Submit your post

Follow Us

भारत-चीन सीमा विवाद: हमेशा चीन जो रणनीति अपनाता था, वही खेल हमने खेल दिया है

अगर आपका पड़ोसी आपकी ज़मीन पर आकर कब्ज़ा कर ले और आपके मान-मनौवल, बातचीत करने से भी ना माने, तो आप क्या करेंगे. अगर झगड़ा नहीं करेंगे, तो जरूर आप दुश्मन की कोई कमज़ोर कड़ी देखेंगे. कोई कमज़ोर नस दबाएंगे, जिसके बाद मजबूरन उस पड़ोसी को पीछे हटना पड़े, आपसे बातचीत करनी पड़े. ये उदाहरण सही जाता है चीन और भारत वाले झगड़े पर, जिसमें अब चीन भारत से बातचीत के लिए बेचैन दिखता है.

आपको याद होगा भारत और चीन का LAC वाला झगड़ा मई महीने में शुरू हुआ था. उसके बाद जून और जुलाई में बातचीत के जरिए कुछ जगहों पर तनाव कम हुआ. दोनों सेनाएं इन इलाकों में थोड़ा पीछे हटीं.

अब चीन खुद भारत से बात करना चाहता है

लेकिन 15 जुलाई के बाद तनाव कम करने वाली ये प्रक्रिया लगभग थम सी गई. क्यों थमी. क्योंकि पैंगोंग झील पर डिसइंगेजमेंट की बात आ गई थी, जहां रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन लगभग 8 किलोमीटर भारत के हिस्से में आकर कब्जा जमाए बैठा है और वहां से पीछे हटने को तैयार नहीं है. यहां डिसइंगेजमेंट के लिए भारत चीन को लगातर कहता रहा है, लेकिन चीन ने टाल-मटोल करना शुरू कर दिया. लेकिन अब चीन ने खुद भारत से बातचीत के लिए आग्रह किया है. रूस में भारत और चीन, दोनों के रक्षा मंत्री हैं और वहीं चीन ने भारत के रक्षा मंत्री से बातचीत की रिक्वेस्ट भेजी है. लेकिन आप ये समझिए अब चीन की ऐसी कौन-सी नस भारत ने दबा दी कि खुद ही बातचीत के लिए आगे आ रहा है?

भारत और चीन के बीच रूस के मॉस्को में बातचीत होने वाली है. (फोटो-पीटीआई)
भारत और चीन के बीच रूस के मॉस्को में बातचीत होने वाली है. (फोटो-पीटीआई)

लद्दाख में भारत ने चीन के साथ कौन-सा खेल कर दिया?

Map

पूरी बात नक्शे से समझिए. लद्दाख के पूर्वी हिस्से में भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यानी LAC है. ये वास्तविक नियंत्रण रेखा पैंगोंग झील से होकर गुजरती है. पैंगोंग 135 किलोमीटर लंबी झील है, जिसका 90 किलोमीटर का पूर्वी हिस्सा चीन के पास है और 45 किलोमीटर भारत के पास. भारत के परसेप्शन के हिसाब से. भारत और चीन के बीच मई और जून में जो झगड़ा हुआ था, वो झील के उत्तरी इलाके में था. सबसे पहला झगड़ा यानी 5 मई वाली मारपीट तो बिल्कुल झील के उत्तरी किनारे पर फिंगर 4 के पास ही हुई थी. झील के उत्तरी किनारे पर एक कतार में पहाड़ हैं. उंगलियों की तरह दिखते हैं, इसीलिए फिंगर्स कहलाते हैं. पश्चिम से पूर्व की तरफ 1 से 8 फिंगर्स. और इन्हीं के हिसाब से यहां LAC निर्धारित है. भारत के हिसाब से LAC फिंगर 8 से होकर गुजरती है. चीन इस बात को नहीं मानता और मई में जब फिंगर 4 तक आ गया, तो दोनों देशों की सेनाओं में झड़प हुई, झगड़ा यहीं से शुरू हुआ.

China4

अब पैंगोंग झील से उत्तर में चलिए. नक्शे में सबसे ऊपर दौलत बेग ओल्डी माने DBO है. ये एक एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड है. माने यहां वायुसेना के विमान उतर सकते हैं. DBO के पास डेपसांग प्लेन्स हैं, जहां चीन ने घुसपैठ की थी. इसके अलावा दौलत बेग ओल्डी और पैंगोंग झील के बीच पेट्रोलिंग पॉइंट 14, 15 और 17 में भी चीनी सेना भारत के इलाके में घुस आई थी. पेट्रोलिंग पॉइंट 14 वाला इलाका गलवान घाटी में है, जहां जून में दोनों सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी.

