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FIFA वर्ल्ड कप के वो मैच, जिनमें छोटी टीमों ने बड़ी टीमों को ऐसा हराया, किसी ने सोचा नहीं था!

जापान ने चार बार की चैंपियन जर्मनी को हरा दिया. एक दिन पहले सऊदी अरब ने अर्जेंटीना को हराया था.

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फोटो - Getty/AFP

फीफा वर्ल्ड कप (FIFA World Cup 2022) में सऊदी अरब के बाद अब जापान (Japan) ने करिश्मा कर दिखाया है. टूर्नामेंट के एक रोमांचक मैच में जापान ने 4 बार की चैंपियन जर्मनी (Germany) को 2-1 से हरा दिया. 2014 की चैंपियन जर्मनी का 2018 वर्ल्ड कप भूलने लायक था. ग्रुप स्टेज में मेक्सिको और साउथ कोरिया से हारकर ये टीम बाहर हो गई थी. हालांकि, वर्ल्ड कप कर्स के लिहाज से देखें, तब तो सब कुछ ठीक ही था. लेकिन इस टीम का कर्स थोड़ा ज्यादा लंबा हो गया.

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इधर इस वर्ल्ड कप के अपने पहले मैच में जापान ने जर्मनी को चौंका दिया. जर्मनी ने मैच का पहला गोल 33वें मिनट में पेनल्टी से किया. लेकिन जापान ने सेकेंड हाफ में शानदार वापसी की. जापान के लिए रिटसु डोआन और टकुमा असानो ने 75वें और 83वें मिनट में गोल कर एक और अपसेट रच दिया. 2018 में साउथ कोरिया से हारने के बाद जर्मनी ने सोचा नहीं होगा कि चार साल में ही उसे एक और झटका लग जाएगा. लेकिन जापान ने शानदार फुटबॉल खेलते हुए सबको चौंका दिया. 

इससे पहले 22 नवंबर को सऊदी अरब ने अर्जेंटीना को हरा दिया था. लिओनेल मेसी (Lionel Messi) वाली अर्जेंटीना को. 2-1 से. हाफ़-टाइम तक अर्जेंटीना वाले एक गोल की बढ़त बनाए हुए थे. मामला पलटा दूसरे हाफ़ में. और, किसी बात से इस ख़बर का वज़न न समझ आए, तो ये समझ लीजिए कि वर्ल्ड कप के 92 साल के इतिहास में ये पहली बार हुआ कि अर्जेंटीना पहले हाफ़ में आगे हो और मैच हार जाए. 

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इन दोनों मैच को देखते हुए अब आपको ऐसे ही पांच बड़े उलटफेरों के बारे में बताते हैं, जिन्हें वर्ल्ड कप इतिहास में 'अपसेट' के तौर पर याद किया जाता है.

1974- ईस्ट जर्मनी बनाम वेस्ट जर्मनी

दूसरा विश्व युद्ध ख़त्म हुआ और शीत युद्ध शुरू. दुनिया दो ख़ेमों में बांटी जाने लगी. तीसरा ख़ेमा भी बना. लेकिन 1950 से 1990 तक, दुनिया में जो कुछ भी घटा उसमें सीधे तौर पर ईस्ट बनाम वेस्ट का कुछ कनेक्शन रहा. ऐसा ही हुआ ईस्ट जर्मनी बनाम वेस्ट जर्मनी के बीच. ईस्ट जर्मनी. नई-नवेली टीम. पहला वर्ल्ड कप खेल रही थी. दूसरी तरफ़, वेस्ट जर्मनी. वर्ल्ड कप के दिग्गज. अपनी दूसरी ट्रॉफ़ी की ओर देख रहे थे. लेकिन, हुआ कुछ नहीं. हार गए. उसी नई नवेली टीम से.

पूर्वी जर्मनी बनाम पश्चिम जर्मनी, जर्मनी 1974 (फोटो - फ़ीफ़ा)

दोनों टीमें दूसरे स्टेज तक पहुंचीं. पूर्वी-जर्मनी इस स्टेज में एक गेम न जीत पाई. वेस्ट जर्मनी ने अपने अगले चार गेम जीतकर ट्रॉफ़ी उठा ही ली. इसके बाद पूर्वी जर्मनी टीम कभी भी फीफा विश्व कप में नहीं लौटी. फिर सोवियत संघ के विघटन के बाद जर्मनी का आयरन कर्टेन गिरा और दोनों एक ही हो गए. 

