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कुमार सानू: इंटरनेट से पहले का वो फरिश्ता जो जलती दोपहरों का साथी था

भाभी नई-नई ब्याहकर कानपुर आई थीं. ससुर और पति दफ्तर चले जाते थे. सास सो जाती थीं. भाभी को घर की बहुत याद आती थी. इलाहाबाद वाला घर हरियाली के बीचोंबीच था. साथ बहनें रहती थीं. कुल 6 भाई-बहन थे. दिन कब शुरू होता, कब ख़त्म, पता ही नहीं चलता था. लेकिन जबसे कानपुर आई थीं, दिन कटता नहीं था. नई बहू किसी के घर जाकर भी तो नहीं बैठ सकती थी. कैसा लगता! ऐसी ही एक दोपहर भाभी ने अपने बड़े भैया को चिट्ठी लिखी. सब कुछ ठीक है. लेकिन याद बहुत आती है घर की. यहां सड़कें इतनी दुबली हैं कि लगता है दम घुट जाएगा.

भाई ने चिट्ठी पढ़ी तो दिल छिल गया. अगले हफ्ते काम के बहाने कानपुर आया. हाथ में था टेप रिकॉर्डर, बहन के लिए. जिससे बहन बोर न हो. पति ने कहा, मुझसे कह देतीं. सास ने तीन कोने के मुंह बनाए. लेकिन भाभी को जून की जलती दुपहरियों का साथी मिल गया था. कुमार सानू.

उन दुपहरियों में भाभी ने आशिक़ी के गाने इतनी बार सुने कि कैसेट घिस गई. घरखर्च के पैसों से भाभी ने अपने लिए कभी कुछ भी नहीं ख़रीदा था. बस करवाचौथ की एक नई साड़ी छोड़. लेकिन आशिक़ी की कैसेट वो पहली चीज थी जो उन्होंने अपने लिए खरीदी. अपनी मर्जी से. उसके बाद साजन, फूल और कांटे, दिल है कि मानता नहीं, सड़क, दीवाना, हम हैं राही प्यार के, बाज़ीगर. और रोहित के पैदा होते-होते घर में केवल कुमार सानू बजता था.

न मालूम कितने घरों में ऐसी कितनी औरतें थीं, कुमार सानू जिनके अकेलेपन के सबसे अच्छे साथी थे. लेकिन कुमार सानू कोई दूरदर्शन का चेहरा नहीं था, कि बस घर के अंदर दिखे. वो तो ईंधन था जिसके चालू होते ही पान वालों के हाथ पत्तों पर डबल स्पीड से चलते थे. वो सड़क के तिरपाल की छाया में पूरा दम लगा के कपड़े प्रेस कर रहे दिनेस के प्रेस का कोयला था. दिनेस बाएं हाथ से चुल्लू बनाकर कपड़ों पर पानी छिड़कता, फिर उसपर भारी प्रेस मारते हुए विविध भारती के साथ सुर मिलाता, ‘वो लड़की बहुत याद आती है’. जब मुंह में गुटखे की पीक इतनी भर जाती कि कुमार सानू की सांस अटकने लगती, दिनेस प्रेस खड़ा कर, पीक थूक, उनको उनकी खोई हुई आवाज वापस लौटाता.

और उधर से निकलते हुए जब ननकू रिक्शेवाले को प्यास लगती, दिनेस के यहां अपना डब्बा रोककर आधा मग्गा पानी पीता. आधा मुंह पे उड़ेल लेता. फिर रिक्शे की सीट से अपना पिछवाड़ा हल्का उठाए हुए निकल पड़ता, ‘इक भीगी हसीना क्या कहना, बारिश में पसीना क्या कहना’.

और ननकू फिर जब बलखाते हुए चौराहे पे एक टेम्पो से ठुक लेता, टेम्पो से आवाज आती बाज़ीगर मैं माआआदच्चो दिलवालों का मैं भो** औंघाय रहे हो का? कुमार सानू की आवाज को पूरी दुनिया को एक पिच नीची आवाज में सुनाने का श्रेय टेम्पो वालों को जाता है. कुमार सानू तो जैसे तैसे गला दाब के निकल आते थे. अलका याग्निक और अनुराधा पौडवाल का बेरहमी से गला घोंट दिया जाता है. लेकिन कुमार सानू की आवाज अकेली न निकलती. सामने वाले डब्बे में रक्खे फुटकर पैसे उनकी संगत में गाते थे. गुरदेव से गोल चौराहे का किराया 3 रुपये से 5 रुपये से 7 से 10 हो गया. लेकिन कानपुर की प्लेलिस्ट नहीं बदली.

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कुमार सानू के गाने पुराने होने के बाद भी पसंद किए जाते हैं.

मोती झील में जब अनूप नेहा से पहली बार मिला था, बार-बार रिवाइंड कर सारी रात ‘आंखों की गुस्ताखियां’ सुनता रहा.

दीदी की शादी में गोलू ने जिस गाने पे डांस किया, वो ‘साजन जी घर आए’ था.

गोलू के मम्मी-पापा की शादी की 25वीं सालगिरह पर पापा ने मम्मी की लिए गया था, ‘जब कोई बात बिगड़ जाए, जब कोई मुश्किल पड़ जाए, तुम देना साथ मेरा’.

कालोनी में जब होली का प्रोग्राम होता, सब आशु भइया से कहते, ‘ये काली काली आंखें’ पर नाचकर दिखाओ.

तिवारी जी के यहां तो मामा के लड़कों ने बच्चे का नाम ही सानू रख दिया था.

हंडिया से पिंकी, गुड़िया, नीतू और छोटू जब आप की फरमाइश में फोन करते थे, ‘पहली पहली बार मोहब्बत की है’ सुनना चाहते थे.

आज भी सुनिए ‘ये काली काली आंखें’

लोग इन गानों को हीरो की शक्लों से पहचानते थे. रेडियो पर सुनते थे, दुकानों में जा कर कैसेटों में ‘भरवा’ लेते थे. साइकिल के हैंडल पर रेडियो टांगकर फैक्ट्री से लौट रहे मजदूर को नहीं पता होता है कि ये आवाज किसकी है. उसे बस इतना मालूम होता था कि इसे गुनगुनाया जा सकता है.

मेरे पास रिकॉर्ड नहीं हैं कि कुमार सानू ने कितनी फिल्मों में गाया. कुल कितने गाने गाए. उन्हें कितने अवॉर्ड मिले. उनकी पर्सनल लाइफ कैसी थी. उनकी पॉलिटिकल लाइफ कैसी थी. मैंने जरूरी नहीं समझा कि गूगल पर चेक करूं. कुमार सानू के गाने मेरे फ़ोन में नहीं हैं. क्योंकि पुराने हो गए. लेकिन इतने पुराने नहीं हुए कि लोग उन्हें ‘महान’ कहना शुरू करते हुए उनके रीमेक बनाना शुरू कर दें. लेकिन फुर्सत के दिनों में जब किचन में खाना बना रही होती हूं, यूट्यूब पर कुमार सानू की प्लेलिस्ट बजा लेती हूं.


वीडियो देखें:

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