Submit your post

Follow Us

राष्ट्रपति को उनके घर में घुसकर किसने मार डाला?

एक कारोबारी था. केले की खेती करवाता था. वो कारोबार छोड़कर देश के राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने पहुंचा. उस राजनैतिक दल की ओर से, जिसका नाम हैटकलों की पार्टी. जैसे स्पाइडर मैन, बैटमैन, सुपरमैन होते हैं, वैसे ही उसने अपना नाम रखाबनाना मैन. 

लोगों नेबनाना मैनको राष्ट्रपति बना दिया. वो जनाब देश के पुनर्निर्माण का वादा करके आए थे. मगर पद मिलने के बाद उन्हें देश की पुरानी राजनैतिक परंपरा अच्छी लगने लगी. कौन सी परंपरा? तानाशाही की परंपरा. कार्यकाल ख़त्म होने के बाद भी वो पद से हटने को राज़ी नहीं थे. इसके अलावा उनपर भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप थे. जनता बग़ावती हो गई. राष्ट्रपति के विरुद्ध कई मास प्रोटेस्ट हुए. हिंसा भी हुई. लेकिन राष्ट्रपति ने पद नहीं छोड़ा. बीते रोज़ उन्हीं राष्ट्रपति की ख़बर आई. कुछ लोगों ने उन्हीं के घर में घुसकर उनकी हत्या कर दी. क्या है ये पूरा मामला, विस्तार से बताते हैं. 

आते हैं अपने मूल विषय पर. कैरेबियन में एक द्वीप हैहिस्पैनियोला. इसी द्वीप पर बसा है, हेती. इसके पूरब में है, डोमिनिकन रिपब्लिक. पश्चिम में है, क्यूबा. दक्षिण में हैं, कोलंबिया और वेनेजुएला. हेती की राजधानी है, पोर्टप्रिंस. इससे थोड़ी दूर एक सजासंवरा, पॉश पहाड़ी इलाका है, पेलेरिन. 

जोवेनेल मोइज़ की मौत

6 और 7 जुलाई की दरमियानी रात तकरीबन 1 बजे का वक़्त था. रात के अंधेरे में एक हथियारबंद कमांडो ग्रुप यहां पेलेरिन स्थित एक आलीशन घर के कंपाउंड में घुसा. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, हमलावरों ने अंधाधुंध फ़ायरिंग शुरू कर दी. किसका था ये घर? ये हेती के राष्ट्रपति जोवेनेल मोइज़ का निजी आवास था. हमलावरों के निशाने पर थे ख़ुद राष्ट्रपति. लगभग आधे घंटे तक हुई इस गोलीबारी के बाद हमलावर वहां से भाग गए. इस वारदात की ख़बर पाकर जब पुलिस वहां पहुंची, तो देखा कि राष्ट्रपति मोइज़ पीठ के बल फ़र्श पर पड़े हैं. उनकी सफ़ेद कमीज़ ख़ून से लथपथ है. दाईं आंख की पुतलियां निकलकर बाहर आ गई हैं. राष्ट्रपति मोइज़ को कुल 12 गोलियां मारी गई थीं. 

Untitled Design
इस हत्या की वजहों को लेकर वॉट्सऐप पर बहुत सी अफ़वाहें हैं.(तस्वीर : एपी )

इस हमले के दौरान राष्ट्रपति की पत्नी मार्टिने मोइज़ को भी गोली लगी थी. हमले के समय राष्ट्रपति के दो बच्चे भी घर में थे. दोनों जान बचाने के लिए बाथरूम में छुप गए. हमलावरों ने घर की मेड और ड्यूटी पर तैनात एक लड़के को नहीं मारा था. वो बस उन्हें रस्सी से बांधकर चले गए थे. 

