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'सोनम वांगचुक को मारना चाहते हैं क्या', मेदांता अस्पताल के बाहर विपक्षी सांसदों का हंगामा

सोनम वांगचुक से मिलने गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल पहुंचे विपक्षी सांसदों को हरियाणा पुलिस ने अस्पताल के बाहर रोक दिया. इसको लेकर विपक्षी सांसदों और वहां मौजूद प्रशासन के बीच तीखी बहस हुई. AAP नेता संजय सिंह ने सवाल उठाया कि जब बीजेपी के नेता वांगचुक से मिल रहे हैं तो विपक्षी सांसदों को क्यों रोका जा रहा है.

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विपक्षी सांसदों को सोनम वांगचुक से मिलने से रोक दिया गया. (ANI)

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  • हरियाणा पुलिस ने मेदांता अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे विपक्षी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को अस्पताल के बाहर ही रोक दिया, जिससे उन्हें वांगचुक को पत्र सौंपने से रोका गया।
  • सोनम वांगचुक ने 25 दिनों से उपवास रख रखा है और वे छात्रों के खिलाफ मुकदमों को वापस लेने का लिखित भरोसा मिलने तक अनशन खत्म नहीं करेंगे, जिसके कारण सांसद उनसे मिलने आए थे।
  • इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल के सांसद अस्पताल बाहर डटे रहे और अस्पताल गेट पर प्रशासन और विपक्ष के बीच बहस हुई।

हरियाणा पुलिस ने गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे विपक्षी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल को अस्पताल के बाहर रोक दिया. सांसदों का कहना है कि वे सोनम वांगचुक को 55 सांसदों के सिग्नेचर वाला एक लेटर सौंपने आए थे, जिसमें उनसे अनशन खत्म करने की अपील की गई है.

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विपक्षी सांसदों ने सरकार पर उठाए सवाल

हालांकि हरियाणा पुलिस ने उनको अस्पताल के अंदर जाने और वांगचुक से मिलने की इजाजत नहीं दी. पुलिस के इस कदम का विरोध करते हुए आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल के सांसद अस्पताल के बाहर डटे रहे. अस्पताल के गेट पर विपक्षी नेताओं और प्रशासन के बीची तीखी बहस हुई. AAP सांसद संजय सिंह ने रोके जाने पर कहा, 

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इतिहास में पहली बार ऐसा सुनने को मिला है कि पुलिस किसी अस्पताल में भर्ती मरीज से लोगों को मिलने से रोक रही है. हम सोनम वांगचुक से मिलने आए हैं, जोकि अस्पताल में भर्ती हैं. 55 सांसदों ने एक पत्र पर सिग्नेचर किया है और हम उनको ये पत्र देने आए हैं, जिसमें उनसे अनशन खत्म करने का अनुरोध किया गया है. क्या ये लोग सोनम वांगचुक को मारना चाहते हैं?

संजय सिंह ने पुलिस की कार्रवाई को सरासर तानाशाही करार देते हुए केंद्र सरकार पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, 

जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मिले थे. विपक्ष के कई सांसद भी उनसे मिलने आए हैं, लेकिन उनको मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही है.

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गीतांजलि अंगमो ने जताई आपत्ति

सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि अंगमो विपक्षी सांसदों से मिलने के लिए मेदांता अस्पताल से बाहर आईं और भारी पुलिस फोर्स की तैनाती पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा,

दिल्ली हाई कोर्ट ने साफ किया है कि सोनम वांगचुक पुलिस कस्टडी में नहीं हैं. उनको तनाव मुक्त माहौल में बेहतर इलाज के लिए मेदांता लाया गया था. फिर भी जो शख्स 25 दिनों से उपवास कर रहा है, उसे लगातार मानसिक तनाव दिया जा रहा है.

डॉ. गीतांजलि अंगमो ने आगे कहा कि देश भर से 55 सांसद उनसे अपनी सेहत के लिए उपवास खत्म करने का आग्रह करने आए हैं, लेकिन सरकार उन्हें उनसे मिलने से रोक रही है. डॉ. अंगमो ने बताया कि सोनम वांगचुक का रुख बिल्कुल साफ है. वह तभी उपवास खत्म करेंगे जब उनको छात्रों के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई और मुकदमे वापस लेने के बारे में लिखित भरोसा मिलेगा. 

वीडियो: आधी रात सोनम वांगचुक से मिले जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह, क्या हुई बातचीत?

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