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कौन हैं रूबी ठाकुर जो 25 साल की उम्र में नेपाली संसद की डिप्टी स्पीकर चुनी गई हैं?

रूबी ठाकुर नेपाल की डिप्टी स्पीकर चुनी गई हैं. उनकी उम्र मात्र 25 साल है. रूबी ठाकुर श्रम संस्कृति पार्टी से सांसद चुनी गई हैं. डिप्टी स्पीकर चुनाव में रूबी ठाकुर को 229 वोट मिले. उन्हें अपनी पार्टी के अलावा सत्ताधारी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी, प्रमुख विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी का भी समर्थन मिला है

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रूबी ठाकुर नेपाल की सबसे कम उम्र की सांसद बनी हैं. (इंडिया टुडे)

जेन Z प्रोटेस्ट ने नेपाल की राजनीतिक सूरत बदल दी है. आंदोलन के बाद हुए चुनाव में देश की स्थापित पार्टियों की विदाई हो गई. बालेंद्र शाह के तौर पर देश को 36 साल का सबसे युवा प्रधानमंत्री मिला. उनके मंत्रिमंडल के सबसे बुजुर्ग मंत्री स्वर्णिम वागले की उम्र 51 साल है. इस फेहरिस्त में एक और रिकॉर्ड बना है. देश को रूबी ठाकुर के तौर पर जेन Z डिप्टी स्पीकर मिली हैं, जिनकी उम्र महज 25 साल है.

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इंडिया टुडे से जुड़े पंकज दास के इनपुट के मुताबिक, रूबी ठाकुर श्रम संस्कृति पार्टी से सांसद चुनी गई हैं. उन्हें Proportional Representation (PR) सिस्टम से चुना गया है. नेपाली संसद (प्रतिनिधि सभा) में 275 सीटें हैं. डिप्टी स्पीकर रूबी ठाकुर को चुनाव में 229 वोट मिले. उन्हें अपनी पार्टी के अलावा सत्ताधारी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी, प्रमुख विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी का भी समर्थन मिला है. राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी ने अपना कैंडिडेट दिया था, जबकि CPN-UML ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया. राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के कैंडिडेट को मात्र 5 वोट मिले.

नेपाल के संविधान के अनुसार, स्पीकर या डिप्टी स्पीकर में से कोई एक महिला होनी चाहिए. साथ ही दोनों पदों पर अलग-अलग राजनीतिक दलों का सदस्य चुना जाना चाहिए. 4 अप्रैल को राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता डोल प्रसाद आर्यल को सदन निर्विरोध डिप्टी स्पीकर चुना गया.

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रूबी ठाकुर का जन्म साल 2000 में धनुषा जिले के मुजलिया गांव में हुआ. उनके पिता सोगारथ ठाकुर सऊदी अरब में मजदूरी करते हैं. मां खेती बाड़ी का काम करती हैं. रूबी की शुरुआती पढ़ाई धनुषा से ही हुई. दसवीं पास करने के बाद उन्होंने धनुषा के ही बलारा पॉलिटेक्निक से सिविल इंजीनियरिंग में तीन साल की डिप्लोमा डिग्री ली. इसके बाद एक आर्क्टिेक्चर कंसल्टेंसी में सात महीने तक काम किया. यहां उनको हर महीने 20,000 रुपये वेतन मिलता था. इसका एक हिस्सा वह परिवार के खर्च के लिए भेज देती थीं.

रूबी ठाकुर श्रम संस्कृति पार्टी के संस्थापक हरक साम्पांग की राजनीतिक गतिविधियों से प्रभावित थीं. सोशल मीडिया पर उनका समर्थन भी करती थीं. बाद में वो सक्रिय तौर पर पार्टी से जुड़ीं. 5 मार्च को हुए आम चुनाव में उन्होंने श्रम संस्कृति पार्टी के लिए चुनाव प्रचार भी किया.

नेपाल में प्रतिनिधि सभा के लिए चुनाव होता है. जिसमें 275 सीटों पर प्रतिनिधि चुने जाते हैं. यहां मिक्स्ड इलेक्टोरल सिस्टम है. एक बैलेट पेपर में वोटर अपने निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार को वोट देता है. इस व्यवस्था को First Past The Post (FPTP) या प्रत्यक्ष मतदान कहते हैं. दूसरे बैलेट पेपर में राजनीतिक पार्टी वोट देती है. जिस पार्टी को जितने प्रतिशत वोट मिलते हैं, उसी हिसाब से उसे संसद में सीटें मिलती हैं. इस व्यवस्था को Proportional Representation (PR) सिस्टम कहा जाता है. Proportional Representation के तहत नेपाल के अलग-अलग समुदायों को प्रतिनिधित्व मिलता है. रूबी ठाकुर को PR के तहत मधेशी जनजाति कलस्टर से सांसद चुना गया.

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रूबी ठाकुर ने सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, दहेज और बाल विवाह जैसे मुद्दों पर काम करने का संकल्प लिया है. उन्होंने बताया कि कानूनी उपायों के बावजूद मधेश क्षेत्र के कई हिस्सों में ये प्रथाएं अभी भी चल रही हैं. संसद में वे इन मुद्दों को उठाएंगी. राजनीति के साथ-साथ रूबी ठाकुर आगे पढ़ाई भी कर रही हैं. वह सिविल इंजीनयरिंग में ग्रेजुएशन कर रही हैं.

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