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खराब फोन को ठीक करने की जिम्मेदारी आपकी, Apple, Google और Samsung ने की है ये तैयारी

अभी आपने राइट टू रिपेयर का नाम नहीं सुना हो लेकिन इसका प्रभाव इतना तगड़ा है कि Apple, Samsung और Google जैसे दिग्गज कंपनियां इसकी जद में हैं. इसी मुहिम के चलते ये कंपनियां स्मार्टफोन खराब होने पर DIY(do it yourself) का ऑप्शन दे रही हैं.

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राइट टू रिपेयर जल्द ही भारत में दस्तक देगा. (image:legally India)

Right To Education (शिक्षा का अधिकार), Right to Information (सूचना का अधिकार) जैसे शब्द आपने सुने ही होंगे. लेकिन Right to Repair आपने नहीं सुना होगा. अब आप कहोगे ये क्या बला है तो जनाब इसका संबंध आपके स्मार्टफोन, लैपटॉप और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स से है. सीधे शब्दों में कहें तो आपकी जेब से वास्ता है राइट टू रिपेयर का. इतना जान लीजिए कि भले अभी आपने राइट टू रिपेयर का नाम नहीं सुना हो लेकिन इसका प्रभाव इतना तगड़ा है कि Apple, Samsung और Google जैसे दिग्गज कंपनियां इसकी जद में हैं. इसी मुहिम के चलते ये कंपनियां स्मार्टफोन खराब होने पर DIY(do it yourself) का ऑप्शन दे रही हैं.

तो क्या अब स्मार्टफोन खराब होने पर पैसा नहीं देना पड़ेगा? खुद कैसे स्मार्टफोन ठीक कर सकेंगे और क्या इसके बाद सर्विस सेंटर जाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. सारे सवालों के जवाब जानेगें, लेकिन सबसे पहले राइट टू रिपेयर का इतिहास और वर्तमान समझ लेते हैं.

दरअसल स्मार्टफोन, लैपटॉप और वियरेबल डिवाइस हर साल बेहतर तकनीक के साथ बाजार में आ जाते हैं. लेकिन आपके महंगे गैजेट में दिक्कत आ जाने पर क्या होता है? आप इसे कंपनी द्वारा अधिकृत सर्विस सेंटर में ले जाते हैं, जहां पता चलता है कि मरम्मत की कीमत आपके बजट से बाहर है. ऐसा हमेशा हो ये जरूरी नहीं लेकिन कई बार मरम्मत की कीमत इतनी ज्यादा होती है कि थोड़ा और पैसा मिलाकर नया प्रोडक्ट खरीद लेना बेहतर विकल्प नज़र आता है. Apple नियमित रूप से अपने प्रोडक्ट्स के कुछ पुराने वर्ज़न को ठंडे बस्ते में डाल देती है. इसका अर्थ है कि ऐप्पल के सर्विस सेंटर पर उन उत्पादों के लिए हार्डवेयर सपोर्ट नहीं मिलेगा. अकेले ऐप्पल ही नहीं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अधिकांश निर्माता यह भी तय करते हैं कि कौन उनके उत्पादों की मरम्मत करेगा, मतलब कुछ चुनिंदा सर्विस सेंटर इसके लिए अधिकृत होते हैं. जाहिर है जब ऐसा होगा तो यूजर की जेब पर डांका डलना तय है.

Repair Cost (image:memecreator)

कंपनियों की इसी दादागिरी को कम करने के लिए जन्म हुआ है राइट टू रिपेयर का. आपको लगेगा कि ये तो बस एक मुहिम है तो जनाब मुगालते में मत रहिए. जुलाई 2021 में अमेरिका मे इसके लिए कानून पास हुआ तो ठीक उसी समय ब्रिटेन में भी ये कानून प्रभाव में आया. नए कानून के मुताबिक, निर्माताओं को उपभोक्ताओं को स्पेयर पार्ट्स की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी, साथ में जटिल स्पेयर पार्ट्स भी प्रोफेशनल रिपेयर शॉप्स पर उपलब्ध कराना ही पड़ेंगे.

उम्मीद है अब आपको पता चल गया होगा कि राइट टू रिपेयर ने अपनी ताल ठोक दी है. कानून और मुहिम के बाद अब इसका असर क्या पड़ा वो भी जान लेते हैं.

