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वी.सी. सज्जनार, जिनके रहते 2008 में एसिड अटैकर्स का ऐसा ही एनकाउंटर हो गया था

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हैदराबाद गैंगरेप के चार आरोपियों को पुलिस एनकाउंटर में मार दिया गया है. 6 दिसंबर 2019 को साइबराबाद के पुलिस कमिश्नर वी.सी. सज्जनार ने मीडिया से बात करते हुए कहा,

आज पुलिस आरोपियों को घटनास्थल पर लेकर आई थी. आरोपियों ने पुलिस पर डंडे से हमला किया और हथियार छीनकर पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी.

पुलिस ने उनको सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने फायरिंग बंद नहीं की. उसके बाद हमने जवाबी फायरिंग की जिसमें सारे आरोपी मारे गए. इस एनकाउंटर में दो पुलिसवाले भी घायल हुए हैं. उन्हें लोकल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. 

27 नवंबर 2019 की रात. तेलंगाना का रंगा रेड्डी जिला. एक महिला डॉक्टर के साथ गैंगरेप किया गया. फिर उसकी हत्या कर लाश को जला दिया गया. अगले दिन सुबह जब ये घटना सामने आई, तब बवाल मच गया. पूरे देश में इस घटना के खिलाफ आक्रोश था. इस घटना के दोषियों को जल्द से जल्द सजा देने की मांग चली. इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को सबूतों के आधार पर गिरफ्तार किया. मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया. मजिस्ट्रेट कोर्ट से उन्हें जेल भेजा गया. पुलिस ने कस्टडी मांगी तो 10 दिन की कस्टडी मिली. कस्टडी में पूछताछ हो रही थी.  6 दिसंबर की सुबह साइबराबाद पुलिस ने इन्हीं चारों आरोपियों का एनकाउंटर कर दिया. पुलिस का कहना है कि वो आरोपियों को घटनास्थल पर लेकर गई थी. पता चला था कि पीड़िता का मोबाइल, पावर बैंक और घड़ी मौके पर थी. पुलिस आरोपियों के साथ वही बरामद करने गई थी. वहां से इन आरोपियों ने भागने की कोशिश की और मारे गए.

इस एनकाउंटर में जिस ऑफिसर का नाम खूब चर्चा में आ रहा है. वो हैं साइबराबाद के पुलिस कमिश्नर वी.सी. सज्जनार. सोशल मीडिया पर एक तरफ लोग सज्जनार को हीरो बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ, इस एनकाउंटर पर सवाल भी खड़े किए जा रहे हैं.

कौन हैं वी.सी. सज्जनार

कर्नाटक के हुबली के रहने वाले हैं. वी.सी. सज्जनार 1996 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के आईपीएस अफसर हैं. उन्होंने वारंगल जिले के जनगांव के असिस्टेंट एसपी के तौर पर अपना करियर शुरू किया था. 2014 में जब आंध्रप्रदेश दो हिस्सों में बंटा तो सज्जनार तेलंगाना कैडर में आ गए. सात साल तक स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच में काम कर चुके हैं. माओवादियों के खिलाफ ऑपरेशन चला चुके हैं. उन्हें ‘एनकाउंटर मैन’ के तौर पर भी जाना जाता है.

उन्हें मार्च 2018 में साइबराबाद का पुलिस कमिश्नर बनाया गया था.

Sajjanar With Telagana Cm
तेलंगाना के सीएम के. चंद्रशेखर राव के साथ वी.सी. सज्जनार. (फोटो: ट्विटर)

वारंगल केस : 11 साल पहले इसी तरह मारे गए थे तीन आरोपी 

आज से 11 साल पीछे लौटते हैं. 15 दिसंबर 2008. सोमवार का दिन. सज्जनार उस वक्त वारंगल के एसपी हुआ करते थे. सुबह-सुबह उनके घर के बाहर शहर के लोग जमा हो गए थे. वो वारंगल पुलिस के लिए नारे लगा रहे थे. मिठाईयां और फूल-मालाएं लेकर आए थे. कुछ नौजवानों ने सज्जनार को कंधे पर बिठाकर भी घुमाया.

इस वाकये के हफ्ते भर पहले जनता पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर रही थी. उस वक्त के मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी की अच्छी-खासी आलोचना हो रही थी.

इतनी जल्दी इतना बड़ा बदलाव क्यों आया था? घटना कुछ ऐसी थी कि वारंगल के काकातीय इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड साइंस में पढ़ने वाली दो लड़कियों पर दिनदहाड़े एसिड फेंका गया था. इन लड़कियों ने लव प्रपोजल को रिजेक्ट कर दिया था. पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया. उनके नाम थे एस श्रीनिवास राव, पी हरिकृष्णा और डी संजय. 12 दिसंबर 2008 को पुलिस ने एसिड अटैक के तीनों आरोपियों को एनकाउंटर में मार दिया था. कहा गया, हालात हाथ से निकल गए थे. आरोपियों ने पुलिस पर हमला कर दिया था. आरोपियों के मारे जाने के बाद जनता का ये ‘प्रेम’ उमड़ा था.

15 दिसंबर 2008 को Rediff की रिपोर्ट है. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस एनकाउंटर पर भी सवाल उठाए थे. कहा गया कि पब्लिक के गुस्से को शांत करने के लिए इस एनकाउंटर को अंजाम दिया गया था. इसे एक्सट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग बताया गया. अदालत से बाहर सजा देने का यही रवैया हैदराबाद रेप के आरोपियों के केस में भी बरता गया है. कहानी हल्की सी बदली है. सज्जनार अब पुलिस कमिश्नर हो चुके हैं.

माओवादियों के खिलाफ सज्जनार

8 अगस्त, 2016. तेलंगाना के महबूबनगर जिले का शादनगर. एंटी नक्सल कमांडोज ने नक्सल नेता नईमुद्दीन और उसके एक साथी को एनकाउंटर में मार गिराया. नईमुद्दीन कई हत्याकांड का आरोपी था. जनवरी 1993 में आईपीएस अफसर केएस व्यास की हत्या में नईमुद्दीन मुख्य आरोपी था. नईमुद्दीन के एनकाउंटर में भी सज्जनार ने अहम भूमिका निभाई थी.


वीडियो : हैदराबाद: एनकाउंटर के बाद पुलिस ने बताया, सुबह 3 से 6 के बीच क्या क्या हुआ था?

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