अब गलवान घाटी में तो दोनों देश बातचीत के जरिए पीछे हटने को राज़ी हो गए. और करार के तहत दोनों देशों की सेनाएं लगभग 2-2 किलोमीटर पीछे हट गई. माने 4 किलोमीटर का ‘नो पेट्रोलिंग ज़ोन’ बन गया. यहां तो एक बारगी झगड़ा सुलझ गया. लेकिन जब बात पैंगोंग झील की आई, तो चीन अड़ गया. भारत चाहता था कि अप्रैल से पहले वाली स्थिति बहाल हो. यानी चीन फिंगर 8 तक पीछे जाए. चीन इस बात के लिए राज़ी नहीं हुआ. थोड़ी-बहुत बात बनी, जिसमें दोनों सेनाएं आमने-सामने से हट गईं. भारत फिंगर 4 से फिंगर 3 तक आ गया और चीन फिंगर 5 तक चला गया. लेकिन फिर भी चीन तो भारत के इलाके में ही था. तो भारत कहता रहा कि मई के पहले वाले स्थिति बहाल हो. लेकिन चीन यहां बेहतर पोजिशन में था, तो वो पीछे क्यों हटता. और इसी बात को लेकर झगड़ा बना रहा.

8

ये तो पैंगोग झील के उत्तर में हुए झगड़े की बात हुई. अब पैंगोंग झील के दक्षिण में चलिए. झील के किनारे के पास चुशूल सेक्टर है. यहीं पर रेज़ाग ला और रेचिन ला भी हैं, ब्लैक टॉप और केमल टॉप भी हैं. ये यहां पहाड़ियों के नाम हैं. और इनके पास से LAC गुजरती है. पैंगोंग झील के दक्षिण किनारे पर भारत की पोजिशन मजबूत है. मानी उत्तर किनारे पर भारत सिर्फ पेट्रोलिंग करता था, दक्षिण किनारे पर पोस्ट हैं. हालांकि पोस्ट LAC से कुछ दूरी पर हैं. तो झील के दक्षिण किनारे पर चुशूल में 29 और 30 अगस्त की रात को चीन की सेना के LAC पार घुसपैठ करने की खबर आई. ये जानकारी भारतीय सेना ने ही दी. सेना अलर्ट पर थी, इसलिए ये चीन की कोशिश कामयाब नहीं हो पाई. फिर दनादन चीन के कई बयान आए. कहा कि भारत की सेना तो हमारे इलाके में घुस गई है. पहले के करार और सहमतियों को ही तोड़ दिया है. चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने जो बयान जारी किया था, वो इस तरह से था-

31 अगस्त को भारतीय सेना ने पुरानी सहमतियों का उल्लंघन किया और पैंगोंग झील के दक्षिण के पास और रेकिन-ला में गैर-कानूनी तरीके से घुसपैठ की. भारत ने चीन की संप्रुभता का उल्लंघन किया है.

इसी तरह का बयान चीन के विदेश मंत्रालय से भी आया. सब एक ही बात कह रहे थे कि भारत की सेना हमारे इलाके में घुस गई है.

अब ये पूछा जा रहा है कि क्या वाकई भारत ने चीन के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई की है, जैसा चीन दावा कर रहा है? इस पर भारतीय सेना का तो कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के हवाले से जो खबरें आ रही हैं, उनके मुताबिक इंडियन आर्मी ने रणनीतिक लिहाज से अहम ऊंची चोटियां अपने कब्जे में ले ही हैं. कहां हुआ ये. चुशूल सेक्टर में ही- जहां रेज़ांग-ला, रेचिन-ला और ब्लैक टॉप हैं. पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर अपनी रणनीतिक बढ़त बनाने के लिए भारत ने ये इलाके कब्जे में लिए हैं. और खबरें ये भी हैं कि इसके अलावा भी कई और जगह LAC पर भारत ने स्ट्रैटेजिक पोजिशन मजबूत कर ली है. और ये सिर्फ पैंगोंग झील के दक्षिण में नहीं हुआ, पूरे वेस्टर्न सेक्टर में भारत ने फौज बढ़ा दी है. फिंगर 4 के पास भी चोटियों पर कब्ज़ा कर लिया है और तैनाती बढ़ा दी है.

