Submit your post

Follow Us

खराब हवा तो चीन में भी थी, उसने अपना बचाव कैसे किया है?

4.96 K
शेयर्स

चीन की राजधानी पेइचिंग. पांच नवंबर से ही पूरा शहर धुंध के आगोश में था. धुंध जिसे हम तकनीकी भाषा में स्मॉग कह रहे हैं, वो इतनी ज्यादा थी कि वहां दिखना मुश्किल हो गया था. दिन में भी लोग गाड़ियों की लाइटें जलाकर ड्राइविंग कर रहे थे. अस्थमा के मरीजों का हाल बहुत बुरा था और चीन की शी जिनपिंग सरकार परेशान थी. ऐसे हालात चीन के लिए आम हो गए हैं और आए दिन ऐसी ही स्थिति रहती है.

लेकिन भारत में भी तो ऐसी ही स्थिति है. दिल्ली-एनसीआर से लेकर चंडीगढ़, मुरादाबाद, बुलंदशहर, इलाहाबाद, लखनऊ और पटना जैसे शहरों के भी तो कमोबेश ऐसे ही हालात हैं. फिर अपने देश की बात करनी चाहिए, चीन की क्यों. तो ऐसा इसलिए है कि चीन ने इससे बचाव का तात्कालिक ही सही, लेकिन तरीका तो खोज ही लिया है.

smog 1
दिल्ली में तीन दिनों से मेडिकल इमरजेंसी जैेसे हालात हैं.

8 नवंबर को अमेरिका के राष्ट्रपति या यूं कहें कि दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स डॉनल्ड ट्रंप को पेइचिंग पहुंचना था. धुंध से परेशान पेइचिंग सरकार को भी ये बात मालूम थी कि ट्रंप आ रहे हैं. ट्रंप को परेशानी न हो, इसके लिए पेइचिंग में पिछले एक सप्ताह से गाड़ियों का चलना बैन कर दिया गया था. पूरे शहर और उसके आस-पास के इलाकों में कंस्ट्रक्शन रोक दिया गया था. स्टील, सीमेंट और कोयले के प्रोडक्शन पर अस्थाई तौर पर रोक लगा दी गई थी. ऐसे में डॉनल्ड ट्रंप जब चीन पहुंचे, तो प्रदूषण में कम से कम 25 फीसदी की कमी आ चुकी थी और आसमान साफ हो गया था. ये तस्वीर उस बात की गवाह है.

trump on airport
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप जब पेइचिंग पहुंचे, तो स्मॉग नहीं था और आसमान बिल्कुल साफ था.

8 ही नवंबर को भारत में भी एक ताकतवर शख्स को आना था. वो थे प्रिंस चार्ल्स. ब्रिटेन के होने वाले महाराज. वो भी आए, लेकिन दिल्ली शहर में धुंध वैसे ही रही, जैसे पिछले तीन दिनों से है. दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की ये तस्वीर इस बात का सबूत है. दिल्ली में प्रदूषण का ये स्तर लंदन से 100 गुना ज्यादा था. अब ब्रिटेन के होने वाले महाराज को दिल्ली की धुंध से कोई परेशानी हुई या नहीं, ये तो पता नहीं है, लेकिन पूरी दिल्ली इस धुंध की वजह से बेदम होती नजर आई.

Britain's Prince Charles and his wife Camilla, Duchess of Cornwall, alight from an aircraft surrounded by smog, after landing in New Delhi, India, Wednesday, Nov. 8, 2017. The royal couple are in the country on a two-day visit (AP Photo/Manish Swarup)
ब्रिटिश प्रिंस चार्ल्स जब दिल्ली पहुंचे, तो पूरा शहर स्मॉग में छिपा हुआ था.

दिल्ली के स्कूल अगले चार दिनों के लिए बंद कर दिए गए. पूरी दिल्ली में मेडिकल इमरजेंसी घोषित कर दी गई. बहुत जरूरी न हो तो लोगों को घरों से बाहर निकलने के लिए मना कर दिया गया. बताया गया कि हवा इतनी जहरीली हो गई है और इतना नुकसान कर रही है, जितना नुकसान एक दिन में 50 सिगरेट पीने से होता है. इस दिन को भारत के अब तक के सबसे प्रदूषित दिन का दर्जा दे दिया गया. हमारे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के भी हालात कुछ ऐस ही हैं. वहां भी लाहौर में मेडिकल इमरजेंसी जैसे हालात हैं. वहां भी लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है, फ्लाइट्स लेट हैं और स्कूलों को या तो बंद कर दिया गया है या फिर उन्हें देर से खोलने के आदेश दिए गए हैं.

