फोन के डिब्बे में साबुन के बट्टे से लेकर नकली फोन निकलना ऑनलाइन शॉपिंग की कड़वी हकीकत है. सेल के समय इसके वीडियो और शिकायतों से सोशल मीडिया भरा रहता है. कभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को दोष दिया जाता है तो कभी रिटेलर को. कई बार डिलीवरी पार्टनर के नाम पर भी बिल फाड़ा जाता है. लेकिन यह होता कैसे है, ठीक-ठीक पता नहीं. लेकिन अब लगता है कि शायद पता चल जाएगा कि ऑनलाइन डिलीवरी में झोल होता कहां है.
ऑनलाइन डिलीवरी में कैसे निकलता है iPhone की जगह साबुन, केमिकल से बॉक्स ओपन करने का वीडियो डरा देगा
ONLINE DELIVERY SCAM: सोशल मीडिया पर एक वीडियो नजर आ रहा है जिसमें बहुत ही आसानी से पहले Amazon का पैकेट खोला जाता है, फिर उसके अंदर से फोन निकालकर उसको भी बदल दिया जाता है. आंखे खोल देने वाला वीडियो है.


सोशल मीडिया पर एक वीडियो नजर आ रहा है जिसमें बहुत ही आसानी से पहले पैकेट खोला जाता है, फिर उसके अंदर से फोन निकालकर उसको भी बदल दिया जाता है. आंखें खोल देने वाला वीडियो है.
सारी पैकिंग धरी रह गईवीडियो में दो लोग ई-कॉमर्स वेबसाइट Amazon का एक पैकेट हाथ में लिए दिखते हैं. यह वही पैकेट है जिसके बारे में माना जाता है कि वो सेफ होता है. खोला नहीं जा सकता और अगर खोला गया तो फिर वापस से बंद नहीं होता है. लेकिन वीडियो में दिख रहे दोनों व्यक्ति पैकेट की सील पर कोई केमिकल डालते हैं और चंद सेकंड में उसके अंदर लगा चिपचिपा पदार्थ अलग हो जाता है.
एकदम वैसे ही जैसे पैक करने के पहले होता है. इसके बाद उसमें से आईफोन का बॉक्स बाहर निकाला जाता है. इसकी सील को बहुत ही आराम से हेयर ड्रायर की मदद से ओपन कर लिया जाता है. वीडियो में एकदम साफ दिखता है कि बहुत ही आसानी से नए आईफोन की जगह पुराना आईफोन रख दिया जाता है और फिर वापस से पैक कर दिया जाता है.
वीडियो कहां का है, क्यों बनाया गया. इसकी कोई जानकारी नहीं है. किस लिए बनाया गया है, वो भी साफ नहीं. मतलब यह वाकई फ्रॉड का वीडियो है या इसे सिर्फ यह बताने के लिए बनाया गया है कि कितने आराम से पैकेट ओपन हो जाते हैं. वीडियो को कई लोगों ने Amazon के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी टैग किया है. अब ऐसा हो सकता है या नहीं, वो भी जांच का विषय है. लेकिन अगर ऐसा होता है तो फिर क्या करें?
वीडियो से इतना तो साफ है कि कंपनियों की सेफ पैकिंग को कितनी आसानी से खोला जा सकता है. प्रोडक्ट बदले जा सकते हैं. ऐसी पैकिंग दूसरी ई-कॉमर्स कंपनियों की भी होती है तो एक कंपनी पर सवाल उठाने का भी मतलब नहीं. वैसे भी कंपनियां अपने स्तर पर काफी कुछ करती हैं. आजकल तो इसके लिए सेफ पैकिंग चार्ज भी वसूला जाता है.
लेकिन फ्रॉड होते हैं. नकली और दूसरे प्रोडक्ट भी निकलते हैं. इसलिए आपके लिए बेहतर होगा कि किसी भी फोन या महंगे प्रोडक्ट की डिलीवरी का पूरा वीडियो बनाइए. प्रोडक्ट ओपन होने से लेकर उसके चालू होने तक. अगर ऐसा नहीं किया तो फिर कंपनियों से बात करने का कोई मतलब नहीं रहेगा. वो ना बोलकर निकल लेंगी.
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