अगस्त 2016 में स्कॉट के केस को डिसमिस कर दिया गया था. उस वक़्त ज्यूरी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई थी. लेकिन अब केस फिर से खोला जा रहा है. 2017 की शुरुआत में फिर से मुकदमा शुरू होगा. हैमिल्टन में.

अपने परिवार के साथ स्कॉट (फ़ोटो: फेसबुक)
रेडियो न्यूज़ीलैंड ने वहां के क्रिकेट चीफ़ डेविड व्हाइट की कही बातों को बताया, "अगर सब कुछ नॉर्मल होता तो स्कॉट को न्यूज़ीलैंड ए टीम में सेलेक्ट कर लिया जाता जो अगले महीने से पाकिस्तान ए के खिलाफ़ खेलेगी. लेकिन उसने खुद अपने आप को इस टूर्नामेंट और किसी भी तरह के नेशनल रिप्रेजेंटेशन से दूर रखने की बात की है."
स्कॉट का कहना है कि अगर ऐसी स्थिति में वो क्रिकेट खेलता है और न्यूज़ीलैंड को रिप्रेज़ेंट करता है तो वो अपना 100% नहीं दे पायेगा. अपने केस के चलते उसका फ़ोकस क्रिकेट पर पूरी तरह से नहीं होगा. और ये वाकई ग़लत होगा. डेविड व्हाइट ने बताया कि न्यूज़ीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने उसकी ये बात मान ली है.
स्कॉट कगलाइन 24 साल का मीडियम पेसर है. और लोवर ऑर्डर बैट्समैन है.


















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