कानून के प्रभावी होने के बाद नवंबर 2021 में ऐप्पल ने अपने 'Self Service Repair
' प्रोग्राम की घोषणा की. पहले पहल iPhone 12 और iPhone 13 के स्पेयर पार्ट्स, टूल्स और रिपेयर मैनुअल आम यूज़र के लिए उपलब्ध होंगे. यही व्यवस्था जल्द ही Mac कंप्यूटर के लिए भी लागू की जाएगी. इस प्रोग्राम के शुरुआती चरण में आईफोन डिस्प्ले, बैटरी और कैमरा जैसे प्रोडक्ट्स पर फोकस रहेगा. आम यूज़र सुरक्षित रूप से मरम्मत कर सके, इसके लिए रिपेयर मैनुअल पर पूरी तरह से निर्भर होना होगा. फिर ग्राहक Apple सेल्फ सर्विस रिपेयर ऑनलाइन स्टोर का उपयोग करके Apple के असली पुर्जों और उपकरणों के लिए ऑर्डर कर सकता है. मरम्मत के बाद, जो ग्राहक अपने उपयोग किए गए पार्ट्स को रीसाइकलिंग के लिए लौटाते हैं, उन्हें अगली खरीद के लिए क्रेडिट भी मिलेगा. हालांकि अभी तक ये प्रोग्राम चालू नहीं हो सका है. वैसे इसके जल्द ही लागू होने के कयास हैं. कुछ यूजर्स ने Apple Support App पर Replacement Parts का ऑप्शन देखा है जो बताता है कि Self Service Repair जल्द ही हकीकत होगा.

Apple Self Service Repair (image :Apple)

गूगल ने इस महीने ही iFixit
के साथ साझेदारी में पिक्सल स्मार्टफोन के डिस्प्ले, बैटरी और अन्य स्पेयर पार्ट्स को ग्लोबली उपलब्ध कराने की घोषणा की. गूगल ने कहा कि वह बैटरी, कैमरा और डिस्प्ले सहित 'पिक्सल फोन की मरम्मत के लिए स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध करा रही है. ये आमतौर पर टूटने वाले पार्ट्स हैं, लेकिन बैटरी का बदला जाना डिवाइस के इस्तेमाल होने पर निर्भर करेगा. ये सारे पार्ट्स अलग-अलग या फिर iFixit की Fix Kit के साथ लिए जा सकेंगे.

iFixit द्वारा Google Pixel स्मार्टफोन्स के लिए रिपेयर गाइड भी उपलब्ध कराई जाएगी आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि 2017 में आए पिक्सल 2 से लेकर पिछले साल आए पिक्सल 6 प्रो के पार्ट्स उपलब्ध होंगे. इस साल के अंत तक ये सुविधा दुनिया के कई देशों में लाइव हो जाएगी.

Samsung ने भी इस साल मार्च के अंत में iFixit
के साथ DIY रिपेयर को अनाउंस किया. इस साल सितंबर 2022 से सैमसंग iFixit के साथ उपभोक्ताओं के लिए असली सैमसंग गैलेक्सी पार्ट्स, रिपेयर टूल्स और स्टेप-बाय-स्टेप गाइड उपलब्ध कराएगा. सैमसंग ने बताया कि ये प्रोग्राम कुछ सामान्य मरम्मत वाले पार्ट्स जैसे कि डिस्प्ले, बैक ग्लास या चार्जिंग पोर्ट को कवर करेगा. अभी के लिए यह प्रोग्राम सबसे पहले गैलेक्सी एस21 सीरीज़, गैलेक्सी एस20 सीरीज़ और विशेष रूप से गैलेक्सी टैब एस7+ के लिए लॉन्च हो रहा है.

iFixit नाम सुनकर दिमाग में कुछ फिक्स नहीं हो रहा तो हम आपको बताते हैं. दरअसल, iFixit गैजेट रिपेयर की दुनिया में जाना-पहचाना नाम है. आईफोन से लेकर आईपैड लॉन्च होने के तुरंत बाद इस ब्रांड चीर-फाड़ (Teardown) वाले वीडियो YouTube पर खासा पसंद किए जाते हैं. इनकी सेल्फ रिपेयरिंग से जुड़ी मुफ़्त ऑनलाइन गाइड भी खूब देखी जाती है. ऊपर बताए तीनों दिग्गजों से पहले iFixit एक और स्मार्टफोन कंपनी motorola के साथ भी DIY सेल्फ किट(DIY self repair kit) पर काम कर चुका है.

DIY सेल्फ रिपेयर से होगा क्या?

ये देखने में भले छोटी सी बात लगे लेकिन कल्पना कीजिए आप मैकबुक इस्तेमाल करते हैं जिसको Apple ने obsolete कर दिया है. बाहर से बैटरी लेने में रिस्क और सर्विस का पैसा अलग से. यदि आप रिपेयर गाइड पढ़कर खुद से पार्ट्स बदल सकते हैं तो आपका कितना पैसा और समय बचेगा.

What Will Happen (image Makememe)
भारत में प्रभाव

गए वो जमाने जब कोई फोन विदेशों में लॉन्च होने के महीनों बाद इंडिया में मिलता था. मतलब आजकल फोन जब ग्लोबली उपलब्ध होते हैं, तभी इंडिया में भी मिलना चालू हो जाते हैं. यानी राइट टू रिपेयर बहुत जल्द इंडिया में भी दिखेगा. हो सकता है कि कंपनियां इसको मार्केटिंग टूल्स जैसे भी प्रचारित कर दें. कुछ भी हो यूजर की चांदी होना तय है.

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