हेती में गैंगवॉर आम है. इसीलिए गोलीबारी की आवाज़ सुनकर इलाके के लोगों को लगा, शायद दो गैंग्स आपस में भिड़े होंगे. मगर सुबह होते ही उन्हें फ़ायरिंग की असल कहानी मालूम चली. लोगों को ये तो पता चला कि राष्ट्रपति मारे गए हैं. मगर इससे ज़्यादा ब्योरे सामने नहीं आ रहे थे. इस अनिश्चितता के माहौल में कई तरह की अफ़वाहें सर्कुलेट होने लगीं. लोगों के वॉट्सऐप पर एक अपुष्ट विडियो घूमने लगा. क्या था इस विडियो में? 

घटना की डीटेल्स 

इस विडियो में राष्ट्रपति के घर के बाहर कई सारी गाड़ियां नज़र आ रही थीं. इन गाड़ियों से हथियारबंद लोग मिलिटरी फॉर्मेशन में बाहर निकलते दिख रहे थे. इनमें से एक लाउस्पीकर पर चिल्ला रहा थादिस इज़ अ डीईए ऑपरेशन. डीईए माने, ड्रग एन्फोर्समेंट एजेंसी. ये वो सरकारी एजेंसी होती है, जो नारकोटिक्स डीलिंग और ड्रग तस्करी करने वाले संगठनों के खिलाफ़ कार्रवाई करती है. ये डीईए ऑपरेशन वाली बात राष्ट्रपति के घर की मेड और ड्यूटी बॉय ने भी दोहराई थी. उन्होंने बयान दिया था कि जिन हमलवारों ने उन्हें रस्सी से बांधा, वो भीडीईए ऑपरेशनका ज़िक्र कर रहे थे. 

Untitled Design (1)
हत्या को लेकर फ़ॉरेंसिक एजेन्सी तहक़ीक़ात कर रहे हैं.(तस्वीर : एएफ़पी )

इसडीईए ऑपरेशनवाले ऐंगल से जनता में काफी कन्फ़्यूजन था? लोगों को लग रहा था कि कहीं सरकारी फोर्सेज़ ने ही तो राष्ट्रपति की हत्या नहीं की है? इसपर स्टेट डिपार्टमेंट की सफ़ाई आई. उन्होंने कहा कि डीईए वाली बात सरासर ग़लत है. इस सफ़ाई के बाद एक आशंका ये उपजी कि शायद राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात अधिकारियों को छलावा देने के लिए हमलावरों ने डीईए वाली बात कही हो. 

सवाल बहुत सारे थे, जवाब सीमित. सबसे बड़ा सवाल था कि एक राष्ट्रपति की घर में घुसकर हत्या कैसे कर दी गई? राष्ट्रपति के पास सुरक्षाकर्मियों की फ़ौज थी. वो सड़क पर निकलते, तब भी दर्जन से ज़्यादा बख़्तरबंद गाड़ियां उनके साथ चला करती थीं. इतनी सुरक्षा के बाद भी हमलावर उनके घर में घुसे. आधे घंटे तक फ़ायरिंग की और राष्ट्रपति को मारकर चले गए. ये कैसे मुमकिन हो पाया?

एक ज़रूरी सवाल ये भी था कि जिस देश में राष्ट्रपति ही सुरक्षित नहीं, उस देश में आम लोगों का क्या हाल होगा? ऐसे में पूरे हेती के भीतर दहशत फैल गई. आमतौर पर जैमपैक्ड राजधानी की गलियां बिल्कुल वीरान थीं. दुकानें, बैंक और सरकारी ऑफिसों पर ताला लटका था. किसी अनहोनी की आशंका में लोग अपने घरों में राशन और पानी जैसे ज़रूरी सामान स्टॉक करने लगे. किसी को समझ नहीं आ रहा था कि अब आगे क्या होगा. आने वाले दिन मुश्किल होंगे. लेकिन कितने मुश्किल, इसका अंदाजा किसी को नहीं था. 

किसने किया था ये हमला?

