आदित्य 35 साल के हैं और अपने दिल से बहुत परेशान हैं. उनको भयानक वाले हार्ट पैल्पिटेशन महसूस होते हैं. यानी कभी-कभी उनका दिल इतना ज़ोर से धड़कता है कि सीने में दर्द होने लगता है. ऐसा लगता है जैसे फट जाएगा. एक बार तो वो इतना डर गए कि तुरंत अस्पताल भागे. उन्हें शक था कि कहीं ये हार्ट अटैक तो नहीं. वैसे भी आजकल लगातार कम उम्र के लोगों को हार्ट अटैक पड़ने की ख़बरे आ रही हैं. अस्पताल में आदित्य की जांच हुई, ECG और ईको हुआ. उसमें पता चला कि ये हार्ट अटैक तो नहीं था. उन्हें पैल्पिटेशन महसूस हो रहा था कुछ दवाइयों के कारण जो उनकी पिछले 3 महीनों से चल रही थीं. अब आदित्य तो लकी निकले, पर हर बार हार्ट पैल्पिटेशन इतना हार्मलेस नहीं होता.
दिल बिना बात तेज़ क्यों धड़कता है?
ज़्यादातर केस में घबराने की कोई बात नहीं होती, लेकिन...


आपने नोटिस किया होगा कि जब आप बहुत ज़्यादा डरे हुए, स्ट्रेस में या घबराए हुए होते हैं तो एक अजीब सी बैचनी, सीने में भारीपन और धड़कन तेज़ महसूस होती है. अब अगर ऐसा लंबे समय से हो रहा है तो ध्यान देने की ज़रुरत है. इसे हार्ट पैल्पिटेशन कहते हैं, ये क्या है डॉक्टर्स से जान लेते हैं.
हार्ट पैल्पिटेशन क्या होता है?ये हमें बताया डॉक्टर विवुध प्रताप सिंह ने.

हार्ट पैल्पिटेशन आजकल काफ़ी आम समस्या है. ज़्यादातर केसेज में घबराने की कोई बात नहीं होती. कुछ केसेज में ख़तरा हो सकता है. अगर दिल की धकड़न आपको नॉर्मल नहीं महसूस हो रही है. असहज लग रहा है. तो ऐसे में डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है. अगर धड़कन बहुत तेज़ है, रेगुलर नहीं है तो ध्यान दें. ज़्यादातर केसेज में ऐसा लगता है जैसे छाती से आवाज़ आ रही है. जैसे घोड़े दौड़ते हैं, उस तरह दिल धड़कता हुआ महसूस हो रहा है. दिल की धड़कन मिस हो रही है. इसे हार्ट पैल्पिटेशन कहते हैं.
कारणऐसा होने के पीछे 4 कारण हो सकते हैं. कार्डियक. कुछ बीमारियां जैसे एनीमिया, थायरॉइड. मानसिक कंडीशंस जैसे तनाव या दिमाग की कोई बीमारी. कई बार कुछ दवाइयों के कारण भी ऐसा हो सकता है. जैसे खांसी के सिरप. अस्थमा की दवाइयों के कारण ऐसा हो सकता है. ये ज़्यादातर ख़तरे वाली बात नहीं होती. कार्डियक कारणों पर ध्यान देना ज़रूरी है. कार्डियक यानी दिल की वजह से होने वाले लक्षण. अगर आपको दिल की बीमारी है. स्टेंट लग चुका है. हार्ट अटैक पड़ चुका है. दिल खून ठीक तरह से पंप नहीं कर रहा. दिल की दवाई खाते हैं. ऐसे में अगर हार्ट पैल्पिटेशन के लक्षण महसूस हों तो डॉक्टर से ज़रूर मिलें.
पैल्पिटेशन दिल के कई हिस्सों की बीमारी का सूचक हो सकता है. अगर दिल की आर्टरी ब्लॉक है तो पैल्पिटेशन हो सकता है. अगर दिल के करंट के तारों में समस्या है तो ऐसा हो सकता है. हार्ट के वॉल्व में समस्या होने पर भी ऐसा हो सकता है. अगर इसकी वजह से नॉर्मल ज़िंदगी में प्रॉब्लम हो रही है तो डॉक्टर को ज़रूर दिखाएं. अगर हार्ट बीट पल्स ऑक्सीमीटर पर 150 से ऊपर है तो डॉक्टर के पास जाएं.
डॉक्टर ईको करेगा. दिल की पंपिंग की जांच करेगा. ECG करेगा. 24 घंटे का ECG किया जाता है. कई बार 7 दिन का ECG भी किया जाता है. इससे आपके दिल का करंट कैसे चल रहा है, पता चलेगा. अगर ये लक्षण बहुत ज़्यादा महसूस हो रहे हैं तो ऐसे में इलेक्ट्रो फिजियोलॉजी स्टडी करनी पड़ती है. यानी हार्ट के करेंट के फाइबर की स्टडी की जाती है. इसलिए पैल्पिटेशन को हल्के में न लें.
हार्ट पैल्पिटेशन के जो लक्षण डॉक्टर ने बताए, अगर आपको वो महसूस हो रहे हैं तो तुरंत अपनी जांच करवाएं. ये ख़तरनाक भी हो सकता है.
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