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सहवाग ने झूठ बोला और सबने उसे सच मानकर खबर दिखाई

डियर सहवाग, तुम हमसे खेल रहे हो?

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फोटो - thelallantop
वीरेन्द्र सहवाग. क्रिकेट फील्ड में इनसे कोई नहीं भिड़ता था. ट्विटर पर भी अब वैसा ही हाल किया हुआ है. हालांकि जब सौरव गांगुली लल्लनटॉप के दफ़्तर में आये थे तो कह रहे थे कि उन्हें नहीं मालूम कि ट्वीट सचमुच सहवाग करते हैं या किसी लड़के को रक्खा हुआ है. खैर, ट्विटर की बात अभी किनारे रख देते हैं. गोरेगांव स्पोर्ट्स क्लब प्रीमियर लीग के दूसरे सीज़न को लांच कर रहे थे वीरेन्द्र सहवाग. वहां उन्होंने एक वाकया सुनाया. हर जगह फैल गया. लोग वाहवाही करने लगे. सहवाग को कूलत्व की पराकाष्ठा बताने लगे. पहले जानते हैं कि आखिर वो बात क्या थी. सहवाग ने कहा कि उन्होंने एक बार एक टेस्ट मैच को बीच में रुकवा दिया था. मैच था वो वाला जिसमें सहवाग ने 300 रन मारे थे. टोटल स्कोर था 319. साऊथ अफ्रीका के सामने. कहने लगे कि वो 300 रन के स्कोर पर खेल रहे थे. और उन्हें एक गाने के लिरिक्स नहीं याद आ रहे थे हम सभी जानते हैं कि सहवाग बैटिंग करते टाइम खुद को शांत रखने के लिए गाने गाते हैं. उस दिन भी वही हो रहा था. वो 300 रन बना चुके थे लेकिन एक गाना उन्हें याद ही नहीं आ रहा था. उन्हें उसके लिरिक्स किसी भी हालत में चाहिए थे. गाना था "तू जाने ना...". फ़िल्म अजब प्रेम की गजब कहानी. सहवाग ने खेल रुकवा दिया. अम्पायर से कहा कि उन्हें पानी पीना है. बारहवें खिलाड़ी के रूप में इशांत शर्मा मैदान पर पानी लेकर आये. सहवाग ने इशांत शर्मा से कहा कि वो वापस भागकर जाये, उनका आईपॉड खोले और उस गाने के बोल लेकर वापस आये. सहवाग की बात अजीब तो थी मगर नकारी नहीं जा सकती थी. इशांत ने वैसा ही किया. 2 मिनट बाद सहवाग को गाने के बोल मालूम चल चुके थे. तब जाकर उन्होंने अपनी बैटिंग आगे चालू की.

ये बात थी. सुनकर हर कोई खुश हो गया. तालियां पीटी गयीं. सहवाग कूल बन गए. लेकिन गलती हो गयी. हमसे भी और सहवाग से भी. न हमने फैक्ट्स चेक किये न सहवाग ने. सहवाग ने क्यूं नहीं किये, मालूम नहीं. लेकिन बाद में हमने किये. खुलासा हुआ. गजब वाला.

सहवाग ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ़ 28 मार्च 2008 को 300 रन पार किये थे. उनकी ट्रिपल सेंचुरी पड़ी थी 278 गेंदों पर. 41 चौके और 5 छक्के. अगले दिन 319 के स्कोर पर वो आउट हो गए. तारीख ध्यान रहे. 28 मार्च 2008. और 'तू जाने ना...' जिस फिल्म का गाना है, वो फिल्म आई 2009 में. वो भी नवंबर. 6 नवंबर 2009. म्यूज़िक रिलीज़ हुई अक्टूबर 2009 में. सहवाग के वो मैच खेलने के एक साल और लगभग 7 महीनों के बाद. ऐसे में या तो सहवाग 'अजब प्रेम की ग़जब कहानी' की टीम में शामिल थे. या फिर उनके पास कोई टाइम मशीन है. जिसमें घुस के वो फ्यूचर में चले गए थे. कहना एसीपी प्रद्युम्न का, "कुछ तो गड़बड़ है, दया!" खैर, एक बात समझी जाए. ये भी हो सकता है कि सहवाग ने जो कहा, वो सही हो बस गलती इतनी हो गयी हो कि वो गाना कोई और गा रहे हों. और सालों बाद आज वो कन्फ्यूज़ हो गए हों. वैसे ये गाना सहवाग गाते ज़रूर हैं. काफ़ी गाते हैं. अमेरिका में सचिन और वॉर्न की टीमों के बीच खेले गए क्रिकेट ऑल स्टार्स टूर्नामेंट में सहवाग यही गाना गाते हुए खेल रहे थे. लिहाज़ा, ये गाना उनकी जुबान पर चढ़ा हुआ था, इवेंट में भी वही बोल दिया. ठीक है, चलता है. लेकिन साहब, जो बात है वो बात है. हमने छोटी बात पकड़ ली. क्या करें? https://www.youtube.com/watch?v=Sr-BIsSlb6M

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