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देश में मुस्लिम विधायकों की संख्या में गिरावट, इन राज्यों में तो एक भी नहीं

ये गिरावट इसलिए भी ध्यान देने योग्य है, क्योंकि इन राज्यों में देश की मुस्लिम आबादी का एक बड़ा हिस्सा रहता है. उत्तर प्रदेश में लगभग 19 फीसदी मुस्लिम आबादी है, लेकिन उनके पास 8 फीसदी से भी कम सीटें हैं.

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अधिकतर राज्यों में जनसंख्या के मुकाबले मुस्लिम विधायकों की संख्या काफी कम हुई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर- पीटीआई)

साल 2014 में नरेंद्र मोदी के केंद्र की सत्ता में आने से पहले सिर्फ 7 राज्यों में बीजेपी और एनडीए की सरकार थी. अब बंगाल की जीत और असम में वापसी के बाद 14 राज्यों में बीजेपी की अकेले दम पर सरकार है. एनडीए को मिलाकर ये आंकड़ा 21 पहुंच जाता है. अब एक रिपोर्ट में बताया गया है कि जैसे-जैसे बीजेपी का विस्तार हुआ है, राज्यों में मुस्लिम विधायकों की संख्या में गिरावट आई है.

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2013 में देश भर के राज्यों में मुस्लिम विधायकों की संख्या 339 थी. लेकिन अब ये संख्या 282 रह गई है. बड़े राज्यों में ये गिरावट ज्यादा तेज है. उत्तर प्रदेश में मुस्लिम विधायकों की संख्या 63 से घटकर 34 हो गई है. वहीं बंगाल में ये संख्या 59 से घटकर 37 रह गई है, जबकि बिहार में मुस्लिम विधायको की संख्या 19 से घटकर 11 तक आ गई है. राजस्थान में भी 11 से घटकर 6 मुस्लिम विधायक रह गए हैं.

ये गिरावट इसलिए भी ध्यान देने योग्य है, क्योंकि इन राज्यों में देश की मुस्लिम आबादी का एक बड़ा हिस्सा रहता है. उत्तर प्रदेश में लगभग 19 फीसदी मुस्लिम आबादी है, लेकिन उनके पास 8 फीसदी से भी कम सीटें हैं. पश्चिम बंगाल में लगभग 27 फीसदी आबादी के मुकाबले मुस्लिम विधायकों की हिस्सेदारी लगभग 12.6 फीसदी है. बिहार में तो हालात सबसे खराब हैं. यहां लगभग 17 प्रतिशत आबादी के मुकाबले 4.5 फीसदी मुस्लिम विधायक हैं.

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दूसरे राज्यों की सूरतेहाल भी इससे अलग नहीं हैं. असम में एक तिहाई से ज्यादा मुस्लिम आबादी है, लेकिन सीटों में उनकी हिस्सेदारी लगभग 17 फीसदी है. महाराष्ट्र और कर्नाटक में मुस्लिम विधायकों की हिस्सेदारी 3 से 4 फीसदी है. जो उनकी कुल आबादी 10 फीसदी से काफी कम है.

यहां तक कि जम्मू और कश्मीर में भी मुस्लिम विधायकों की संख्या में गिरावट आई है. यहां उनकी संख्या 58 से घटकर 51 रह गई है.

जिन राज्यों में तुलनात्मक तौर पर मुस्लिम विधायकों का प्रतिनिधित्व बेहतर था, वहां भी गिरावट दर्ज हुई है. केरल में मुस्लिम विधायकों की संख्या 36 से घटकर 34 रह गई, जबकि कर्नाटक में ये आंकड़ा 11 से घटकर 9 हो गया. गुजरात में मुस्लिम विधायकों की संख्या 2 से एक हो गई. छत्तीसगढ़ में अब एक भी मुस्लिम विधायक नहीं है. इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, गोवा, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और छत्तीसगढ़ ये सात राज्य ऐसे हैं जिनमें मौजूदा समय में एक भी मुस्लिम विधायक नहीं है. 

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राज्य विधानसभाओं में मुस्लिमों की घटती हिस्सेदारी के बीच कुछ अपवाद भी हैं. तमिलनाडु में मुस्लिम विधायकों की संख्या 8 से बढ़कर 9 हो गई. मध्य प्रदेश और मेघालय में भी इनकी संख्या में मामूली बढ़त हुई है.

मुस्लिम विधायकों को प्रतिनिधित्व देने के मामले में कांग्रेस सबसे आगे है. फिलहाल कांग्रेस के सबसे ज्यादा 61 मुस्लिम विधायक हैं. उसके बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के 39 और तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के 34-34 विधायक हैं. बीजेपी के पास भी दो  मुस्लिम विधायक हैं. इनमें से एक मणिपुर से अचब उद्दीन और दूसरे त्रिपुरा से तफज्जल हुसैन हैं.

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