इस बारे में पहला बड़ा बयान आया, देश के अंतरिम प्रधानमंत्री क्लॉडे जोसफ़ का. 7 जुलाई को उन्होंने देश की जनता को संबोधित करते हुए कहा

अज्ञात लोगों के एक समूह ने राष्ट्रपति के निजी आवास पर हमला किया. उन्होंने राष्ट्रपति की हत्या कर दी. ये हमलावर स्पैनिश और अंग्रेज़ी बोल रहे थे. ये हमला सुनियोजित था. इसमें शामिल हमलावर काफी प्रशिक्षित थे. वो ढेर सारे हथियारों से लैस होकर आए थे. आशंका है कि ये हमलावर किराये के सैनिक हो सकते हैं. 

Untitled Design (2)
क्लॉडे जोसफ़ जो अब तक अंतरिम प्रधानमंत्री थे, खुद को हेती का प्रेसिडेंट घोषित कर चुके हैं.

हमले से जुड़ा बुनियादी अपडेट देने के अलावा अंतरिम प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि राष्ट्रपति की हत्या के चलते फिलहाल वो देश के मुखिया हैं. 7 जुलाई की देर शाम अंतरिम PM क्लॉडे जोसफ़ एकबार फिर देश के आगे आए. टेलिविज़न पर प्रसारित अपने संदेश में उन्होंने कहा

फिलहाल मैं ही हेती की सरकार का मुखिया हूं. मैंने और मेरे साथी मंत्रियों ने अगले 15 दिनों तक देश मेंस्टेटऑफ़सीज़लगाने का फ़ैसला किया है. जनता से मेरी अपील है कि वो शांति बनाए रखें. साथ मिलकर इस देश को अराजकता के गर्त में गिरने से बचाएं. 

अंतरिम PM ने जनता से ये भी वादा किया कि राष्ट्रपति की हत्या करने वालों को जल्दसेजल्द पकड़कर उन्हें उनके किए की सज़ा दी जाएगी. क्लॉडे जोसफ़ के इस ऐलान के कुछ ही घंटे बाद हमलावरों से जुड़ा एक बड़ा अपडेट आया. ये अपडेट दिया, हेती के पुलिस प्रमुख लियॉन चार्ल्स ने. 7 जुलाई की देर रात उन्होंने अंतरिम प्रधानमंत्री के ही आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई. इसमें बताया गया कि राष्ट्रपति की हत्या में शामिल कुछ संदिग्धों के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ के बारे में संक्षिप्त जानकारी देते हुए पुलिस प्रमुख चार्ल्स बोले

हमें कुछ जानकारी मिली थी. उसी के आधार पर हमने हमालवरों का पीछा किया. हमने उन्हें क्राइम सीन से भागने नहीं दिया. उनमें से कुछ पेलेरिन इलाके में ही छुप गए थे. हमारी पुलिस टीम की उनके साथ मुठभेड़ हुई. दोनों तरफ़ से गोलियां चलीं. इस गोलीबारी में चार संदिग्ध मारे गए. दो संदिग्धों को हमने ज़िंदा पकड़ लिया. हमलावरों ने तीन पुलिसकर्मियों को भी बंधक बनाया था. उन पुलिसकर्मियों को सुरक्षित रिहा करवा लिया गया है. 

  

Untitled Design (3)
पुलिस प्रमुख लियॉन चार्ल्स के अनुसार कुछ लोगों को इस मामले में पकड़ा गया है (तस्वीर : एएफ़पी )

ये संदिग्ध कौन थे? इनके नाम क्या हैं? इन सारे सवालों का जवाब पुलिस प्रमुख ने नहीं दिया. ना ही उन्होंने मारे गए संदिग्धों की हत्या में मिलीभगत से शामिल कोई सबूत दिए. हां, उन्होंने ये ज़रूर कहा कि हत्यारों की तलाश अभी ख़त्म नहीं हुई है. ये तलाश कैसी होगी, इसका संकेत देते हुए लियॉन चार्ल्स बोले

हम संदिग्धों का पीछा कर रहे हैं. या तो वो पकड़े जाएंगे. या फिर मुठभेड़ के दौरान हमारे हाथों उनकी मौत होगी. देश में कानूनव्यवस्था फिर से बहाल करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं. 

