Submit your post

Follow Us

प्रेगनेंसी में चीजें भूलना बीमारी नहीं Momnesia है

238
शेयर्स

अंकिता जैन. जशपुर छतीसगढ़ की रहने वाली हैं. इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. विप्रो इंफोटेक में छह महीने काम किया. सीडैक, पुणे में बतौर रिसर्च एसोसिएट एक साल रहीं. साल 2012 में भोपाल के एक इंजीनियरिंग इंस्टिट्यूट में असिस्टेंट प्रोफेसर रहीं. मगर दिलचस्पी रही क्रिएटिव राइटिंग में. जबर लिखती हैं. इंजीनियरिंग वाली नौकरी छोड़ी. 2015 में एक नॉवेल लिखा. ‘द लास्ट कर्मा.’ रेडियो, एफएम के लिए भी लिखती हैं. शादी हुई और अब वो प्रेग्नेंट हैं. ‘द लल्लनटॉप’ के साथ वो शेयर कर रही हैं प्रेग्नेंसी का दौर. वो बता रही हैं, क्या होता है जब एक लड़की मां बनती है. पढ़िए 14वीं किश्त.

MOTHER-IN-MAKING_181216-010423-600x150_290117-070549-600x150


कुछ दिन पहले मैंने सुबह की टैबलेट दोपहर में दोबारा लगभग खा ही ली थी. मुंह में रखते ही टैबलेट का स्वाद कुछ जाना-पहचाना लगा तो तुरंत मुंह से निकालकर फेंकी. मैं पिछले दो महीनों से सुबह-दोपहर शाम की विटामिन्स की टैबलेट ले रही हूं. जो प्रेगनेंसी में डॉक्टर्स देते हैं. मुझे टैबलेट्स उनके नाम के साथ कब खानी है, ये याद भी हो चुका था. लेकिन उस दिन जब ये गड़बड़ हुई मैंने सारी टैबलेट्स चेक कीं. और तब देखा कि मैंने कई बार अपनी दवाई मिस की है. मैं वाक़ई दवाई खाने के आधा घंटे बाद भूल जाती हूं कि मैंने दवाई खाई या नहीं. और तब मैंने एक चार्ट बनाया. अब मैं टैबलेट खाने के बाद चार्ट में टिक-मार्क करती हूं. ताकि याद रहे.

ये सिर्फ एक चीज़ नहीं है. कमरे में घुसी हूं,  लेकिन क्यों, याद नहीं. चाय में कुछ ही मिनट पहले चीनी डाली है या नहीं, याद नहीं. गैस पर दूध रखकर भूल जाती हूं, और तब तक याद नहीं आता जब तक उसके जलने की बू ना आए. सास ने कोई काम दिया है, लेकिन मैं नहीं कर पाई क्योंकि मुझे याद ही नहीं रहा. लेकिन अचानक ऐसा क्यों हो रहा है. पहले तो मैं कभी कुछ नहीं भूलती थी. मेरी याद्दाश्त कमज़ोर तो नहीं थी. और अभी तो बुढ़ापा लगने में भी दो दशक से ज्यादा बाकी हैं. तो फिर?

मैं शायद अपनी इस समस्या को अनदेखा ही कर देती. अगर कुछ दिन पहले मेरी प्रेगनेंसी एप में “प्रेगनेंसी ब्रेन” के बारे में न आया होता. और तब मुझे समझ आया कि जिसे मैं अचानक हुआ बदलाव और बीमारी समझ रही थी. असल में वो भी प्रेगनेंसी के दूसरे सिम्पटम्स की तरह एक है. जिसे मैं और मेरी तरह कई दूसरी लड़कियां अनदेखा कर देती है. दिन-रात उससे जूझती हैं, इरीटेट होती हैं. लेकिन ये प्रेगनेंसी की वजह से हो रहा है, इसे मानना और दूसरों को ये समझा पाना कि आप भूलने का बहाना नहीं कर रहे हो. वाक़ई आपके साथ ऐसा हो रहा है, थोड़ा मुश्किल है.

कभी-कभी लगता है जैसे आपके अंदर पनप रही आपकी नन्ही सी जान ने कहीं आपका दिमाग तो नहीं चुरा लिया? या कहीं आपके दिमाग में कोहरा सा जम गया है, जिससे सब कुछ धुंधला गया है. असल में ये है क्या? 