India China

थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मनोज मुकुंद नरवणे ने भी चुशूल सेक्टर में भारत की अग्रिम पोस्ट का दौरा किया और वहां जवानों-अधिकारियों से मुलाकात की. थलसेना प्रमुख का बयान भी आया है, जिसमें उन्होंने माना है कि LAC पर हालात अभी थोड़े तनावपूर्ण हैं, इसलिए एहतियातन सेना की तैनाती बढ़ाई गई. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि उम्मीद है कि बातचीत से ही मसले का हल निकलेगा. उन्होंने कहा-

यकीनन हमारे जवान सबसे अच्छे जवान हैं और वो ना सिर्फ इंडियन आर्मी का, बल्कि देश का भी नाम रोशन करेंगे. अभी एलएसी के ऊपर जो स्थिति है, वो थोड़ी नाजुक है, गंभीर है. लेकिन हम लगातार इसके बारे में सोच-विचार कर रहे हैं. हमारी सुरक्षा के लिए हमने कुछ एहतियाती कदम उठाए थे. इससे हमें भरोसा है कि स्थिति कायम रहेगी.

अब सवाल ये है कि भारतीय सेना के इस कदम से यानी, हाईट्स कैप्चर करने से चीन में खलबली क्यों मची. क्या भारत ने एलएसी में कोई तब्दीली की है. जवाब है नहीं. भारतीय सेना ने एलएसी पर पुरानी स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया. हमारे ही इलाके में पड़ने वाली चोटियों पर सेना ने अपनी पोजिशन मजबूत की है, ताकि चीनी सेना के मूवमेंट पर नज़र रखी जा सके. हालांकि चीन इन चोटियों पर अपना दावा करता रहा है. अब चीन बैकफुट पर इसलिए बताया जा रहा है, क्योंकि इन चोटियों से चीनी सेना के मूवमेंट पर नज़र रखी जा सकती है. आपको करगिल युद्ध याद है ना- हाइट का कितना फायदा होता है. तो ये फायदा अभी भारतीय सेना के पास है. चीनी सेना की पोस्ट सीधे भारतीय सेना के क्लोज रेंज में हैं, इसलिए चीन इतना हल्ला कर रहा है. इसका क्या मतलब डिफेंस एक्सपर्ट्स से समझिए.

रक्षा विशेषज्ञ ध्रुव कटोच का कहना है-

हालात स्थिर हैं. कुछ एरिया में जहां चीन पहुंचना चाहता था, जैसे पैंगोंग के दक्षिणी हिस्से में हम पहले वहां पहुंच गए हैं. अब चीन ऐसी स्थिति में नहीं है कि ऐसा कुछ नहीं कर सकता, जैसा कि वो चाहते थे. भारत का साफ कहना है कि चीन को अप्रैल वाली पहले वाली स्थिति में लौटना होगा.

दोनों देशों के बीच ब्रिगेड कमांडर स्तर की बातचीत चार दिन से लगातार हर रोज होती है. अब चीन ने रूस में रक्षा मंत्रियों की बातचीत की पहल की है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए मॉस्को गए हैं. कौन-कौन से कार्यक्रम– दूसरे विश्व युद्ध में जीत की 75वीं वर्षगांठ का कार्यक्रम, SCO यानी शंघाई कॉपरेशन ऑर्गनाइजेशन में रक्षा मंत्रियों की बैठक और रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू के साथ द्विपक्षीय बैठक. इसमें चीन के रक्षा मंत्री से मुलाकात का पहले से कोई प्लान नहीं था. आमतौर पर SCO की बैठकों में भी में द्विपक्षीय मुद्दों पर बात नहीं होती है. इसलिए चीन ने अलग से बाचतीत की पहल की है. वैसे भारत और चीन का मामला तो ज्यादातर हमारा विदेश मंत्रालय संभालता है. इसलिए विदेश मंत्रालय की सहमति से दोनों देशों के बीच बातचीत होगी, ऐसी खबरें हैं.