पुलिस चीफ़ के दिए बयान के बाद देश के कल्चर ऐंड कम्युनिकेशन मिनिस्टर प्रेडेल हेनरीक्वेज का भी बयान आया. उन्होंने बताया कि हमलावरों में विदेशी मर्सिनरीज़ के अलावा हेती के भी कुछ लोग शामिल हैं. मंत्री हेनरीक्वेज ने जनता से घर में ही रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि देश में अभी कर्फ़्यू लगा हुआ है. ऐसे में अगर इमरजेंसी ना हो, तो लोग घरों से बाहर ना निकलें. रात के समय तो बिल्कुल भी बाहर न निकलें. 

हेती का माहौल

ये तो हुई राष्ट्रपति जोवेनेल मोइज़ की हत्या और संदिग्ध हमलावरों से जुड़े ब्योरे. इनसे इतर हेती में क्या माहौल है अभी? राष्ट्रपति मोइज़ जब ज़िंदा थे, तब भी हेती में राजनैतिक अस्थिरता की स्थिति थी. कार्यकाल की शुरुआत से ही उनपर कई तरह के आरोप थे. हम ब्रीफ़ में इन आरोपों की क्रोनोलॉज़ी समझा देते हैं. मोइज़ से पहले हेती के राष्ट्रपति थे, मिशेल मार्टेली. वो मई 2011 से फरवरी 2016 तक हेती के राष्ट्रपति रहे थे. कार्यकाल ख़त्म हो जाने के बाद भी मार्टेली राष्ट्रपति पद पर बने रहे थे. जनता ने महीनों तक उनके खिलाफ़ प्रदर्शन किया. तब जाकर मार्टेली ने पद छोड़ा. 

Untitled Design (4)
हेती के पूर्व राष्ट्रपति मिशेल मार्टेली.(तस्वीर : एएफ़पी )

यही मार्टेली जोवेनेल मोइज़ के मेंटॉर थे. मोइज़ की पार्टी का नाम थातेत केलॉ. स्थानीय भाषा में इसका अर्थ होता है, टकले सिर वाला. मोइज़ ने दो बार राष्ट्रपति चुनाव लड़ा. पहली बार, अक्टूबर 2015 में. इसमें सबसे ज़्यादा वोट पाने वाले प्रत्याशी थे मोइज़. मगर इस चुनाव पर धांधली के गंभीर आरोप थे. जनता और विपक्ष के भारी विरोध के चलते इसका रिज़ल्ट रद्द कर दिया गया था. इसके बाद नवंबर 2016 में फिर से राष्ट्रपति चुनाव हुआ. इस चुनाव में जनता की भागीदारी बहुत कम थी. मात्र 21 पर्सेंट वोटर्स ने ही मतदान किया था. मगर जो भी हो, चुनाव में दोबारा सबसे आगे रहे मोइज़. नतीजतन, इस दफ़ा वो राष्ट्रपति बन गए. 

मोइज़ का कार्यकाल फरवरी 2021 में ख़त्म हो गया. क़ायदे से इसके बाद उन्हें पद से हट जाना चाहिए था. मगर मोइज़ ने ऐसा नहीं किया. उन्होंने कहा कि वो अभी एक साल और पद पर बने रहेंगे. इसके खिलाफ़ जनता सड़कों पर उतर गई. देश में कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन हुए. मगर इस विरोध की अनदेखी करते हुए मोइज़ ने ऐलान किया कि वो नए संविधान की ड्राफ़्टिंग करवाएंगे. 

हेती का संविधान 

क्या हेती को नए संविधान की ज़रूरत थी? जवाब है, हां. हेती 1804 में आज़ाद मुल्क बना. मगर यहां लोकतांत्रिक संस्कारों ने कभी जड़ ही नहीं पकड़ी. लोकतंत्र की जगह तानाशाही और तख़्तापलट ने यहां पांव जमा लिए. इसका पहला निष्पक्ष चुनाव देश की आज़ादी के 186 साल बाद 1990 में हुआ. इस चुनाव से भी देश की तकदीर नहीं बदली. इसके बाद भी तख़्तापलट और तानाशाही जोंक की तरह हेती के साथ चिपके रहे. 

