आम आदमी पार्टी (AAP) ने 2 अप्रैल को सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के उप नेता पद से हटा दिया है. उनकी जगह पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को ये जिम्मेदारी दी गई है. पार्टी की ओर से राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर ये जानकारी दी गई है.
राघव चड्ढा और AAP की कड़वाहट सामने आई, राज्यसभा के उप नेता पद से हटाए गए
आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उप नेता पद से हटा दिया है. पार्टी की ओर से राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर इस फैसले की जानकारी दी गई है. उनकी जगह पार्टी ने राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को ये जिम्मेदारी सौंपी है.


इंडिया टुडे से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पत्र में ये भी लिखा गया है कि राघव चड्ढा को सदन में पार्टी की तरफ से बोलने का समय नहीं दिया जाए. राघव को साल 2022 में पंजाब से राज्यसभा सांसद चुना गया था. AAP ने 2023 में उनको राज्यसभा का उप नेता बनाया था. उच्च सदन में उनका कार्यकाल साल 2028 तक है.
पार्टी की ओर से इस फैसले की वजह नहीं बताई गई है. इस कदम से राघव की आम आदमी पार्टी से बढ़ती दूरी की खबरों पर मुहर लगती दिख रही है. हालांकि आप सांसद अशोक मित्तल ने बताया,
पार्टी में सब ठीक है. यह बदलाव एक रूटीन प्रोसेस है. पार्टी का मानना है कि सभी को मौका मिलना चाहिए.
लेकिन AAP का यह कदम पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं पर राघव चड्ढा की लगातार चुप्पी के बीच आया है. इसके चलते उनको आलोचना का सामना भी करना पड़ा है. साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान जब अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाले में गिरफ्तार किया गया था, तो पूरी पार्टी केंद्र के विरोध में खड़ी थी. लेकिन राघव चड्ढा उस दौरान आंख की सर्जरी कराने ब्रिटेन गए हुए थे. बाद में वापस लौट कर उन्होंने केजरीवाल से मुलाकात की थी.
उसके बाद से ही पार्टी के मसलों पर उनकी एक दूरी सी रही है. पिछले कुछ महीनों से तो उन्होंने पार्टी से जुड़े घटनाक्रमों को लेकर कोई बयान नहीं दिया है. 27 फरवरी को जब एक निचली अदालत ने दिल्ली शराब नीति केस में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया, तब भी राघव चड्ढा ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. राज्यसभा में भी वे गिग वर्कर्स और स्कूल फीस जैसे मुद्दे उठा रहे थे. पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को मिली राहत पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देने के चलते उनके बारे में कई तरह की चर्चाएं होने लगीं.
37 वर्षीय सांसद राघव पार्टी के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से भी गायब रहे हैं. इसमें पार्टी कार्यालय में अरविंद केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस और जंतर-मंतर पर आयोजित एक जनसभा भी शामिल है. चार्टर्ड अकाउंटेंट राघव साल 2012 में AAP की स्थापना के सामय से ही इसके साथ जुड़े हुए हैं और केजरीवाल के करीबियों में शुमार रहे हैं. वे पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष भी रह चुके हैं.
फिलहाल वो पार्टी के राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्य है. जोकि पार्टी से जुड़े मसलों पर निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है. विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के साथ AAP के जुड़ने में भी उनकी अहम भूमिका रही है. राघव चड्ढा साल 2022 में दिल्ली की राजेंद्र नगर सीट से विधायक चुने गए थे. इसके अलावा उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के सलाहकार के तौर पर भी काम किया है. फिलहाल वे पंजाब में पार्टी के सह-प्रभारी हैं.
वीडियो: Blinkit डिलीवरी एजेंट ने दिखाई 15 घंटे की कमाई, राघव चड्ढा ने क्या प्रतिक्रिया दी?


