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1982- वेस्ट जर्मनी बनाम अल्जीरिया

दो बार की वर्ल्ड चैंपियन वेस्ट जर्मनी की टीम टूर्नामेंट में बेजोड़ थी. अल्जीरिया का पहला वर्ल्ड कप था. पहला मैच ही जीत गए. वो भी वेस्ट जर्मनी से. 2-1 के स्कोर से. लेकिन चार पॉइंट्स होने के बावजूद ग्रुप स्टेज भी न क्रॉस कर पाए. इधर, वेस्ट जर्मनी ने ऑस्ट्रिया को 1-0 से हराया. इस मैच के बाद बहुत विवाद भी हुआ था. लेकिन दोनों ने ऐसा समझौता हुआ कि दोनों ही पार हो गए. वेस्ट जर्मनी तो फ़ाइनल्स तक पहुंचा, लेकिन इटली से हार गया. तब से अब तक, अल्जीरिया तीन वर्ल्ड कप में दिखा है और 2014 के वर्ल्ड कप में टीम ने फिर से जर्मनी को लगभग हरा दिया था. मैच ओवरटाइम में गया, तब जाकर जर्मनी वाले जीते. और, 1982 वाले मैच में दोनों गोल करने वाला रबाह मजेर 80 के दशक में फुटबॉल का स्टार बन गया था.

पश्चिम जर्मनी बनाम अल्जीरिया, स्पेन 1982 (फोटो - फ़ीफ़ा)
1990- कैमरून बनाम अर्जेंटीना

अर्जेंटीना की इस हार से 1990 का वर्ल्ड कप याद आता है. 8 जून 1990. ग्रुप-बी का पहला मैच. अर्जेंटीना के कप्तान, डिएगो मैराडोना. 'हैंड ऑफ़ गॉड' वाले मैराडोना. पहले ही हाफ़ में फ्रांसियोस ओमम-बियक ने मार दिया गोल. और, अर्जेंटीना वाले न मार पाए. किसी को उम्मीद नहीं थी कि मैराडोना की अर्जेंटीना अपना पहला मैच हार जाएगी. हालांकि, आगे अर्जेंटीना फ़ाइनल्स तक पहुंची. ब्राज़ील और इटली को हराया, लेकिन वेस्ट जर्मनी से फ़ाइनल्स हार गई. इसको तुक्के जैसा ही माना गया क्योंकि इसके बाद क्वॉटर-फ़ाइनल्स में कैमरून इंग्लैंड से हार गई. तब से अब तक कैमरून पांच बार वर्ल्ड कप में शामिल रही है, लेकिन ग्रुप स्टेज से आगे भी न बढ़ पाई. फ्रांसियोस के गोल ने मैच जिताया था, तो वो खूब मशहूर हुए.

अर्जेंटीना बनाम कैमरून, इटली 1990 (फोटो - फ़ीफ़ा)
2002- सेनेगल बनाम फ़्रांस

ये मैच बहुत चर्चित है. 31 मई 2022. ग्रुप-ए में चार टीमें थीं. डिफ़ेंडिंग चैंपियन्स फ़्रांस, दो बार की विजेता उरुग्वे, डेनमार्क और पहला वर्ल्ड कप खेलती सेनेगल. पहला मैच डिफ़ेंडिंग चैंपियन्स बनाम पहली बार खेलने वालों के बीच. टीम के स्टार प्लेयर ज़िडान चोटिल थे, लेकिन चैंपियन तो चैंपियन थे. इस मोड़ पर कौन सोच सकता था कि चैंपियन हार जाएंगे. लेकिन, हुआ यही. चैंपियन्स हार गए. और, बस ये मैच नहीं हारे. आगे उरुग्वे से भी हार गए. चार साल पहले जिन्होंने वर्ल्ड कप जीता था, वो अपने ग्रुप से भी क्वॉलिफ़ाई भी ना कर पाए. और सेनेगल क्वॉटर-फ़ाइनल्स तक पहुंच गई. हालांकि, इसके बाद सेनेगल ने एक और वर्ल्ड खेला 2018 में. ग्रुप स्टेज में ही हार गए थे. फ्रांस के खिलाफ खेल का एकमात्र गोल करने वाले पापा बौबा डियोप नैशनल आइकॉन बन गए. लेकिन लंबी बीमारी के बाद 2020 में उनका निधन हो गया.

फ्रांस बनाम सेनेगल, जापान 2002 (फोटो - फ़ीफ़ा)
2002- साउथ कोरिया बनाम इटली

इटली वर्ल्ड कप इतिहास की सबसे तगड़ी टीमों में से एक है. 2002 के विश्व कप में इस टीम में एक से एक प्लेयर थे. लेकिन सब धरे के धरे रह गए. टीम कोरियन रिपब्लिक जीत गई. 2-1 से. उसके बाद साउथ कोरिया ने क्वॉर्टर-फ़ाइनल में स्पेन को बाहर कर दिया, लेकिन अगले स्टेज में जर्मनी से हार गए. वर्ल्ड कप में तीसरे स्थान के प्ले-ऑफ़ में तुर्की से मैच हुआ, जिसमें भी वो हार गए. चौथे नंबर पर रहे.

कोरिया गणराज्य बनाम इटली, 2002 (फोटो - फ़ीफ़ा)

बाक़ी खेल का रोमांच ही यही है कि कब कौन सी गौरैया किस बाज़ के सामने से बाज़ी मार जाए. एक दिन पहले 22 नवंबर को हुआ डेनमार्क और ट्यूनेशिया वाला मैच ही देख लीजिए. स्टैट्स को धता बताते हुए मैच ड्रॉ हो गया. आगे-आगे देखिए होता है क्या!

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