Untitled Design (5)
काफ़ी समय से जोवेनेल मोइज़ के ख़िलाफ़ हेती में प्रदर्शन चल रहे थे.(तस्वीर: एएफ़पी )

इस अस्वस्थ राजनैतिक परंपरा के अलावा एक बड़ी चुनौती देश का मौजूदा पॉलिटिकल ढांचा भी है. यहां दो पावर सेंटर्स हैं. एक, राष्ट्रपति. दूसरा, प्रधानमंत्री. इन दोनों के बीच सत्ता की होड़ रहती है. इसके चलते सरकार के कामकाज में एकजुटता नहीं रहती. अप्रभावी सरकारों के चलते हेती में एक वैक्युम पैदा हो गया. इसका फ़ायदा उठाकर यहां कई हथियारबंद गिरोह बन गए. ये गिरोह आए दिन हिंसा करते रहते हैं. ये इतने मज़बूत हैं कि देश की सेना और पुलिस भी इनका कुछ नहीं बिगाड़ पाती. 

ऐसे में कई जानकारों की राय थी कि हेती को संवैधानिक सुधारों की सख़्त ज़रूरत है. मसलन, दो पावर सेंटर्स ख़त्म करके उसकी जगह राष्ट्रपति शासन प्रणाली लाना. प्रधानमंत्री की जगह उपराष्ट्रपति का पद बनाना, जो कि राष्ट्रपति का अधीनस्थ हो. ताकि सरकार के भीतर होड़ वाले, क्लैश करने वाले पद नहीं, बल्कि साथ मिलकर काम करने वाले पद हों. 

यानी मोइज़ द्वारा नया संविधान बनाने का प्रस्ताव देना ग़ैरज़रूरी कदम नहीं था. लेकिन फिर भी इसे लेकर मोइज़ का ख़ूब विरोध हुआ. क्यों? क्योंकि विरोधियों को मोइज़ के तानाशाही तौरतरीकों पर आशंका थी. उनका सवाल था कि क्या गारंटी है कि मोइज़ नया संविधान बनाने के नाम पर ख़ुद को सत्ता में बनाए रखने का जतन नहीं करेंगे? हेती के संविधान में अब तक एक व्यक्ति को लगातार दो बार राष्ट्रपति बनने की इजाज़त नहीं थी. चूंकि मोइज़ कार्यकाल ख़त्म होने के बाद भी पद नहीं छोड़ रहे थे, तो इसपर भी आशंका उपजी. आरोप लगा कि मोइज़ नए संविधान में दो कार्यकाल का प्रावधान जुड़वाकर पद अपने ही पास रखेंगे. ये भी आरोप लगा कि अपनी ताकत बढ़ाने के लिए वो राष्ट्रपति को असीमित पावर देने का नियम बनवा देंगे. 

इन्हीं आशंकाओं के मद्देनज़र जनता का एक बड़ा तबका मोइज़ के खिलाफ़ लगातार प्रोटेस्ट कर रहा था. लोग उनसे तत्काल इस्तीफ़ा देने की मांग कर रहे थे. मगर मोइज़ पर इन विरोधों का कोई असर नहीं था. इस बीच एक और ख़बर आई, जिसने मोइज़ के खिलाफ़ विरोध को और चिंगारी दी. ये ख़बर जुड़ी थी, एक रेफरेंडम से. जून 2021 में हेती के नए संविधान पर एक रेफरेंडम होना था. मोइज़ ने इसकी तारीख़ आगे बढ़ा दी. नतीजतन, उनके खिलाफ़ हो रहे प्रोटेस्ट्स और तेज़ हो गए. 

