2007 T20 वर्ल्ड कप में खेले रॉबिन उथप्पा ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट्स से संन्यास का ऐलान किर दिया है. 14 सितंबर 2007 यानि आज ही के दिन रॉबिन उथप्पा ने पाकिस्तान के खिलाफ़ T20 वर्ल्डकप के मुकाबले में बॉल आउट के दौरान भारत को मैच जिताया था. अब 15 साल बाद उसी दिन उथप्पा ने क्रिकेट छोड़ना का फैसला लिया है.
धोनी और गंभीर के 'सुपरहीरो' ने क्रिकेट से ले लिया संन्यास
2007 T20 वर्ल्डकप जीत में शामिल स्टार ने लिया संन्यास.


रॉबिन उथप्पा ने सोशल मीडिया पर अपने संन्यास का ऐलान करते हुए एक पोस्ट लिखा. उथप्पा ने ट्विटर पर लिखा -
'अपने देश और अपने राज्य कर्नाटक के लिए खेलना मेरे लिए सबसे बड़ा गौरव है. हालांकि हर अच्छी चीज का अंत होता है. मैं आभारी हूं. मैं इंडियन क्रिकेट के हर फॉर्मेट से संन्यास ले रहा हूं.'
उथप्पा अपनी अग्रेसिव बैटिंग के लिए मशहूर हैं. उथप्पा ने IPL में भी ढेर सारे रन्स बनाए हैं. कोलकाता नाइट राइडर्स के 2014 में शानदार सीज़न के पीछे उथप्पा का प्रदर्शन एक बड़ा कारण था. उथप्पा ने उस सीज़न 138 के स्ट्राइक रेट से 660 रन बनाए थे. उनके इस प्रदर्शन की मदद से उस सीज़न KKR की टीम ने IPL ट्रॉफी जीती थी.
उथप्पा ने ट्वीट करते हुए आगे कहा -
'20 साल पहले मैंने प्रोफेशनल क्रिकेट खेलना शुरू किया. मेरे देश और राज्य कर्नाटक के लिए खेलना मेरे लिए सबसे बड़े गौरव की बात है. ये एक शानदार जर्नी रही है, जिसमें उतार-चढ़ाव दोनों देखने को मिले हैं. इस सफर में मैंने बहुत कुछ सीखा है.
अब मैं अपने परिवार के साथ समय बिताउंगा और एक नए अध्याय की शुरुआत भी करूंगा. मैं BCCI के अध्यक्ष, सचिव और बाकी पदाधिकारियों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं. मैं कर्नाटक स्टेट एसोसिएशन, सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन और केरल क्रिकेट एसोसिएशन का भी शुक्रगुज़ार हूं. इन राज्यों ने मुझे मेरे करियर के अलग-अलग पड़ाव पर खेलने का मौका दिया.'
रॉबिन उथप्पा ने अपनी IPL टीम्स का भी ज़िक्र किया और उन्हें धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा -
'मैं मुंबई इंडियंस, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, पुणे वारियर्स इंडिया और राजस्थान रॉयल्स का आभारी हूं. कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते हुए जो सपोर्ट मुझे और मेरे परिवार को मिला, वो शानदार रहा.
मैं अपने माता-पिता और अपनी बहन को भी शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, क्योंकि उन्होंने मुझे क्रिकेट खेलने दिया. मैं क्रिकेट खेल सकूं और सफल हो सकूं इसलिए उन्होंने कई कुर्बानियां दी हैं. मैं अपने कोच, मेंटर्स और गाइड्स का भी शुक्रगुजार हूं. मैं अपने टीममेट्स, फिज़ियो, ट्रेनर्स, नेट बॉलर्स - सबका शुक्रिया अदा करता हूं.'
रॉबिन उथप्पा ने भारत के लिए 60 वनडे और 13 T20Is मैच खेले. उथप्पा को आगे बढ़कर बिना किसी डर के किसी भी पेसर को सीधा छक्का मारने के लिए याद किया जाएगा.
विराट और बाबर में किसे पसंद करते हैं जयसूर्या?












.webp?width=275)

.webp?width=275)
.webp?width=120)

.webp?width=120)
.webp?width=120)


