है, वही इसे पालेगा भी. फिर मेरे नाक, होंठ और मुंह के ऑपरेशन हुए.” आज उत्तम 11वीं कक्षा में पढ़ता है और 10वीं में 77 पर्सेंट मार्क्स लेकर पास हुआ है.

मगर उत्तम की कहानी इतनी ही नहीं है. जिस सुरीले अंदाज में ये लड़का गाना गाता है, उससे जिंदगी में जीने की एक ऊर्जा मिलती है. गाने के बोल हैं- “इस रंग बदलती दुनिया में इंसान की नीयत ठीक नहीं, निकला न करो तुम सज-धज कर ईमान की नीयत ठीक नहीं.” उत्तम म्यूजिक सीखता भी है साथ ही कंप्यूटर की पढ़ाई भी कर रहा है.

देखिए ये वीडियो:


ये भी पढ़ें-

गुजरात चुनाव में कांग्रेस-भाजपा के बीच टाई होने जा रहा है?

दी लल्लनटॉप की टीम हीरा और मोती गुजरात की ज़मीनी खबरें आपके सामने ला रही हैं. इन पर भी नज़र डालिए:

ग्राउंड रिपोर्ट ईडरः जहां के लोग एक पहाड़ बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं

मेहसाणा ग्राउंड रिपोर्टः जहां पुलिस की गोली से पाटीदार ‘शहीद’ हुए थे

ग्राउंड रिपोर्ट सुरेंद्रनगरः जहां ‘चिल्लर करप्शन’ देवीपूजकों को जीने नहीं दे रहा

गुजरात, जहां एक रानी ने एक हिंदू राजा के चलते जौहर किया

लल्लनटॉप न्यूज चिट्ठी पाने के लिए अपना ईमेल आईडी बताएं !

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

फवाद पर ये क्विज खेलना राष्ट्रद्रोह नहीं है

फवाद खान के बर्थडे पर सपेसल.

रानी पद्मावती के पति का पूरा नाम क्या था?

पद्मावती फिल्म के समर्थक हो या विरोधी, हिम्मत हो तभी ये क्विज़ खेलना.

आम आदमी पार्टी पर ये क्विज खेलो, खास फीलिंग आएगी

आज भौकाल है आम आदमी (पार्टी) का. इसके बारे में व्हाट्सऐप से अलग कुछ पता है तो ही क्विज खेलना.

ये क्विज जीत नहीं पाए तो तुम्हारा बचपन बेकार गया

आज कार्टून नेटवर्क का 25वां बर्थडे है.

RSS पर सब कुछ था बस क्विज नहीं थी, हमने बना दी है...खेल ल्यो

आज विजयदशमी के दिन संघ अपना स्थापना दिवस मनाता है.

करीना कपूर के फैन हो तो इ वाला क्विज खेल के दिखाओ जरा

बेबो वो बेबो. क्विज उसकी खेलो. सवाल हम लिख लाए. गलत जवाब देकर डांट झेलो.

गेम ऑफ थ्रोन्स खेलना है तो आ जाओ मैदान में

गेम ऑफ थ्रोन्स लिखने वाले आर आर मार्टिन का जनम दिन है. मौका है, क्विज खेल लो.

QUIZ: देश के सबसे महान स्पोर्टसमैन को कितना जानते हैं आप?

अगर जवाब है, तो आओ खेलो. आज ध्यानचंद की बरसी है.

KBC क्विज़: इन 15 सवालों का जवाब देकर बना था पहला करोड़पति, तुम भी खेलकर देखो

अगर सारे जवाब सही दिए तो खुद को करोड़पति मान सकते हो बिंदास!

न्यू मॉन्क

इंसानों का पहला नायक, जिसके आगे धरती ने किया सरेंडर

और इसी तरह पहली बार हुआ इंसानों के खाने का ठोस इंतजाम. किस्सा है ब्रह्म पुराण का.

इस गांव में द्रौपदी ने की थी छठ पूजा

छठ पर्व आने वाला है. महाभारत का छठ कनेक्शन ये है.

भारत के अलग-अलग राज्यों में कैसे मनाई जाती है नवरात्रि?

गुजरात में पूजे जाते हैं मिट्टी के बर्तन. उत्तर भारत में होती है रामलीला.

औरतों को कमजोर मानता था महिषासुर, मारा गया

उसने वरदान मांगा कि देव, दानव और मानव में से कोई हमें मार न पाए, पर गलती कर गया.

गणेश चतुर्थी: दुनिया के पहले स्टेनोग्राफर के पांच किस्से

गणपति से जुड़ी कुछ रोचक बातें.

इन पांच दोस्तों के सहारे कृष्ण जी ने सिखाया दुनिया को दोस्ती का मतलब

कृष्ण भगवान के खूब सारे दोस्त थे, वो मस्ती भी खूब करते और उनका ख्याल भी खूब रखते थे.

ब्रह्मा की हरकतों से इतने परेशान हुए शिव कि उनका सिर धड़ से अलग कर दिया

बड़े काम की जानकारी, सीधे ब्रह्मदारण्यक उपनिषद से.

इस्लाम में नेलपॉलिश लगाने और टीवी देखने को हराम क्यों बताया गया?

और हराम होने के बावजूद भी खुद मौलाना क्यों टीवी पर दिखाई देते हैं?

सावन से जुड़े झूठ, जिन पर भरोसा किया तो भगवान शिव माफ नहीं करेंगे

भोलेनाथ की नजरों से कुछ भी नहीं छिपता.

हिन्दू धर्म में जन्म को शुभ और मौत को मनहूस क्यों माना जाता है?

दूसरे धर्म जयंती से ज़्यादा बरसी मनाते हैं.