ऐन फ्रैंक. CBSE वाले इस नाम से परिचित होंगे. CBSE ने ‘डायरी ऑफ़ अ यंग गर्ल’ यानी ऐन फ्रैंक की डायरी को दसवीं कक्षा के सिलेबस में रखा है. ऐन फ्रैंक की कहानी उस वक़्त की है जब हिटलर चुन-चुन कर यहूदियों को मार रहा था. ऐन और उसका परिवार, जो कि यहूदी थे, दो साल तक छिपे रहे. अख़िर में वे पकड़े गए और एक कॉन्संट्रेशन कैंप में 15 साल की उम्र में ऐन की मृत्यु हो गई. इस कहानी की एक कड़ी मिसिंग है. यह बात आज तक कोई पुख्तगी से नहीं कह सकता कि ऐन के परिवार को किसने पकड़वाया था. अब 77 साल बाद, ऐन की कहानी के कथित जयचंद का पता चला है. देखिए वीडियो.
हिटलर के होलोकॉस्ट के दौरान छिपी ऐन फ्रैंक को किसने पकड़वाया था?
ऐन और उसका परिवार, जो कि यहूदी थे, दो साल तक छिपे रहे.
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