पड़ोसी देश पाकिस्तान के लाहौर शहर में भी स्मॉग छाया हुआ है.
पड़ोसी देश पाकिस्तान के लाहौर शहर में भी स्मॉग छाया हुआ है.

तो दिल्ली और उसके आस-पास के शहरों के आसमान पर जो धुंध छाई है, वो स्मॉग है. स्मॉग यानी स्मोक (धुंआ) और फॉग (कोहरा) का मिला जुला संस्करण जिसमें नाइट्रोजन ऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड, कार्बन डाई ऑक्साइड, धूलकण और कई ऐसी चीजें होती हैं, जो हमारी सांसों को नुकसान पहुंचाती हैं. इस स्मॉग शब्द को इजाद किया गया था 19 वीं शताब्दी में, जब ब्रिटेन की राजधानी लंदन में इसे देखा गया. वैज्ञानिकों ने इसके एलिमेंट्स खोजे और इसे नाम दिया स्मॉग. 26 जुलाई 1905 को लंदन से निकलने वाले अखबार डेली ग्राफिक में इसका जिक्र हुआ. उसके बाद से अब तक दुनिया के कई देशों ने इस स्मॉग का सितम झेला है और अब भी झेल रहे हैं.

factory
फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुंआ भी स्मॉग के लिए जिम्मेदार है.

हमारा देश स्मॉग का सितम झेलने वालों में से एक है. वैज्ञानिक बताते हैं कि स्मॉग बनने के पीछे इलाके में बड़ी मात्रा में कोयले का जलाना, फसलों और उनके अवशेषों को जलाना, गाड़ियों से निकला धुंआ, पावर प्लांट से निकला धुंआ और तमाम फैक्ट्रियों से निकला हुआ प्रदूषण है. जाड़े के शुरुआती दिनों में जब कोहरा पड़ने लगता है, तो इन फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुंआ कोहरे के साथ मिलकर हमारे आस-पास इकट्ठा होते रहता है, जिससे धुंध छाई रहती है और हमें सांस लेने में तकलीफ होती है. स्मॉग में जो जहरीले कण पाए जाते हैं, उन्हें पीएम 2.5 और पीएम 10 के रूप में नापा जाता है. पीएम यानी पार्टिकुलेट मैटर जो 2.5 माइक्रोग्राम से कम होते हैं और आसानी से नाक और मुंह के जरिए शरीर में घुसकर बीमार कर देते हैं. वहीं पीएम 10 वो पार्टिकुलेट मैटर हैं, जो 10 माइक्रोग्राम के होते हैं और ये भी शरीर को उतना ही नुकसान पहुंचाते हैं. सामान्य तौर पर पीएम 2.5 का स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर होता है, जो फिलहाल 15 गुना बढ़कर 900 के पार चला गया है. यह विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों से 40 गुना ज्यादा है. वहीं पीएम 10 का सामान्य स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर होता है, जो फिलहाल पांच गुना अधिक 500 के आस-पास है.

delhi pm 2.5
दिल्ली में पीएम 2.5 का स्तर सामान्य से 10 गुना ज्यादा है.

फिलहाल दिल्ली-एनसीआर और देश के अन्य शहरों में जो हालात हैं, वो हर रोज बदतर ही होते जा रहे हैं. दिल्ली दुनिया के 8 बड़े शहरों में सबसे प्रदूषित दिल्ली ही है. दुनिया के 30 सबसे प्रदूषित शहरों में आधे हमारे देश के शहर हैं, लेकिन सरकारें इनसे बचाव खोजने की बजाय एक दूसरे पर आरोप लगा रही हैं और जनता का दम घुटता जा रहा है. प्रदूषण के लिए जिम्मेदार फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुंआ, लगातार हो रहे कंस्ट्रक्शन से उड़ती धूल, पुरानी गाड़यों का इस्तेमाल और जलाए जा रहे फसलों के अवशेषों के साथ ही और भी कई चीजें हैं, लेकिन सरकारें फसलों के अवशेषों को जलाने के लिए ज्यादा जिम्मेदार मान रही हैं, जो पूरी तरह से सही नहीं है.

parali burnt
पराली जलाने से स्मॉग बनता है, लेकिन यही इकलौती वजह नहीं है.