कुछ शोधकर्ताओं की मानें तो प्रेगनेंसी के दौरान औरतों के दिमाग में “ग्रे-मैटर” की भारी कमी आ जाती है. इस दौरान औरत का दिमाग कुछ स्पेसिफिक जगहों से सिकुड़ता है. और दिमाग के स्ट्रक्चर में होने वाले ये बदलाव ख़ासकर उन जगहों पर होते हैं जो मनुष्य की समझने की शक्ति, दूसरों के रवैये, एक्शन, और फीलिंग्स को मैनेज करने का काम करते हैं. तो समझे मतलब? कुछ ऐसी गड़बड़ी आ जाती है प्रेगनेंसी के दौरान कि न वो बेचारी ख़ुद को समझ सकती है न किसी और को. ऐसे में भगवान ही मालिक हैं. और शोध-कर्ताओं का ये भी कहना है कि ये इस गड़बड़ी को ठीक होने में डिलीवरी के बाद भी तकरीबन दो साल का समय लगता है.

स्पेन के कुछ न्यूरो-वैज्ञानिकों ने तो प्रेगनेंसी और डिलीवरी के बाद, दोनों समय के दिमाग का फोटो खींचकर देखा, ये जानने के लिए कि बदलाव कब, कैसे और कहां होते हैं. और उन्हें जो बदलाव दिखे उसके हिसाब से प्रेग्नेंट महिला के दिमाग में हार्मोन्स का तूफ़ान आया हुआ था. एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन, टेस्टोस्टेरोन और दूसरे सेक्स हार्मोन्स ने दिमाग में जो रोलर-कोस्टर चलाया हुआ था, उससे महिला के दिमाग का ढांचा ही बदल गया था. अब बताओ ऐसे में बेचारी वो क्या करे?

डॉक्टर्स इस समस्या को “प्रेगनेंसी ब्रेन” या “Momnesia” भी कहते हैं. जो सबसे ज्यादा पहली और तीसरी तिमाही में सामने आती है

Pregnancy-Brain-Forgetfulness-722x406
साभार: stocksy

मेडिकल बातों को एक तरफ करके अगर सामान्य भाषा में समझें तो सीधी सी बात बस इतनी है, प्रेगनेंसी के दौरान महिला का शरीर किसी भी दूसरे समय की अपेक्षा सबसे ज्यादा मेहनत कर रहा होता है. तीसरी तिमाही आते-आते सोने में भी समस्या होने लगती है. किस अवस्था में सोया जाए. रात को बार-बार बाथरूम के लिए उठने की वजह से नींद भी ठीक से पूरी नहीं होती. तो भला ऐसे में किसी का दिमाग कैसे काम करेगा.

आप भी अगर दो-चार दिन ढंग से नहीं सो पाओगे तो आपका दिमाग भी खराब हो जाएगा. फिर यहां तो बेचारी रोज़ ही ठीक से नहीं सो पा रही है. प्रेगनेंसी में होने वाले दुनियाभर के दूसरे सिम्पटम्स ने उसका जीना वैसे ही बेहाल किया हुआ है. अब ऐसे में अगर उसने दूध जला भी दिया. या दो-चार काम भूल भी गई तो कोई बात नहीं. आप समझदार हैं. समझ जाइए और उसका सहयोग कीजिए. “कोई बात नहीं, हो जाता है” कहना सीखिए. ताकि उसकी परेशानियों में कुछ कमी आए. और वो ख़ुद को भूलने की बीमारी का शिकार ना माने.

प्रेगनेंसी की समस्या कोई भी हो, सबसे पहला और बड़ा हल है, परिवार का पूरा और खुले-दिल से सहयोग. प्रेगनेंसी के दौरान आपकी बहू, बीवी, भाभी, बेटी का बदलता बर्ताव हो सकता है आपकी अपेक्षाओं से बहुत अलग हो. लेकिन उसे समय दें, उसे समझें और समझाएं. आपके सहयोग से ना सिर्फ उसकी प्रेगनेंसी आसान बनेगी बल्कि आपके घर में आने वाला मेहमान भी हंसता-खिलखिलाता पैदा होगा.