बारबिक्यू

ऐसा नहीं कि मोइज़ पर केवल पद पर अवैध कब्ज़ा करने के ही आरोप हों. उनके ऊपर भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप थे. एक आरोप गैंगवॉर से भी जुड़ा था. क्या था ये इल्ज़ाम? हेती की राजधानी पोर्टप्रिंस में लगभग 100 हथियारबंद गिरोह सक्रिय हैं. इनमें से ही एक हैबेस डेलमास 6 गैंग्स. इस गैंग का सरगना है, जिमी चेरिज़ियर. ये आदमी इतना क्रूर है कि हेती के लोग इसेबारबिक्यूबुलाते हैं. लोग कहते हैं कि जिमी लोगों को ज़िंदा जला देता है. इसीलिए उसको बारबिक्यू कहते हैं. 

जिमी चेरिज़ियर गैंग लीडर बनने से पहले एक पुलिस अफ़सर था. 13 से 17 नवंबर, 2018 के बीच जिमी ने राजधानी के एक स्लम में बड़ा नरसंहार किया. इसमें करीब 70 लोग मारे गए. आरोप है कि इस नरसंहार को अंजाम देने में जिमी के दो बड़े मददगार थे. एक, आंतरिक मंत्रालय का डायरेक्टरफेडनेल मोनकैरी. दूसरा, शहर का पूर्व मेयरजोसफ़ डुपलान. ये जो डुपलान है, उसका सीधा कनेक्शन राष्ट्रपति जुवेनेल मोइज़ से बताया जाता है. प्रेज़िडेंट मोइज़ ने डुपलान को देश के पश्चिमी इलाके में अपना प्रतिनिधि चुना था. 

Untitled Design (6)
ला सलाइन’ स्लम में एक बाज़ार का दृश्य. (तस्वीर: एएफ़पी )

आरोप है कि राष्ट्रपति मोइज़ ने अपने खिलाफ़ चल रहे मास प्रोटेस्ट को दबाने के लिए डुपलान की मदद लेकर बारबिक्यू के सहारे नरसंहार की योजना बनवाई. इसके लिए बहुत सोचसमझकरला सलाइननाम के स्लम को चुना गया. क्यों? क्योंकि ये झुग्गी उन इलाकों में थी, जहां विपक्ष के सरकार विरोधी मूवमेंट का बहुत असर था. ऐसे में अगर यहां पर हत्याकांड होता, तो बाकी इलाकों में भी आतंक फैलता. 

ये इकलौता वाकया नहीं था, जब बारबिक्यू ने मोइज़ के विरोधियों को निशाना बनाया हो. बारबिक्यू और उसके लोग आएदिन राष्ट्रपति मोइज़ के विरोधियों को टारगेट करते. ये भी आरोप लगता कि बारबिक्यू के गुंडे पुलिस और सेना को मिली हथियारबंद गाड़ियों में घूमते हैं. पुलिस के हथियार इस्तेमाल करते हैं. इन्हीं आरोपों के चलते कई लोग बारबिक्यू को राष्ट्रपति मोइज़ काहेंचमैनभी कहते थे. 

हेती का भविष्य 

ये सब अतीत की बातें हैं. वर्तमान ये है कि राष्ट्रपति मोइज़ मारे जा चुके हैं. उनकी मौत के बाद हेती और त्रासद स्थिति में दिख रहा है. राजधानी पोर्टप्रिंस में पिछले कई महीनों से गैंगवॉर चल रहा है. गिरोहों की हिंसा के चलते हज़ारों लोग बेघर हो गए हैं. अब राष्ट्रपति की उनके ही घर में हत्या हो जाने से जनता में दहशत और बढ़ गई है. 

Untitled Design (7)
राष्ट्रपति की मृत्यु के बाद हेती में हालत और बिगड़ने के आसार है (तस्वीर: एएफ़पी )

इस संकट की घड़ी में भी राजनैतिक नेता संगठित नहीं दिख रहे हैं. वहां आने वाले दिनों में एक और पॉलिटिकल मुकाबले का फ्रंट खुलता दिख रहा है. इसकी क्या वजह है? दरअसल राष्ट्रपति मोइज़ ने अपनी हत्या के करीब 24 घंटे पहले देश के नए प्रधानमंत्री के लिए एक नाम फाइनल किया था. इन जनाब का नाम है, डॉक्टर एरियल हेनरी. 

