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सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया की पोल खोलकर रख दी!

भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे मैच में 41 रन की हार मिली और कीवी टीम ने यह सीरीज 2-1 से अपने नाम की. न्यूजीलैंड के लिए यह जीत काफी अहम है क्योंकि 1989 से भारत का दौरा कर रही कीवी टीम पहली बार वनडे सीरीज जीती है.

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भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में 1-2 से हार का सामना करना पड़ा. (Photo-PTI)

न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत को मिली हार के बाद हर कोई इसके अलग-अलग कारण बता रहा है. किसी को शुभमन गिल (Shubman Gill) की कप्तानी खराब लगी तो किसी ने रविंद्र जडेजा पर सवाल उठाए. क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर ने किसी एक को इस हार कारण नहीं माना. लेकिन उन्होंने एक अहम बात को रेखांकित किया जिसका असर परिणाम पर दिखा. गावस्कर के मुताबिक भारतीय टीम फील्डिंग के समय चुस्त नहीं दिखी और यह टीम की शर्मनाक हार का एक बड़ा कारण रहा.

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गावस्कर ने बताया कहां रह गई कमी

मैच के बाद सुनील गावस्कर ने भारतीय टीम की हार को लेकर बात की. उन्होंने कहा,  

मैं नाम नहीं लेना चाहता, लेकिन कुछ खिलाड़ियों ने बहुत आसानी से सिंगल लेने दिया. हां, रोहित शर्मा तेज थे, और विराट कोहली, हम सभी जानते हैं कि वह मैदान पर कितने शानदार खिलाड़ी हैं. लेकिन मुझे लगा कि टीम फील्डिंग के दौरान और एक्टिव हो सकती थी.

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भारतीय कप्तान गिल ने भी माना कि अहम मौकों पर खराब फील्डिंग के कारण उनकी टीम को नुकसान हुआ. मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा,

हमने मैच के अहम मौकों पर कुछ कैच छोड़ दिए. ऐसी विकेटों पर गेंदबाज मौके बनाने की कोशिश करते हैं और जब कैच छूट जाते हैं तो स्थिति मुश्किल हो जाती है. कोई भी जानबूझकर कैच नहीं छोड़ता, लेकिन यह एक ऐसी चीज है जिसमें हमें वाकई सुधार करना होगा.

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सुनील गावस्कर ने तीसरे वनडे में सेंचुरी लगाने वाले विराट कोहली की भी जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि कोहली किसी इमेज नहीं बल्कि अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रदर्शन करते हैं. गावस्कर ने जियोहॉटस्टार से कहा,

उनकी खासियत यह है कि वे किसी इमेज से बंधे नहीं हैं. बहुत से बल्लेबाज और गेंदबाज अपनी इमेज से बंधे होते हैं. उन्हें लगता है कि लोग उन्हें इसी तरह देखते हैं, इसलिए उन्हें उसी इमेज को बनाए रखा है. मुझे नहीं लगता कि कोहली ऐसे हैं. वह अपने काम पर ध्यान देते हैं. उनका काम है रन बनाना, शुरुआत में संभलकर खेलना, फिर खुलकर खेलना, या शुरुआत में ही ताबड़तोड़ रन बनाना और फिर फील्डिंग फैलाकर एक-दो रन लेना. वह किसी इमेज से बंधे नहीं हैं, और यही कारण है कि वे लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं.

मैच का हाल

मैच की बात करें तो कोहली की 124 रन की पारी किसी काम नहीं आ सकी. न्यूजीलैंड ने डेरिल मिचेल (137 रन) और ग्लेन फिलिप्स (106 रन) के शतक के बाद गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से 337 रन का स्कोर खड़ा किया. हालांकि भारतीय टीम इसे चेज़ नहीं कर सकी. भारत को इस मैच मैच में 41 रन की हार मिली और कीवी टीम ने यह सीरीज  2-1 से अपने नाम की. न्यूजीलैंड के लिए यह मैच काफी अहम था क्योंकि उसने 1989 से बाइलेट्रल वनडे मुकाबलों के लिए भारत का दौरा शुरू किया था. हालांकि यहां कभी भी सीरीज नहीं जीती थी. इस जीत से उसने 37 साल बाद भारत में सीरीज जीतने का इंतजार खत्म किया. इससे पहले न्यूजीलैंड ने भारत को 2024 में टेस्ट सीरीज में भी 3-0 से हराया था और पहली बार टेस्ट सीरीज अपने नाम की थी. 

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