क जमाना था जब पुलिसवाले हाथ देकर वाहन को रोकते थे, कागज मांगते थे. नहीं दिखाने पर एक फॉर्म भरते थे, तब जाकर चालान होता था. इस दौरान लाइसेंस या कोई अन्य कागज जब्त कर लिया जाता था जिसको छुड़ाने के लिए सीओ ऑफिस जाना पड़ता था. देरी होने पर कोर्ट का चक्कर भी लग जाता था. लेकिन अब पुलिस वालों को भी पहले जैसी मशक्कत नहीं करनी पड़ती और वाहन मालिक को भी पसीना नहीं बहाना पड़ता. ये सारे काम ऑनलाइन ही हो जाते हैं. देखिए वीडियो.
क्या है ई-चालान, और पुलिस को ऑनलाइन कैसे पता चलती है आपकी डिटेल्स?
अपने कागज आप डिजी लॉकर में रख सकते हैं.
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