तो अब भारत कितने बेटर नेगोशिएशन पोजिशन में है. क्या चीन अब बैकफुट पर है एक्सपर्ट्स से हमने ये समझा. डिफेंस एक्सपर्ट अनिल गौड़ का कहना है,

ये बात हर स्तर पर चल रही है कि चीन को दो-टूक बता दिया गया है कि 5 अप्रैल, 2020 की जो स्थिति थी, उसमें वापस जाना पड़ेगा. उसके अलावा हिन्दुस्तान को कोई और चीज मंजूर नहीं है. ये चीज चीन को बता दी गई है कि हम किसी देश के साथ लड़ाई नहीं करना चाहते, हम कोई आर्मी एक्शन नहीं लेना चाहते. इसलिए चीन को बार-बार यही समझाया है कि आप पुरानी स्थिति मेंटेन करें. लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के ऊपर आपने जो स्थिति पैदा की है, उसको खत्म करें और वापस उसी स्थिति में आ जाएं, जिस पर आप थे. बातचीत चल रही है. ये फेल होने के बाद मिलिट्री ऑप्शन तो है ही.

यानी हमेशा चीन जो रणनीति अपनाता था, वो ही खेल हमने खेल दिया है. एक अच्छा कदम इसे माना जा रहा है. उम्मीद है कि अब चीन की भी हेकड़ी निकलेगी और पैंगोंग वाला झगड़ा खत्म होगा.


रखवाले: लद्दाख से चीन को खदेड़ने के लिए CDS बिपिन रावत के पास क्या-क्या विकल्प हैं?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

विधायक विजय मिश्रा, जिन्हें यूपी पुलिस लाने लगी तो बेटियां बोलीं- गाड़ी नहीं पलटनी चाहिए

विधायक विजय मिश्रा, जिन्हें यूपी पुलिस लाने लगी तो बेटियां बोलीं- गाड़ी नहीं पलटनी चाहिए

चलिए, विधायक जी की कन्नी-काटी जानते हैं.

नेशनल हैंडलूम डे: और ये है चित्र देखो, साड़ी पहचानो वाली क्विज

नेशनल हैंडलूम डे: और ये है चित्र देखो, साड़ी पहचानो वाली क्विज

कभी सोचा नहीं होगा कि लल्लन साड़ियों पर भी क्विज बना सकता है. खेलो औऱ स्कोर करो.

सौरव गांगुली पर क्विज़!

सौरव गांगुली पर क्विज़!

सौरव गांगुली पर क्विज़. अपना ज्ञान यहां चेक कल्लो!

कॉन्ट्रोवर्सियल पेंटर एमएफ हुसैन के बारे में कितना जानते हैं आप, ये क्विज खेलकर बताइये

कॉन्ट्रोवर्सियल पेंटर एमएफ हुसैन के बारे में कितना जानते हैं आप, ये क्विज खेलकर बताइये

एमएफ हुसैन की पेंटिंग और विवाद के बारे में तो गूगल करके आपने खूब जान लिया. अब ज़रा यहां कलाकारी दिखाइए.

'हिटमैन' रोहित शर्मा को आप कितना जानते हैं, ये क्विज़ खेलकर बताइए

'हिटमैन' रोहित शर्मा को आप कितना जानते हैं, ये क्विज़ खेलकर बताइए

आज 33 साल के हो गए हैं रोहित शर्मा.

क्विज़: खून में दौड़ती है देशभक्ति? तो जलियांवाला बाग के 10 सवालों के जवाब दो

क्विज़: खून में दौड़ती है देशभक्ति? तो जलियांवाला बाग के 10 सवालों के जवाब दो

जलियांवाला बाग कांड के बारे में अपनी जानकारी आप भी चेक कर लीजिए.

बजट का कितना ज्ञान है, ये क्विज़ खेलकर चेक कर लो!

बजट का कितना ज्ञान है, ये क्विज़ खेलकर चेक कर लो!

कितना नंबर पाया, बताते हुए जाना. #Budget2020

संविधान के कितने बड़े जानकार हैं आप?

संविधान के कितने बड़े जानकार हैं आप?

ये क्विज़ जीत लिया तो आप जीनियस हुए.

क्रिकेट के पक्के वाले फैन हो तो इस क्विज़ को जीतकर बताओ

क्रिकेट के पक्के वाले फैन हो तो इस क्विज़ को जीतकर बताओ

कित्ता नंबर मिला, सच-सच बताना.

सलमान खान के फैन, इधर आओ क्विज खेल के बताओ

सलमान खान के फैन, इधर आओ क्विज खेल के बताओ

क्विज में सही जवाब देने वाले के लिए एक खास इनाम है.