और आप, जो प्रेग्नेंट हैं, उन्हें कुछ बातें बता रही हूं. अगर आपको भी भूलने की बिमारी लग गई है तो “चिंता की कौनहू बात ना है”. ये बीमारी बहुत ही सामान्य है, और प्रेगनेंसी के दौरान ज़्यादातर महिलाओं को हो जाती है. कुछ आसान से उपाय हैं, जो कुछ हद तक ऐसे में मदद कर सकते हैं,

सबसे पहले तो एक लम्बी गहरी सांस लें. और शांति से सोचें कि क्या भूलें हैं. और अगर तब भी याद नहीं आ रहा तो परेशान ना हों. जब उसे याद आना होगा तब अपने आप याद आ जायेगा. 

दूसरा, अपनी नींद के साथ कोई भी खिलवाड़ ना करें. नींद बहुत ज़रूरी है, तभी आपका दिमाग ठीक से काम कर पाएगा. 

ज़रूरी चीज़ों जैसे, डॉक्टर के अपॉइंटमेंट, दवाई, आदि के लिए अलार्म लगाएं. या कमरे में चार्ट लगा लें. 

उतनी ही चीज़ों को याद रखने की कोशिश करें जितनी ज़रूरी हों. सब कुछ याद करने के चक्कर में सब कुछ भूल जाते हैं. 

सबसे ज़रूरी, खुलकर हसें, ख़ुश रहें और हैवी खाना खाने की जगह, हल्का खाएं. थोड़ा-थोड़ाखाएं, अपने खाने में लिक्विड की मात्रा को ज्यादा रखें.  

बस फ़िलहाल के लिए इतना ही… उम्मीद है इतने में काम हो जाएगा. शुभकामनाएं.


ये सब भी पढ़ें, आगे बढ़ें 

प्रेगनेंसी में मूड स्विंग, केमिकल लोचा है, इसे हवा में ना उडाएं…

जब डॉक्टर आपकी मां बनने की उम्मीद को दो हफ्ते और लटका देती है…

महज नौ महीने नहीं हैं ये, पूरी एक ज़िन्दगी है… जीकर देखेंगे?

 

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

‘ताई तो कहती है, ऐसी लंबी-लंबी अंगुलियां चुडै़ल की होती हैं’

एक कहानी रोज़ में आज पढ़िए शिवानी की चन्नी.

मोदी जी का बड्डे मना लिया? अब क्विज़ खेलकर देखो कितना जानते हो उनको

मितरों! अच्छे नंबर चइये कि नइ चइये?

कॉन्ट्रोवर्सियल पेंटर एमएफ हुसैन के बारे में कितना जानते हैं आप, ये क्विज खेलकर बताइये

एमएफ हुसैन की पेंटिंग और विवाद के बारे में तो गूगल करके आपने खूब जान लिया. अब ज़रा यहां कलाकारी दिखाइए.

इस क्विज़ में परफेक्ट हो गए, तो कभी चालान नहीं कटेगा

बस 15 सवाल हैं मित्रों!

क्विज़: खून में दौड़ती है देशभक्ति? तो जलियांवाला बाग के 10 सवालों के जवाब दो

इंग्लैंड के सबसे बड़े पादरी ने कहा वो शर्मिंदा हैं. जलियांवाला बाग कांड के बारे में अपनी जानकारी आप भी चेक कर लीजिए.

KBC क्विज़: इन 15 सवालों का जवाब देकर बना था पहला करोड़पति, तुम भी खेलकर देखो

आज से KBC ग्यारहवां सीज़न शुरू हो रहा है. अगर इन सारे सवालों के जवाब सही दिए तो खुद को करोड़पति मान सकते हो बिंदास!

क्विज: अरविंद केजरीवाल के बारे में कितना जानते हैं आप?

अरविंद केजरीवाल के बारे में जानते हो, तो ये क्विज खेलो.

क्विज: कौन था वह इकलौता पाकिस्तानी जिसे भारत रत्न मिला?

प्रणब मुखर्जी को मिला भारत रत्न, ये क्विज जीत गए तो आपके क्विज रत्न बन जाने की गारंटी है.

ये क्विज़ बताएगा कि संसद में जो भी होता है, उसके कितने जानकार हैं आप?

लोकसभा और राज्यसभा के बारे में अपनी जानकारी चेक कर लीजिए.

संजय दत्त के बारे में पता न हो, तो इस क्विज पर क्लिक न करना

बाबा के न सही मुन्ना भाई के तो फैन जरूर होगे. क्विज खेलो और स्कोर करो.