राष्ट्रपति मोइज़ ने 5 जुलाई को उन्हें प्रधानमंत्री अपॉइंट किया. जल्द ही एरियल हेनरी को पदभार ग्रहण करना था. मगर इससे पहले कि ये हो पाता, राष्ट्रपति मोइज़ मारे गए. मोइज़ की हत्या के बाद मची अफ़रातफ़री में एरियल हेनरी के पूर्ववर्ती, अंतरिम प्रधानमंत्री क्लाउडे जोसफ़ ने ख़ुद को देश का मुखिया घोषित कर दिया. एक तरफ जहां क्लाउडे जोसफ़ ख़ुद को राष्ट्र प्रमुख बता रहे हैं, वहीं एरियल हेनरी कह रहे हैं कि असली प्रधानमंत्री तो मैं हूं. आशंका है कि असली प्रधानमंत्री कौन के इस सवाल पर हेनरी और जोसफ़ आपस में भिड़ सकते हैं. हेती को इस वक़्त लड़ने वाले राजनैतिक प्रतिनिधियों की नहीं, गंभीर और समझदार लीडरशिप की ज़रूरत है. 

कुल मिलाकर हेती की स्थिति बेहद दयनीय है. ये दयनीयता उसके साथ नत्थी हो गई है. वो एक मुसीबत से छूटता नहीं कि अगली मुसीबत उसके सिर लद जाती है. 


वीडियो देखें – तालिबान को मिल रही जीत के चलते रूस ने युद्ध अभ्यास क्यों शुरू कर दिया है?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

'तड़प-तड़प के' जैसा प्रेमियों का ब्रेकअप एंथम देने वाले सिंगर के के आजकल कहां हैं?

उनके गाए 'पल' गाने के बगैर आज भी किसी कॉलेज का फेयरवेल पूरा नहीं होता.

कर लिया योगा? अब क्विज खेलने से होगा

आन्हां, ऐसे नहीं कि योग बस किए, दिखाना पड़ेगा कि बुद्धिबल कित्ता बढ़ा.

तमिल जनता आखिर क्यों कर रही है 'फैमिली मैन-2' का विरोध, क्या है LTTE की पूरी कहानी?

जब ट्रेलर आया था, तबसे लगातार विरोध जारी है.

माधुरी से डायरेक्ट बोलो 'हम आपके हैं फैन'

आज जानते हो किसका हैप्पी बड्डे है? माधुरी दीक्षित का. अपन आपका फैन मीटर जांचेंगे. ये क्विज खेलो.

जिन मीम्स को सोशल मीडिया पर शेयर कर चौड़े होते हैं, उनका इतिहास तो जान लीजिए

कौन सा था वो पहला मीम जो इत्तेफाक से दुनिया में आया?

पार्टियों को चुनाव निशान के आधार पर पहचानते हैं आप?

चुनावी माहौल में क्विज़ खेलिए और बताइए कितना स्कोर हुआ.

लगातार दो फिफ्टी मारने वाले कोहली ने अब कहां झंडे गाड़ दिए?

राहुल के साथ यहां भी गड़बड़ हो गई.

रोहित शेट्टी के ऊपर ऐसी कड़क Quiz और कहां पाओगे?

14 मार्च को बड्डे होता है. ये तो सब जानते हैं, और क्या जानते हो आके बताओ. अरे आओ तो.

आमिर पर अगर ये क्विज़ नहीं खेला तो दोगुना लगान देना पड़ेगा

म्हारा आमिर, सारुक-सलमान से कम है के?

परफेक्शनिस्ट आमिर पर क्विज़ खेलो और साबित करो कितने जाबड़ फैन हो

आज आमिर खान का हैप्पी बड्डे है. कित्ता मालूम है उनके बारे में?