धान या गेहूं के अवशेष को आम बोल-चाल की भाषा में पराली कहा जाता है. पंजाब और हरियाणा में धान की खूब पैदावार होती है. वहां पराली भी खूब होती है. उसे जलाने को लेकर नेशनल ग्रिन ट्रिब्यूनल, दिल्ली हाई कोर्ट और दिल्ली सरकार ने बार-बार कहा है कि इसकी वजह से ही दिल्ली के प्रदूषण में इजाफा हुआ है. लेकिन ये आधा ही सच है. हरियाणा और पंजाब में कुछ जगहों पर धान की फसल कट गई है और कुछ जगहों पर अभी फसल कट रही है. जब तक पूरी फसल कट ना जाए, पराली को जलाया ही नहीं जा सकता, क्योंकि उससे आस-पास के खेतों में आग लगने का डर बना रहता है. दूसरा ये भी है कि धान की फसल में पानी की ज्यादा जरूरत होती है. धान के पककर तैयार होने के बाद भी पौधे का निचला हिस्सा हरा ही रहता है. धान कट भी जाए, तो इसके निचले हिस्से को सुखाने के लिए कम से कम 10 दिन धूप की जरूरत होती है. ऐसे में पराली को इतनी बड़ी मात्रा में जलाया ही नहीं जा सकता है कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का लेवल इस स्तर पर पहुंच जाए कि लोगों को बेदम कर दे.

traffic in delhi
गाड़ियों से निकलने वाला धुंआ भी स्मॉग के लिए जिम्मेदार है.

दिल्ली-एनसीआर और अन्य शहरों की इस हालत के लिए जितना सरकारें जिम्मेदार हैं, उससे कहीं ज्यादा हम खुद जिम्मेदार हैं. लैंसेट की एक रिपोर्ट के मुताबिक हर साल भारत में प्रदूषण की वजह से 25 लाख मौतें होती हैं. दिल्ली की अभी की जो हालत है, वो लंदन से 100 गुनी ज्यादा खराब, पेरिस से 50 गुनी ज्यादा खराब और पेइचिंग से 18 गुनी ज्यादा खराब है. पिछले पांच सालों में दिल्ली में 13 फीसदी प्रदूषण बढ़ गया है, वहीं चीन ने तमाम उपाय करके अपने यहां के प्रदूषण में पांच फीसदी की कमी की है. ऐसे में अस्थाई तौर पर ही सही, लेकिन चीन जैसे उपाय अपनाकर तात्कालिक तौर पर तो राहत दी ही जा सकती है.


वीडियो में देखें हिमाचल की राजनीति से जुड़े किस्से

ये भी पढ़ें:

बहुत बेचारा होता है कूड़ा, पैदा सब करते हैं, गले कोई नहीं लगाता

आपके बरामदे में जलता बल्ब समंदर के एक कछुए की जान ले सकता है

गंगा और यमुना अब जिंदा मानी जाएंगी, फैसला कोर्ट का, आइडिया न्यूजीलैंड का

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें
Delhi-NCR is fighting with smog while China has reduced his pollution level more than 5% in last few years

कौन हो तुम

रोहित शेट्टी के ऊपर ऐसी कड़क Quiz और कहां पाओगे?

14 मार्च को बड्डे होता है. ये तो सब जानते हैं, और क्या जानते हो आके बताओ. अरे आओ तो.

परफेक्शनिस्ट आमिर पर क्विज़ खेलो और साबित करो कितने जाबड़ फैन हो

आज आमिर खान का हैप्पी बड्डे है. कित्ता मालूम है उनके बारे में?

चेक करो अनुपम खेर पर अपना ज्ञान और टॉलरेंस लेवल

अनुपम खेर को ट्विटर और व्हाट्सऐप वीडियो के अलावा भी ध्यान से देखा है तो ये क्विज खेलो.

Quiz: आप भोले बाबा के कितने बड़े भक्त हो

भगवान शंकर के बारे में इन सवालों का जवाब दे लिया तो समझो गंगा नहा लिया

आजादी का फायदा उठाओ, रिपब्लिक इंडिया के बारे में बताओ

रिपब्लिक डे से लेकर 15 अगस्त तक. कई सवाल हैं, क्या आपको जवाब मालूम हैं? आइए, दीजिए जरा..

जानते हो ह्रतिक रोशन की पहली कमाई कितनी थी?

सलमान ने ऐसा क्या कह दिया था, जिससे हृतिक हो गए थे नाराज़? क्विज़ खेल लो. जान लो.

राजेश खन्ना ने किस हीरो के खिलाफ चुनाव लड़ा और जीता था?

राजेश खन्ना के कितने बड़े फैन हो, ये क्विज खेलो तो पता चलेगा.

सलमान खान के फैन, इधर आओ क्विज खेल के बताओ

क्विज में सही जवाब देने वाले के लिए एक खास इनाम है.

फवाद पर ये क्विज खेलना राष्ट्रद्रोह नहीं है

फवाद खान के बर्थडे पर सपेसल.

दुनिया की सबसे खूबसूरत महिला के बारे में 9 सवाल

कुछ ऐसी बातें, जो शायद आप नहीं जानते होंगे.